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Patna News: बिहार में सरकारी इंजीनियर की काली कमाई का राज खुल गया. आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनके पटना, छपरा, कटिहार समेत अन्य ठिकानों पर रेड मारी गई. विजिलेंस टीम की रेड में तकरीबन 5 लाख कैश, सोना-चांदी के जेवर और हीरे की अंगूठी से लेकर जमीन के दस्तावेज मिले.
कटिहार में कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर के आवास पर रेड.
पटनाः बिहार में एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के ठिकानों पर 15 अक्टूबर को रेड मारी गई. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह के चार ठिकानों पर छापेमारी की. इसमें टीम ने पटना, छपरा, कटिहार और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक साथ तलाशी ली. शुरुआती जांच में लगभग 5 लाख रुपए कैश, सोने-चांदी के जेवरात और जमीन से जुड़े कागजात मिले. अधिकारी पर करीब 1.10 करोड़ रुपए की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है.
छापेमारी में कितना कैश मिला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निगरानी टीम को चंद्रशेखर सिंह के पटना स्थित आवास से करीब साढ़े तीन लाख रुपए और कटिहार स्थित पैतृक आवास से करीब ढाई लाख रुपये नकद मिले हैं. इस तरह दोनों जगहों से कुल करीब 5.70 लाख रुपये कैश बरामद होने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, शुरुआती रिपोर्ट में पटना के आवास से 3.20 लाख रुपये मिलने की भी बात कही गई थी.
250 ग्राम सोना और हीरे की अंगूठी भी मिली
कटिहार के लोहिया नगर स्थित पैतृक आवास पर तलाशी के दौरान सोने-चांदी के जेवर भी मिले हैं. करीब 250 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं. इसके अलावा एक हीरे की अंगूठी मिलने की भी बात सामने आई है. जांच में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के पास जमीन खरीदने का मामला भी सामने आया है. अधिकारियों के मुताबिक, चंद्रशेखर सिंह की पत्नी श्वेता कुमारी के नाम पर साल 2021 में 10 डीड के जरिए कुल 92 डिसमिल जमीन खरीदी गई थी. यह जमीन दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा थाना क्षेत्र में बताई गई. इसकी खरीद के समय चंद्रशेखर सिंह फारबिसगंज में सहायक अभियंता के पद पर तैनात थे.
14 अचल और 5 चल संपत्तियों के दस्तावेज मिले
निगरानी ब्यूरो की शुरुआती जांच में चंद्रशेखर सिंह, उनकी पत्नी और परिजनों के नाम पर 14 अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं. इन संपत्तियों का मूल्य करीब 1 करोड़ 79 लाख 41 हजार रुपये बताया गया. इसके अलावा 5 चल संपत्तियों का मूल्य करीब 16 लाख 55 हजार रुपये आंका गया है. तलाशी के दौरान बैंक खातों, शेयर और एलआईसी में निवेश से जुड़े कागजात भी मिले हैं. पटना में तीन बेडरूम वाले फ्लैट और कटिहार स्थित पैतृक आवास में दो बेडरूम वाले फ्लैट से संबंधित जानकारी भी सामने आई है.