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House Construction Tips: नया मकान बनवाते समय दीवारों में सीलन आने की चिंता अक्सर लोगों को परेशान करती है. कई बार पाइपलाइन में लीकेज, खराब वॉटरप्रूफिंग या पानी की सही निकासी नहीं होने से दीवारों में नमी आने लगती है. ऐसे में निर्माण के समय ही जरूरी सावधानियां बरतना फायदेमंद हो सकता है. आगरा के सिविल इंजीनियर अजय भदौरिया ने बताया कि मकान को सीलन से बचाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में यदि आप नया मकान बनवा रहे हैं, तो निर्माण के समय ही कुछ जरूरी सावधानियां बरतकर दीवारों में सीलन आने की समस्या से बचाव कर सकते हैं. आगरा के ए.बी. कंस्ट्रक्शन में सिविल इंजीनियर अजय भदौरिया पिछले 16 वर्षों से भवन निर्माण के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि मकान बनवाते समय वॉटरप्रूफिंग, प्लंबिंग और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना चाहिए. बाजार में डॉ. फिक्सिट और अल्ट्राटेक जैसे ब्रांड के वॉटरप्रूफिंग केमिकल उपलब्ध हैं. इनका इस्तेमाल निर्माण के अलग-अलग चरणों में विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार किया जा सकता है.
इंजीनियर अजय भदौरिया के मुताबिक, मकान को सीलन से बचाने में प्लंबिंग का काम अहम भूमिका निभाता है. पाइपलाइन के किसी जोड़ में कमी रह जाने या मामूली लीकेज होने पर पानी धीरे-धीरे दीवारों के अंदर पहुंच सकता है. लंबे समय तक इसका पता नहीं चलने पर दीवारों में सीलन आने, पपड़ी छूटने और पेंट खराब होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए निर्माण के दौरान पाइपलाइन के सभी जॉइंट और कनेक्शन की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए. इसके साथ ही लीकेज टेस्ट कराना भी जरूरी है. बाथरूम और पानी के संपर्क में आने वाले अन्य हिस्सों में निर्माण सामग्री का चयन भी सावधानी से करना चाहिए.
उन्होंने बताया कि मकान बनाते समय एएसी (AAC) ब्लॉक का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. ये ब्लॉक हल्के होते हैं और सामान्य तौर पर पारंपरिक ईंटों की तुलना में कम पानी सोखते हैं. हालांकि, इनके इस्तेमाल के बाद भी उचित प्लास्टर और वॉटरप्रूफिंग जरूरी है. केवल एएसी ब्लॉक लगाने से सीलन की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती. सही प्लंबिंग, गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री और उचित वॉटरप्रूफिंग से दीवारों में नमी आने और पानी के रिसाव की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है.
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अजय भदौरिया के अनुसार, मकान की बाहरी नाली या पानी के संपर्क में आने वाले हिस्सों में आरसीसी (RCC) वॉल का इस्तेमाल उपयोगी हो सकता है. आरसीसी वॉल बनाने में कंक्रीट और सरिये का इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने बताया कि इसमें सामान्य तौर पर एम-20 ग्रेड के कंक्रीट का प्रयोग किया जाता है. हालांकि, संरचना की मजबूती और पानी के रिसाव से बचाव के लिए सही डिजाइन, पर्याप्त सरिया, उचित कंक्रीट मिश्रण और अच्छी वॉटरप्रूफिंग का ध्यान रखना जरूरी है.
उन्होंने यह भी बताया कि मकान की नाली में सही ढलान और ड्रेनेज व्यवस्था होना जरूरी है, ताकि पानी दीवारों के पास जमा न हो. यदि पानी लगातार दीवारों या नींव के आसपास जमा होता है, तो नमी से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं. इसलिए निर्माण के दौरान पानी की निकासी की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए.
इंजीनियर अजय भदौरिया का कहना है कि मकान को लंबे समय तक सीलन से सुरक्षित रखने के लिए केवल दीवारों और छत की मजबूती पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है. प्लंबिंग, वॉटरप्रूफिंग, निर्माण सामग्री और पानी की निकासी की व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं. निर्माण के समय पाइपलाइन के जॉइंट की जांच, सही सामग्री का चयन और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार वॉटरप्रूफिंग कराने से दीवारों में सीलन, पेंट खराब होने और पपड़ी निकलने जैसी समस्याओं से बचाव में मदद मिल सकती है.