Tesla ने लगभग नौ साल बाद अपनी पॉपुलर कार Roadster का नया और पूरी तरह रीडिज़ाइन किया गया वर्जन पेश किया है. 2017 में दिखाए गए कॉन्सेप्ट के लंबे इंतजार के बाद कंपनी ने तीन अलग-अलग कॉन्फ़िगरेशन का खुलासा किया है. इसमें परफॉर्मेंस, थ्रस्ट और रॉकेट शामिल है. इनमें सबसे खास है सिंगल-सीट रॉकेट वेरिएंट, जिसमें कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स लगे हैं. ये थ्रस्टर्स कार को हवा में उठने, पलटने और बैरल रोल जैसी एरोबेटिक चालें करने में सक्षम बनाते हैं.
कंपनी ने लाइव वेबकास्ट के जरिए इनवर्टेड ड्राइविंग, कंट्रोल्ड एयरबॉर्न फ्लिप और बैरल रोल का परफॉरमेंस दिखाया. कंपनी का दावा है कि रॉकेट वर्जन 0-60 मील प्रति घंटा (लगभग 96.6 किमी/घंटा) की स्पीड सिर्फ 0.59 सेकंड से भी कम में हासिल कर सकता है. प्रोडक्शन 2028 में शुरू होने का लक्ष्य रखा गया है और रिजर्वेशन भी खोल दिए गए हैं.
अलग-अलग वर्जन की खासियत
परफॉर्मेंस वर्जन दो सीट वाला है और सड़क पर इस्तेमाल के लिए बनाया गया है. इसमें एक्टिव एयरोडायनामिक्स और मल्टी-मोड सक्शन सिस्टम हैं. इसका 0-60 मील प्रति घंटा का समय 1.6 सेकंड से कम बताया गया है. थ्रस्ट वर्जन भी टू-सीटर है, लेकिन इसमें रियर-माउंटेड कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स जोड़े गए हैं. ये ट्रैक यूज़ के लिए है और 0.9 सेकंड से कम में 0-60 मील प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ लेता है.
सबसे टॉप पर सिंगल-सीट रॉकेट वर्जन है. इसमें पेरिमीटर-माउंटेड थ्रस्टर्स हैं, जो आगे-ऊपर की तरफ एक्सेलेरेशन और रोटेशन स्पीड देते हैं. इसका क्लेम 0.59 सेकंड से कम का है. सभी वर्जन में रेंज 300 मील (लगभग 483 किमी) से ज्यादा बताई गई है, जबकि रॉकेट की टॉप स्पीड 230 मील प्रति घंटा (370 किमी/घंटा) से ऊपर है.
थ्रस्टर्स और सक्शन सिस्टम कैसे काम करते हैं?
टेस्ला ने टायर के अलावा अतिरिक्त ग्रिप और प्रोपल्शन का सिस्टम डेवलप किया है. सक्शन सिस्टम कार को सड़क की तरफ खींचता है, जबकि कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स कंप्रेस्ड गैस छोड़कर फोर्स पैदा करते हैं. कंपनी का कहना है कि थ्रस्टर सिस्टम टायर से मिलने वाले फोर्स से चार से पांच गुना ज्यादा फोर्स दे सकता है. स्पेसएक्स की तकनीक को कार के लिए कस्टमाइज़ करने में नए हार्डवेयर और कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल हुआ है. कंप्रेस्ड गैस कार्बन-फाइबर प्रेशर वेसल्स में स्टोर की जाती है.
एयरक्राफ्ट से इंस्पायर्ड डिजाइन
डिजाइन में SR-71 और F-35 फाइटर जेट से इंस्पिरेशन ली गई है. शार्प एंगुलर बॉडी, हिडेन हेडलाइट्स, फुल-विड्थ रियर लाइट और फ्लश सरफेस इसकी खासियत हैं. ट्रैक मोड में रियर विंग खुलता है, जो ऑप्टिमस प्रोग्राम की एक्चुएटर तकनीक पर आधारित है. टेस्ला का दावा है कि एयरोडायनामिक डाउनफोर्स फॉर्मूला 1 के लेवल के करीब है.
केबिन और कम्फर्ट
अंदर अल्ट्रा-व्हाइट केबिन, ग्रे माइक्रोस्वेड और सपोर्टिव सीट बोलस्टर दिए गए हैं. वजन कम रखने के लिए मैग्नीशियम, टाइटेनियम और कार्बन फाइबर का इस्तेमाल हुआ है. सीट फिक्स्ड है. टेस्ला 2028 में प्रोडक्शन शुरू करने का लक्ष्य रख रही है. फिलहाल ये कॉन्सेप्ट है, लेकिन रिजर्वेशन खुल चुके हैं. फाइनल स्पेसिफिकेशन और डिलीवरी डिटेल्स अभी आने बाकी हैं.