चुनाव आयोग में उथल-पुथल, 20 महीने में 20 चीफ इलेक्शन ऑफिसर का तबादला
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Election Commission News: SIR को लेकर चुनाव आयोग इन दिनों चर्चा के केंद्र में बना हुआ है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर आई एक मीडिया रिपोर्ट के बाद तो उनको पद से हटाने की मांग ने जोर पकड़ ली है. इस बीच, चुनाव आयोग में पिछले 20 महीने में 20 चुनाव अधिकारियों का तबादला करने की रिपोर्ट सामने आई है.
चुनाव आयोग में पिछले 20 महीनों में 20 मुख्य चुनाव अधिकारियों का तबादला किया गया है. (फाइल फोटो)
Election Commission News: देशभर में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के बीच भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के प्रशासनिक ढांचे में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिला है. फरवरी 2025 में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यभार संभालने के बाद से करीब 20 महीनों में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लगभग 18 से 20 मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) का तबादला किया गया है. इसी अवधि में आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों, उप निर्वाचन आयुक्तों (डीईसी) के स्तर पर भी कई अहम बदलाव हुए हैं.
‘इकोनॉमिक टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इतने कम समय में सीईओ के तबादलों की यह संभवतः सबसे बड़ी संख्या है. इससे पहले पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार के मई 2022 से फरवरी 2025 तक के करीब 33 महीने के कार्यकाल में लगभग 23 सीईओ के तबादले हुए थे. इस दौरान 2024 के लोकसभा चुनाव भी हुए थे. वहीं, सुनील अरोड़ा और सुशील चंद्रा के कार्यकाल वाले 41 महीनों में करीब 29 सीईओ के तबादले हुए थे. आमतौर पर लोकसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन अधिकारियों के ट्रांसफर की संख्या बढ़ जाती है.
2025 में कई राज्यों में बदले अधिकारी
वर्ष 2025 में 8 से 9 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सीईओ बदले गए, जबकि 2026 में अब तक कम से कम 10 और तबादले हुए हैं. निर्वाचन आयोग की परंपरा के अनुसार, प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के लिए किसी सीईओ को सामान्य तौर पर कम से कम 3 साल तक पद पर बनाए रखा जाता है. हालांकि, आंकड़ों से पता चलता है कि तबादला किए गए कम से कम 7 अधिकारियों का कार्यकाल 2 साल से भी कम रहा. तबादलों की शुरुआत अप्रैल 2025 में बिहार से हुई, जो जून 2025 में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू करने वाला पहला राज्य था. विनोद सिंह गुंजियाल ने एचआर श्रीनिवास की जगह पदभार संभाला. मई में नगालैंड और छत्तीसगढ़ में सीईओ बदले गए, जबकि जून में जम्मू-कश्मीर और हरियाणा को नए मुख्य निर्वाचन अधिकारी मिले. जुलाई में मध्य प्रदेश और कर्नाटक में नियुक्तियां हुईं. अगस्त में मणिपुर और लद्दाख में बदलाव किए गए. वर्ष के अंत में लक्षद्वीप के सीईओ का भी तबादला कर दिया गया.
लक्षद्वीप में तीन बार बदले सीईओ
लक्षद्वीप में नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच तीन अलग-अलग अधिकारी सीईओ के पद पर रहे. वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान इस जिम्मेदारी को संभालने वाले गौरव सिंह राजावत को नवंबर 2025 में स्थानांतरित किया गया. जनवरी 2026 में अवनीश कुमार ने पदभार संभाला, लेकिन जुलाई में उनकी जगह एएस शिवकुमार को नियुक्त कर दिया गया. वर्ष 2026 में पंजाब में जनवरी, दिल्ली और गुजरात में फरवरी, सिक्किम में मार्च तथा चंडीगढ़ में अप्रैल में सीईओ बदले गए. दिल्ली में एसआईआर की तैयारी का बड़ा हिस्सा पूरा कर चुकीं सीईओ आर. एलिस वाज को फरवरी में पद से हटा दिया गया. दिल्ली में अभी एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होनी बाकी है.
चुनाव के बाद भी जारी रहे बदलाव
विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद भी सीईओ स्तर पर फेरबदल जारी रहा. पश्चिम बंगाल के सीईओ मनोज अग्रवाल को राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया, जिसके बाद नीलम मणि ने उनकी जगह ली. केरल में अगस्त 2026 में डी. सजित बाबू ने रथन यू. केलकर की जगह सीईओ का पद संभाला. केलकर को मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन का सचिव नियुक्त किए जाने को लेकर भी सवाल उठे.
उप निर्वाचन आयुक्तों के स्तर पर भी फेरबदल
निर्वाचन आयोग के मुख्यालय निर्वाचन सदन में उप निर्वाचन आयुक्तों के स्तर पर भी कम से कम चार बड़े बदलाव हुए. मई 2025 में भानु प्रकाश येतुरु की नियुक्ति हुई, जबकि सितंबर 2025 में पवन कुमार शर्मा को इस पद पर लाया गया. अगस्त 2026 में संजय कुमार को अचानक उनके मूल कैडर में वापस भेजे जाने के बाद अक्टूबर 2026 में प्रकाश राजपुरोहित ने उप निर्वाचन आयुक्त का पद संभाला.