सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टी को अब तक पता नहीं है कि अभिजीत दिपके कहां हैं? दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके को तिरंगा मार्च के दौरान हिरासत में लिया था. मगर सीजेपी का दावा है कि उसे अब तक दिपके के ठिकाने को लेकर अता-पता नहीं है. वहीं, देर शाम तक नेहा बोरा का भी कुछ पता नहीं चल पाया था कि पुलिस ने उन्हें कहां डिटेन कर रखा है. मगर अब आइसा यानी ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन का कहना है कि नेहा बोरा का पता चल गया है. कई घंटों तक नेहा बोरा के ठिकाने को लेकर अनिश्चितता बनी रही. मगर आधी रात को पता चला कि नेहा बोरा को पुलिस ने आरके पुरम थाने में हिरासत में ले रखा है.
जी हां, आइसा ने कहा कि उसके वकील आधी रात के आसपास आरके पुरम थाने में नेहा से मिल सके. इससे पहले उन्हें पांच घंटे तक दिल्ली में एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया गया. संगठन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी रिहाई के समय के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है. साथ ही, पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब होने की जानकारी होने के बावजूद पुलिस उन्हें दवाएं देने से इनकार कर रही है.
आइसा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘दिल्ली पुलिस ने नेहा को आधी रात तक थाने में क्यों रखा है? नेहा को कब रिहा किया जाएगा? एक महिला छात्र नेता को आधी रात में थाने में क्यों रखा जा रहा है?’
वहीं, सीजेपी ने आरोप लगाया कि उसके संस्थापक अभिजीत दीपके को किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है और संगठन का उनसे संपर्क टूट गया है. वहीं, आइसा ने पहले दावा किया था कि उसकी अध्यक्ष नेहा बोरा को दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली स्थित मादक पदार्थ रोधी कार्यबल प्रकोष्ठ में रखा गया है. सीजेपी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘दिल्ली पुलिस अभिजीत दीपके को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई है. हमारा उनसे संपर्क टूट गया है. उन्हें वकीलों से बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही है.’
सीजेपी ने कहा, ‘यह सरकार युवाओं के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार क्यों करती है? हम भारत के समान अधिकार वाले नागरिक हैं और संविधान के तहत मिलने वाले सभी संरक्षणों और अधिकारों के हकदार हैं.’ सीजेपी ने सवाल किया, ‘दिल्ली पुलिस, आप अभिजीत को कहां ले गए हैं? आपको हमें जवाब देना होगा. अभिजीत हाथ में तिरंगा लेकर अपने घर से बाहर निकले थे! तिरंगा लेकर चलना अपराध कैसे हो सकता है?’ पोस्ट में कहा गया, ‘आप एक अभिजीत को हिरासत में लेते हैं, तो हजारों अभिजीत खड़े हो जाएंगे. आप एक सौरव को जेल में डालते हैं, तो हजारों सौरव सड़कों पर उतरेंगे. आप एक आशुतोष को जेल में डालते हैं, तो हजारों आशुतोष दिल्ली पहुंचेंगे. तिरंगा हमारी जान है, तिरंगा हमारी शान है. हमें कोई नहीं रोक सकता.’
आइसा के पूर्व अध्यक्ष एन साई बालाजी ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस कृपया जवाब दे कि नेहा बोरा को सादे कपड़ों में आए लोगों ने बस में अकेले हिरासत में क्यों लिया? उनके आखिरी ठिकाने से पता चलता है कि उन्हें मंगोलपुरी स्थित मादक पदार्थ रोधी कार्यबल प्रकोष्ठ ले जाया गया था. फिर थाना यह क्यों कह रहा है कि वह वहां नहीं हैं?’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या दिल्ली पुलिस उन्हें अगवा करने और गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है?’
माकपा के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने कहा कि आइसा के एक प्रतिनिधि ने उन्हें बताया कि नेहा बोरा को ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन में शामिल होने जाते समय मंडी हाउस से दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था. ब्रिटास ने ‘एक्स’ पर लिखा कि नेहा को अकेले ले जाया गया और उनका फोन भी उनके पास नहीं था. सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने भी अभिजीत दीपके और नेहा का पता बताने की मांग की. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दीपके को झंडेवालान और नेहा को मंडी हाउस से हिरासत में लिया गया.