Ranabaali X review: ‘राणाबली’ में विजय देवरकोंडा की मेहनत पर भारी पड़ी रश्मिका मंदाना? दूसरे हाफ ने बिगाड़ा खेल

Ranabaali X review: ‘राणाबली’ में विजय देवरकोंडा की मेहनत पर भारी पड़ी रश्मिका मंदाना? दूसरे हाफ ने बिगाड़ा खेल


नई दिल्ली. सिनेमाघरों में विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘राणाबली’ रिलीज होते ही चर्चा में आ गई है. फिल्म में दोनों की जोड़ी को एक बार फिर बड़े पर्दे पर देखने के लिए फैंस एक्साइटेड थे. रश्मिका-विजय की ‘राणाबली’ ऐसे समय पर रिलीज हुई है जब पहले से ही थिएटर्स में रजनीकांत की ‘जेलर 2’, अजय देवगन स्टारर ‘दृश्यम 3’ को लेकर दर्शकों में क्रेज देखने को मिल रहा है. वहीं, यामी गौतम की हॉरर-कॉमेडी ‘नई नवेली’ और राजकुमार राव की ‘प्रहार – द उज्ज्वल निकम स्टोरी’ भी आज ही रिलीज हुई है. हालांकि, शुरुआती सोशल मीडिया रिव्यू सामने आने के बाद दर्शकों की राय बंटी हुई नजर आ रही है. किसी ने विजय की मेहनत और दमदार डायलॉग की तारीफ की तो किसी को रश्मिका की स्क्रीन प्रेजेंस सबसे ज्यादा पसंद आई. लेकिन फिल्म का दूसरा हाफ कई दर्शकों को निराश करता दिख रहा है. चलिए जानते हैं X यूज़र्स इस फिल्म के बारे में क्या कह रहे हैं

‘राणाबली’ को लेकर एक्स पर दर्शक अपनी प्रतिक्रियाएं शेयर कर रहे हैं. कुछ लोगों को फिल्म में विजय और रश्मिका की केमिस्ट्री पसंद आई है. वहीं, कुछ दर्शकों ने कहानी के इमोशनल पहलुओं और ब्रिटिश अत्याचारों को पर्दे पर दिखाने के तरीके की तारीफ की है. फिल्म के दमदार डायलॉग भी दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं.

कैसी है फिल्म

कई दर्शकों ने विजय देवरकोंडा की दमदार एक्टिंग और पर्दे पर उनकी शानदार मौजूदगी की तारीफ की है. वहीं, रश्मिका मंदाना की परफॉर्मेंस को भी सराहना मिली है. एक यूजर ने फिल्म की कहानी कहने के अंदाज के लिए निर्देशक राहुल सांकृत्यान की तारीफ करते हुए लिखा, ‘अभी-अभी #Ranabaali देखी. क्या फिल्म है! शानदार. राहुल संक्रित्यन की सोच और कहानी कहने के अंदाज की जितनी तारीफ की जाए, कम है. जिस तरह उन्होंने भावनाओं, किरदारों और हर सीन को पर्दे पर उतारा है, उससे सिनेमा के प्रति उनका जुनून और समर्पण झलकता है.’ इस दर्शक ने फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार दिए.

विजय-रश्मिका साथ आए पसंद

एक दूसरे दर्शक को फिल्म के लीड कलाकारों की परफॉर्मेंस काफी पसंद आई, हालांकि उसे कुछ हिस्से थोड़े धीमे लगे. दर्शक ने लिखा, ‘विजय देवरकोंडा ने दमदार अभिनय किया है. उनकी इंटेंसिटी और स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म को संभालती है. रश्मिका मंदाना भी उतनी ही शानदार हैं और दोनों की केमिस्ट्री अच्छी लगती है. फिल्म कुछ जगहों पर थोड़ी धीमी जरूर पड़ती है, लेकिन इसके दमदार पल इसे देखने लायक बनाते हैं.’

दूसरे हाफ की रफ्तार, एडिटिंग और बैकग्राउंड म्यूजिक पर सवाल

फिल्म को लेकर सामने आ रही निगेटिव रिएक्शन में दूसरे हाफ की रफ्तार, एडिटिंग और बैकग्राउंड म्यूजिक पर सवाल उठाए गए हैं. एक दर्शक ने फिल्म को ‘बोरिंग वॉच’ बताते हुए कहा कि इसकी एडिटिंग, बैकग्राउंड स्कोर और भावनात्मक कहानी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती. वहीं, कुछ दर्शकों को फिल्म में जरूरत से ज्यादा हिंसा भी खली.

एक ने लिखा- ‘फिल्म खत्म हो गई, दूसरा हिस्सा बहुत थकाऊ था… विजय की मेहनत बेकार गई… रश्मिका जब स्क्रीन पर आती हैं, बस तभी कुछ अच्छा लगता है!! अजय-अतुल का संगीत काफी निराश करने वाला है, और फिल्म में बहुत ज़्यादा बेमतलब की हिंसा और सीन हैं.कुल मिलाकर, एक ऐसी फिल्म जिसे आसानी से भुलाया जा सकता है.’

एक अन्य ने लिखा- ‘राणाबाली – पहला हाफ सुस्त है. विजय देवरकोंडा और रश्मिका वाले हिस्से अच्छे हैं और उन्हें बढ़िया तरीके से पेश किया गया है, लेकिन बाकी कहानी बहुत धीमी और नीरस है और कई जगहों पर इसमें ज़रूरत से ज्यादा हिंसा है. ब्रिटिश वाले हिस्से कोई खास इमोशनल असर नहीं छोड़ पाते और उन्हें बहुत ही साधारण तरीके से दिखाया गया है.अब तक तो बैकग्राउंड म्यूजिक (BGM) भी ​​काफी निराश करने वाला रहा है.’



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