Last Updated:
Pilibhit News : पीलीभीत में टनकपुर-बरेली हाईवे पर लगने वाले जाम से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है. गौहनिया चौराहे से जिला अस्पताल गेट तक तालाब की वजह से सड़क चौड़ी करने में अड़चन आ रही है. ऐसे में अब इस हिस्से में फ्लाईओवर बनाने की संभावना तलाशी जा रही है.
टनकपुर-बरेली हाईवे पर बनेगा फ्लाईओवर. (एआई तस्वीर)
पीलीभीत : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां टनकपुर-बरेली हाईवे पर लगने वाले जाम से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है. गौहनिया चौराहे से जिला अस्पताल गेट तक जमीन नहीं मिलने के कारण हाईवे चौड़ीकरण का काम अटक रहा है. ऐसे में अब इस हिस्से में फ्लाईओवर बनाने की संभावना तलाशी जा रही है. अगर योजना पर मुहर लगती है, तो शहर में लोगों को जाम से राहत मिल सकती है और टनकपुर की पहाड़ियों व जंगल की तरफ जाने वाले यात्रियों का सफर भी आसान हो सकता है.
तालाब बना चौड़ीकरण में बाधा
टनकपुर-बरेली हाईवे पर कचहरी से आसाम चौराहे तक वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है. हालत यह है कि थोड़ी दूरी तय करने में भी लोगों को काफी समय लग जाता है. हाईवे को 30 मीटर चौड़ा करने की योजना बनाई गई है. इसमें सड़क के बीच डिवाइडर बनाने का भी प्रावधान है. पहले हुए सर्वे में करीब 50 जगह अतिक्रमण मिला था. इसके अलावा बिजली के खंभों को भी दूसरी जगह शिफ्ट करना होगा. पर गौहनिया चौराहे से जिला अस्पताल गेट तक हाईवे चौड़ा करने में जमीन की कमी सामने आई है. सड़क के किनारे तालाब होने के कारण उसे पाटना आसान नहीं है. नियमों के तहत तालाब को पाटने पर कानूनी अड़चन भी है. इसी वजह से अब इस हिस्से में फ्लाईओवर बनाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है.
जंगल की ओर जाने वालों को भी मिलेगी राहत
प्रस्तावित योजना के तहत अशोक कॉलोनी गेट से जिला अस्पताल के गेट तक फ्लाईओवर बनाने की संभावना का अध्ययन किया जा रहा है. इसके साथ ही माधोटांडा जंगल की तरफ जाने वाली सड़क को भी फ्लाईओवर से जोड़ने पर विचार हो रहा है. इससे शहर के भीतर यातायात सुचारु होने और यात्रियों का समय बचने की उम्मीद है.
निर्माण एजेंसियों से मांगी रिपोर्ट
इस परियोजना पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की निगरानी में संबंधित निर्माण एजेंसियां और यूपी पीडब्ल्यूडी काम कर रहे हैं. अधिकारियों ने एजेंसियों से सर्वे रिपोर्ट मांगी है. रिपोर्ट में फ्लाईओवर की जरूरत और उसकी व्यवहारिकता का आकलन किया जाएगा. इसके बाद ही आगे की योजना स्पष्ट होगी. सिटी मजिस्ट्रेट प्यारे लाल मौर्य के मुताबिक, गौहनिया तालाब की वजह से हाईवे चौड़ीकरण में बाधा आ रही है. निर्माण एजेंसियां इस पर अध्ययन कर रही हैं. फिलहाल सर्वे रिपोर्ट का इंतजार है.