Rahul Gandhi Core Team: कांग्रेस नेता राहुल गांधी बीते कुछ महीनों से केंद्र सरकार और खासकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जबरदस्त तरीके से हमला बोल रहे हैं. राहुल गांधी का यह नया रूप साल 2024 के बाद देखने को मिल रहा है. ऐसा नहीं कि राहुल गांधी पहले मोदी सरकार पर हमला नहीं बोलते थे. पहले भी राहुल गांधी इसी तरह से हमला बोलते थे, लेकिन मामला अदालत तक पहुंच जाता था, जिससे फजीहत होती थी. लेकिन अब राहुल गांधी संभलकर और अंदाज बदलकर बोलने लगे हैं. साल 2024 में राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष बने तो, उनके लिए यह पद पहला संवैधानिक पद था, जो उन्हें सांसद के तौर पर अपने लगातार पांचवें कार्यकाल में मिला. नेता प्रतिपक्ष चुने जाने के बाद उनकी भूमिका और जिम्मेदारियां बढ़ गई थी. इसी को ध्यान में रखकर वह साल 2024 में अपनी कोर टीम का विस्तार किया. राहुल गांधी की टीम में 9 से 10 ऐसे अहम सदस्य हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर राहुल गांधी से जुड़े हर काम को संभालते हैं. इसमें बिहारी, बंगाली औऱ गुजराती सबलोग हैं. आइए जानते हैं राहुल गांधी की टीम में सबसे ज्यादा किस शख्स की चलती है.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अभी ‘वोट चोरी’ और एसआईआर के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोल रहे हैं. पिछले कुछ महीनों से उन्होंने अपने रुख को और भी सख्त कर दिया है. सबसे पहले उन्होंने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के नाम से अभियान चलाया. इसके बाद नीट-यूजीसी पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन में भी उन्होंने पर्दे के पीछे और आगे दोनों तरीके सहयोग दिया. कॉकरोच जनता पार्टी के इस आंदोलन में राहुल गांधी ने बड़ी चालाकी से सपोर्ट किया. अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर भी प्रोटेस्ट में वह शामिल हो गए हैं. पिछले दिनों राहुल गांधी की अगुआई में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर शीर्ष अदालत में याचिका दायर की गई.
ICICI बैंक के पूर्व कर्मचारी सवाई कई सालों से राहुल गांधी के साथ काम कर रहे हैं. (फाइल फोट)
अलंकार सवाई
ICICI बैंक के पूर्व कर्मचारी सवाई कई सालों से राहुल गांधी के साथ काम कर रहे हैं. वे राहुल गांधी की ‘आंख और कान’ हैं. राहुल गांधी से मिलने से पहले सवाई आखिरी पड़ाव होते हैं. विचारधारा से अंबेडकरवादी और बौद्ध धर्म को मानने वाले सवाई, राहुल गांधी के हितों को सबसे ऊपर रखते हैं और बदले में गांधी भी उनके सुझावों और सलाह को मानते हैं. इतने सालों में, सवाई ने पूरे देश में ऐसे लोगों की एक टीम तैयार कर ली है, जो उन्हें सीधे जमीनी स्तर की जानकारी ग्राउंड इंटेलिजेंस देते हैं. इसी जानकारी के आधार पर, वे राहुल गांधी के दौरों, कार्यक्रमों और राजनीतिक रणनीतियों की योजना बनाते हैं. वे बहुत ही लो-प्रोफाइल रहते हैं और किसी भी विवाद से बचने के लिए बहुत सतर्क रहते हैं. 2023 में प्रवर्तन निदेशालय ने तृणमूल कांग्रेस के नेता साकेत गोखले को किए गए कुछ वित्तीय लेन-देन के मामले में उनसे पूछताछ की थी. उन्होंने पूरी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान राहुल गांधी के साथ कदम से कदम मिलाकर यात्रा की और राहुल गांधी की गैर-राजनीतिक कार्यकर्ताओं तथा युवाओं के साथ मुलाकातें भी आयोजित करवाईं.
कौशल विद्यार्थी
बिहार के रहने वाले और ऑक्सफोर्ड से पढ़े कौशल विद्यार्थी, राहुल गांधी की कार्य-योजना में सवाई जितने ही महत्वपूर्ण हैं. 2019 में, विद्यार्थी राहुल गांधी के आधिकारिक निजी सचिव थे. वे अक्सर संसद सत्र या यात्राओं के दौरान राहुल गांधी के साथ दिखाई देते हैं. वे गांधी और अन्य राजनीतिक नेताओं के बीच एक कड़ी का काम करते हैं. राहुल गांधी से पार्टी के अन्य नेताओं तक और वहां से वापस राहुल गांधी तक की बातचीत विद्यार्थी के ज़रिए ही होती है. गांधी के लिए मीटिंग और अपॉइंटमेंट तय करने तथा उनका दिन भर का कार्यक्रम तैयार करने के अलावा, विद्यार्थी एक बैक-एंड रिसर्च टीम की मदद से गांधी के भाषणों के लिए इनपुट भी जुटाते हैं. वे राहुल गांधी के दौरों की योजना भी बनाते हैं और काम पूरा होने तक ज़मीनी स्तर के नेताओं के साथ तालमेल बिठाकर काम करते हैं. शांत स्वभाव वाले विद्यार्थी को पार्टी के भीतर एक ऐसा व्यक्ति माना जाता है, जिससे कोई भी आसानी से बात कर सकता है; वे सबकी बात सुनते हैं और राहुल गांधी तक फीडबैक पहुंचाते हैं.
कई लोग अपनी-अपनी नौकरी छोड़कर राहुल गांधी की टीम में शामिल हो गए.
केबी बायजू
पूर्व एसपीजी अधिकारी केबी बायजू ने 2010 में अपनी नौकरी छोड़ दी और राहुल गांधी की टीम में शामिल हो गए. बायजू विपक्ष के नेता की पूरी लॉजिस्टिक्स और यात्रा व्यवस्था संभालते हैं. वे गांधी की आवाजाही को लेकर सुरक्षा टीम के साथ तालमेल बिठाते हैं और विभिन्न सरकारी विभागों से जरूरी मंजूरी लेकर यात्रा योजना को सुचारू रूप से पूरा करना सुनिश्चित करते हैं. वे गांधी के दौरों की योजना बनाते हैं और मदद के लिए कांग्रेस के भरोसेमंद स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं को तैनात करते हैं. देश भर में निकाली गई ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान भी वे गांधी के साथ थे. इस साल जनवरी में, जोरहाट में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के तय रूट से भटकने के आरोप में असम पुलिस ने बायजू और कांग्रेस के अन्य नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था. फरवरी में राज्य पुलिस ने उनसे पूछताछ भी की थी.
सुनील कानूगोलु
चुनाव रणनीतिकार सुनील कानूगोलु ने 2022 में कांग्रेस के साथ काम करना शुरू किया और वे 2024 के लिए कांग्रेस की चुनाव टास्क फोर्स का हिस्सा थे. कर्नाटक और तेलंगाना विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत, और गांधीजी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है. कांग्रेस के साथ स्वतंत्र रूप से काम करने से पहले, वे प्रशांत किशोर के साथ जुड़े हुए थे. कानूगोलु पार्टी के लिए सर्वे और कैंपेन मैनेजमेंट का काम करते हैं, साथ ही राहुल गांधी को महत्वपूर्ण जानकारी और सुझाव भी देते हैं. वे आगामी चुनावों के लिए राजनीतिक इनपुट, सुझाव और भविष्य की योजनाएं बनाने के साथ-साथ पार्टी का नैरेटिव तैयार करने में भी मदद करते हैं.
कांग्रेस मुख्यालय में चाय पर राहुल गांधी ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को कायर और लालची बताया था. (फाइल फोटो)
बी. श्रीवत्सा
कांग्रेस कार्यकर्ता बी. श्रीवत्सा 2021 में गांधी की टीम से जुड़े. श्रीवत्सा ने 2004 में कर्नाटक में एक कांग्रेस बूथ कार्यकर्ता के रूप में शुरुआत की थी, जिसके बाद वे यूथ कांग्रेस और फिर कर्नाटक कांग्रेस से जुड़े. इस बीच, उन्होंने विप्रो और बॉश जैसी कंपनियों के साथ सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में 10 साल तक काम किया. वे कर्नाटक कांग्रेस और तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन का काम संभालते थे. 2021 में, वे दिल्ली आ गए ताकि पूरी तरह से गांधी की सोशल मीडिया उपस्थिति और नैरेटिव बनाने पर काम कर सकें. गांधी के सोशल मीडिया अकाउंट्स को संभालने से लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन टीम तथा राज्य की टीमों के साथ तालमेल बिठाने तक, श्रीवत्सा के पास काफी जिम्मेदारियां हैं. उन्होंने एक कोर टीम तैयार की है, जो गांधी की बैठकों, उनकी यात्राओं और चुनावी कार्यक्रमों पर काम करती है, साथ ही सोशल मीडिया के लिए कंटेंट भी बनाती है. राहुल गांधी के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर जो कुछ भी पोस्ट किया जाता है, उसके पीछे श्रीवत्सा ही होते हैं. हालांकि, ऐसा करने से पहले वे गांधी से चर्चा करते हैं और उनकी मंजूरी लेते हैं.
इसके अलावा भी राहुल गांधी की टीम में कई दिगग्ज हैं. लेकिन ये तीन-चार चेहरे मुख्य रूप से राहुल गांधी का पूरा कार्यक्रम और दौरों के साथ-साथ रिसर्च का वर्क देखते हैं. इसके अलावा मल्लिार्जुन खरगे की टीम, प्रियंका गांधी वाड्रा की टीम, के सी वेणुगोपाल, सेम पित्रोदा, एम टैगोर, गौरव गोगई जैसे नेता भी राहुल गांधी की टीम के साथ जुड़े हैं और अहम जानकारी देते हैं.