Tula Sankranti 2026: 17 अक्टूबर को तुला सं​क्रांति, 5 घंटे 43 मिनट पुण्य काल, नोट कर लें स्नान का मुहूर्त, करें इन वस्तुओं का दान

Tula Sankranti 2026: 17 अक्टूबर को तुला सं​क्रांति, 5 घंटे 43 मिनट पुण्य काल, नोट कर लें स्नान का मुहूर्त, करें इन वस्तुओं का दान


Tula Sankranti 2026: सूर्य की तुला संक्रांति 17 अक्टूबर शनिवार को है. ग्रहों के राजा सूर्य देव जब तुला राशि में प्रवेश करेंगे, उस समय तुला संक्रांति का क्षण होगा. तुला संक्रांति के दिन पुण्य काल 5 घंटे 43 मिनट का होगा, वहीं महा पुण्य काल 1 घंटा 54 मिनट का है. पुण्य काल में लोगों को स्नान और दान करना चाहिए. इससे पाप मिटते हैं और पुण्य लाभ होता है. तुला संक्रांति से सौर कैलेंडर का नया माह शुरू होगा. आइए जानते हैं कि तुला सं​क्रांति का समय क्या है? स्नान कब करें और दान क्या करें?

तुला सं​क्रांति 2026 तारीख

पंचांग के अनुसार, सूर्य का तुला राशि में प्रवेश 17 अक्टूबर शनिवार को शाम में 7 बजकर 57 मिनट पर होगा. उस समय तुला संक्रांति का क्षण होगा. इस दिन से सौर कैलेंडर का तुला माह प्रारंभ हो जाएगा.

तुला सं​क्रांति 2026 पुण्य काल

इस बार तुला सं​क्रांति का पुण्य काल 5 घंटे 43 मिनट का है. इस दिन पुण्य काल दोपहर में 12 बजकर 6 मिनट से शुरू हो रहा है और शाम को 5 बजकर 50 मिनट तक मान्य रहेगा.

तुला सं​क्रांति 2026 महा पुण्य काल

तुला सं​क्रांति का महा पुण्य काल दोपहर में 3 बजकर 55 मिनट से प्रारंभ होगा और शाम को 5 बजकर 50 मिनट तक रहेगा. महा पुण्य काल में आप स्नान आदि कर सकते हैं.

तुला सं​क्रांति का स्नान 2026

संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का विधान है. इससे पाप मिटते हैं और पुण्य मिलता है. तुला सं​क्रांति का स्नान आप पूरे पुण्य काल में कभी भी कर सकते हैं. नदी स्नान नहीं कर सकते हैं तो आप घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लें.

तुला सं​क्रांति पर क्या दान करें?

तुला सं​क्रांति के दिन आप स्नान के बाद अपनी क्षमता के अनुसार दान कर सकते हैं. इस दिन लोग अन्न, वस्त्र, फल, बर्तन, बिस्तर, कंबल आदि दान करते हैं. लेकिन यह दिन सूर्य से जुड़ा है तो आपको सूर्य की वस्तुओं का दान करना चाहिए.

ऐसे में आप गेहूं, लाल या नारंगी वस्त्र, गुड़, लाल चंदन, केसर, तांबा या तांबे के बर्तन, सोना, घी आदि का दान कर सकते हैं. इससे लाभ होगा. आपकी कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होगी. सूर्य दोष दूर हो जाएगा.

सूर्य का प्रभाव बढ़ने से करियर में नए अवसर प्राप्त होंगे. पिता के साथ संबंध मजबूत होंगे और उनका सहयोग प्राप्त होगा.

तुला सं​क्रांति के उपाय

  • तुला सं​क्रांति के अवसर पर आप सूर्य को अर्घ्य दें.
  • सूर्य के मंत्रों का जाप करें.
  • आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें.
  • सूर्य चालीसा पढ़ सकते हैं. इन सबको करने से सूर्य दोष दूर होगा.



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