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Nalanda News: नालंदा में शराब तस्करों के हमले में जवान की मौत मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. उत्पाद विभाग के जवान की मौत शराब माफिया की गोली से नहीं बल्कि साथी की गोली से हुई. दरअसल, जब टीम माफिया का पीछा कर रही थी. इसी बीच होमगार्ड जवान ने तस्करों पर निशाना साध कर राइफल से गोली चलाई, आगे चली रही गाड़ी में साथी को लग गई. जिससे उसकी मौत हो गई.
महिला दरोगा को हिरासत में लिया गया.
नालंदाः बिहार के नालंदा से हैरान करने वाला केस सामने आया. जहां दावा किया गया था कि शराब तस्करों ने छापेमारी टीम पर गोलीबारी की थी. लेकिन पुलिस की जांच में सामने आया कि सिपाही की मौत शराब तस्करों की गोली से नहीं, बल्कि अपनी ही टीम के एक होमगार्ड जवान की राइफल से निकली गोली लगने से हुई. मामले में नालंदा में तैनात महिला दारोगा पुष्पा कुमारी समेत अन्य कर्मियों को हिरासत में लिया.
तस्करों का पीछा करते हुए चली गोली
पटना मुख्यालय से उत्पाद विभाग की टीम शराब तस्करों की गाड़ी का पीछा कर रही थी. टीम में महिला दारोगा पुष्पा कुमारी, स्थानीय होमगार्ड जवान और बाहरी जवान भी शामिल थे. सभी दो गाड़ियों से तस्करों का पीछा कर रहे थे. बताया जा रहा है कि शराब तस्करों की गाड़ी तेज रफ्तार से भाग रही थी. उसे रोकने के लिए एक होमगार्ड जवान ने अपनी राइफल से गोली चलाई, लेकिन गोली तस्करों की गाड़ी को लगने के बजाय आगे चल रही उत्पाद विभाग की दूसरी गाड़ी में जा लगी. इससे विभाग के एक सिपाही की मौत हो गई.
वरीय अधिकारियों को नहीं दी गई थी सूचना
उत्पाद अधीक्षक संजय कुमार चौधरी के मुताबिक, छापेमारी की जानकारी जिले के वरीय अधिकारियों और स्थानीय थाने को पहले से नहीं दी गई थी. उनके अनुसार, पटना मुख्यालय से आई ईआईबी टीम में सक्षम पदाधिकारी के बजाय केवल दो सिपाही शामिल थे. घटना के बाद शराब तस्करों की गोलीबारी में जवान की मौत होने की बात सामने आई थी. हालांकि, पुलिस की जांच में अब तक सामने आए तथ्यों ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अधिकारियों की भूमिका और घटना के बाद दी गई जानकारी की भी जांच की जा रही है.
महिला दारोगा समेत कई कर्मियों से पूछताछ
मामले में महिला दारोगा पुष्पा कुमारी और अन्य कर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी है. गोली चलाने वाले होमगार्ड जवान की भूमिका की भी जांच की जा रही है. लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के आरोपों को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. घटना रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है. पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ने के बाद घटना की शुरुआती कहानी और सामने आए तथ्यों में अंतर उजागर हुआ.