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Off Season Mango Farming Tips: पश्चिम चम्पारण के किसान शिशिर दूबे ‘अरुणिमा’ आम की बागवानी कर रहे हैं, जिसकी तुड़ाई सितंबर-अक्टूबर में होती है. ऑफ सीजन में मिलने वाले इस आकर्षक और स्वादिष्ट आम की कीमत बाजार में 300 से 400 रुपए प्रति किलो तक मिलती है.
पश्चिम चम्पारण: आज हम आपको आम की एक ऐसी किस्म के बारे में बता रहे हैं, जिसकी हार्वेस्टिंग सितंबर से अक्टूबर मध्य तक की जाती है. उत्तर भारत के बाज़ारों में अगस्त के बाद जब आम की बिक्री लगभग खत्म हो जाती है, तब एक ऐसे आम की धमक होती है, जो दिखने में बेहद आकर्षक और स्वाद में मिश्री की तरह मालूम पड़ती है. जिले के नौतन प्रखंड निवासी कृषक शिशिर दूबे ने इस आम की बागवानी की है, जो अब हार्वेस्टिंग के बाद बाज़ार में जाने के लिए तैयार है.
बाजार में एक खास आम की धमक
शिशिर बताते हैं कि वो आम की एक खास किस्म ‘अरुणिमा’ की बागवानी पिछले पांच वर्षों से कर रहे हैं, जिसका फलन सामान्य किस्मों की तुलना में देरी से होता है. जुलाई के अंत तक जब उत्तर भारत के बाजारों से आम गायब हो जाते हैं, तब सितंबर से अक्टूबर महीने के मध्य में अरुणिमा आम की धमक होती है.
आधे किलो का आकर्षक आम
ज्यादातर आम की तुलना में अरुणिमा का रंग रूप बेहद आकर्षक और लुभावना होता है. इसका औसत वजन 350 से 400 ग्राम तक होता है. पकने पर इसके छिलके पर आकर्षक लाल और नीले रंग की परत छा जाती है, जो आम के दीवानों को अपनी तरह तुरंत आकर्षित करती है.
मुंह मांगी कीमत पर सौदा
शिशिर बताते हैं कि अरुणिमा आम का गूदा रस से भरा बिना रेशे का और अत्यधिक स्वादिष्ट होता है. बाज़ार में इसकी कीमत 300 से 400 रुपए प्रति किलो तक जाती है. मजे की बात यह है कि ऑफ सीजन होने की वजह से स्वाद के शौकीन बिना किसी मोल जोल के इसकी खरीदारी करते हैं.