नई दिल्ली. वो भी एक दौर था जब क्रिकेट ब्रॉडकास्टिंग में सिर्फ पुरुष प्रेजेंटर्स का बोलबाला था. रवि शास्त्री और सुनील गावस्कर जैसे दिग्गज जब टाई-सूट पहनकर मैच का विश्लेषण करते दिखते थे, उस समय मयंती लैंगर ने तमाम हिचक और लोक-लाज की परवाह किए बिना इस पुरुष-प्रधान क्षेत्र में अपनी निडर दस्तक दी. शॉर्ट स्कर्ट और अपने बिंदास अंदाज में स्क्रीन पर आकर उन्होंने न सिर्फ पुरानी धारणाओं को तोड़ा, बल्कि अपनी मेहनत, सटीक खेल समझ और लगन के दम पर अपनी एक अलग पहचान बनाई. क्रिकेट से शुरुआती डर और लोगों की ट्रोलिंग के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी. 20 साल पहले शुरू हुआ उनका यह साहसी सफर आज हर किसी के लिए प्रेरणा है, जिसने उन्हें भारतीय खेल प्रसारण जगत की सबसे सफल और पहचान बनाने वाली महिला प्रेजेंटर के रूप में स्थापित कर दिया.
दिल्ली के एक आर्मी परिवार में जन्मी मयंती लैंगर (Mayanti Langer) आज खेल प्रसारण जगत का एक जाना-माना नाम हैं. हालांकि उनकी पहचान मुख्य रूप से क्रिकेट से जुड़ी है, लेकिन उनके करियर की असली नींव फुटबॉल के मैदान से पड़ी थी. साल 2007 में उन्होंने आईसीएल के जरिए क्रिकेट होस्टिंग की दुनिया में कदम रखा, जिसके बाद उन्होंने फीफा वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंट कवर किए. लगातार चार बार रिजेक्शन झेलने के बाद साल 2018 में वह आखिरकार आईपीएल ब्रॉडकास्टिंग का हिस्सा बनीं. दिल्ली के हिंदू कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स की पढ़ाई करने वाली मयंती लैंगर आज खेल प्रसारण जगत (sports broadcasting) का एक ऐसा नाम बन चुकी हैं, जिसे किसी परिचय की जरूरत नहीं है. हालांकि आज उनकी पहचान मुख्य रूप से क्रिकेट की दुनिया से जुड़ी है, लेकिन उनका यह सफर क्रिकेट की 22 गज की पिच से शुरू नहीं हुआ था, बल्कि इसकी नींव फुटबॉल के मैदान पर पड़ी थी.
स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद मयंती का इरादा डिजाइनिंग के क्षेत्र में जाने का था. 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक हासिल करने के बावजूद जब उनका चयन उनके द्वारा चुने गए किसी भी डिजाइनिंग कॉलेज में नहीं हुआ, तो किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था. कॉलेज के दिनों में ही उनकी जिंदगी ने एक ऐसा मोड़ लिया, जिसने उन्हें देश की शीर्ष खेल प्रसारकों में ला खड़ा किया.
पॉकेट मनी के लिए शुरू हुआ सफर बना बड़ा करियर
वर्व मैगजीन को दिए एक इंटरव्यू में मयंती लैंगर ने कहा कि ब्रॉडकास्टिंग की दुनिया में उनका आना एक इत्तेफाक था. वह जी स्पोर्ट्स की उस टीम का हिस्सा थीं जो लड़कियों की एक फुटबॉल लीग पर स्टोरी कवर कर रही थी. उस समय मयंती एक कोऑर्डिनेटर के रूप में काम कर रही थीं. पॉकेट मनी कमाने के उद्देश्य से शुरू हुआ यह काम उनके लिए बेहद लाभकारी करियर का पहला पायदान बन गया. कॉलेज की पढ़ाई पूरी करते ही उन्हें ज़ी के साथ छह महीने का कॉन्ट्रैक्ट मिल गया और वह जल्द ही उनके फुटबॉल प्रोग्रामिंग का मुख्य चेहरा बन गईं.
शुरुआत में क्रिकेट के ऑफर को कई बार ठुकराया
इसके बाद साल 2007 में उनके जीवन में क्रिकेट की एंट्री हुई, जब ज़ी ने उन्हें तब बंद हो चुकी इंडियन क्रिकेट लीग (ICL) को होस्ट करने का प्रस्ताव दिया. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने एक बार नहीं बल्कि कई बार इस ऑफर को ठुकरा दिया था. मयंती ने इंटरव्यू में खुलासा किया कि इसके पीछे की वजह इस खेल से उनकी अनभिज्ञता थी. आज से लगभग 20 साल पीछे मुड़कर देखें तो किसी महिला एंकर द्वारा क्रिकेट के लिए ना कहना अविश्वसनीय लग सकता है. उन्होंने मैगजीन को बताया, ‘कोई क्रिकेट के लिए ना कैसे कह सकता है? मैं क्रिकेट देखकर बड़ी नहीं हुई थी. और मैं ऐसे क्षेत्र में नहीं जाना चाहती थी जिसके बारे में मुझे कुछ भी पता न हो. मुझे डर था कि मुझे बेरहमी से ट्रोल किया जाएगा और पूरी तरह से आलोचनाओं में घेर लिया जाएगा.’
2010 फीफा वर्ल्ड कप से मिला बड़ा ब्रेक
साल 2010 में मयंती ने ज़ी छोड़कर फ्रीलांसिंग की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद उन्हें ईएसपीएन के साथ 2010 फीफा वर्ल्ड कप कवर करने का बड़ा मौका मिला. इस दौरान उन्हें जॉन डाइक्स और एलन विल्किंस जैसे दिग्गज प्रस्तुतकर्ताओं के साथ काम करने का अनुभव मिला, जिन्हें वह अपना आदर्श मानती हैं. वर्व मैगजीन की रिपोर्ट के अनुसार, इसी साल उन्होंने मेंस हॉकी वर्ल्ड कप और उसके बाद 2012 के लंदन ओलंपिक को भी कवर किया. इसके अलावा वह कई क्रिकेट वर्ल्ड कप का भी हिस्सा रह चुकी हैं.
लगातार चार बार आईपीएल से मिली रिजेक्शन
स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी मयंती के लिए आईपीएल का सफर काफी लंबा रहा. उन्होंने खुद खुलासा किया था कि उन्हें लगातार चार बार आईपीएल के लिए रिजेक्ट कर दिया गया था. उन्होंने मैगजीन को बताया कि 2011 के सीजन से पहले प्रसारण टीम से उन्हें फोन आया था कि वे तैयार रहें, लेकिन अंततः वह फाइनल प्लान का हिस्सा नहीं बन पाईं. मयंती के लिए यह दौर काफी निराशाजनक था, लेकिन इससे उन्हें इस लीग को एक अलग नजरिए से देखने का मौका मिला.
स्टुअर्ट बिन्नी के साथ फ्रेंचाइजी का अनुभव
यह वह दौर था जब वह क्रिकेटर स्टुअर्ट बिन्नी के साथ अपने वैवाहिक जीवन में थीं. स्टुअर्ट संन्यास लेने से पहले तीन अलग-अलग फ्रेंचाइजी का हिस्सा रह चुके थे. उस अनुभव को याद करते हुए मयंती ने वर्व मैगजीन से साझा किया, ‘अब पीछे मुड़कर देखने पर मुझे इसकी अहमियत समझ आती है. एक प्रसारक के तौर पर आप कई अनुभवों से चूक जाते हैं. मैं सात साल राजस्थान रॉयल्स, एक साल मुंबई इंडियंस और दो साल रॉयल चेयरमैन बैंगलोर (RCB) के साथ स्टुअर्ट की इस यात्रा का हिस्सा रही हूं. जब आरसीबी फाइनल में पहुंची थी, तब मैं परिवार के साथ स्टैंड्स में बैठकर आरसीबी की जर्सी पहनकर मैच का आनंद ले रही थी, जो कि एक ब्रॉडकास्टिंग वाले पद पर रहकर संभव नहीं होता.’
2018 में स्टार स्पोर्ट्स के साथ हुई धमाकेदार एंट्री
आईपीएल में उनकी एंट्री आखिरकार साल 2018 में हुई, जब स्टार स्पोर्ट्स ने टी20 लीग के प्रसारण अधिकार हासिल किए. मयंती को आज भी वह पल अच्छी तरह याद है जब आईपीएल में उनके पहले दिन से ठीक पहले स्टुअर्ट ने उन्हें मैसेज भेजा था. उन्होंने मैगजीन को बताया, ‘मुझे याद है उन्होंने कहा था ‘तुमने इसे क्रैक कर लिया है, इसका आनंद लो, यह तुम्हारा पल है, इसे सच कर दिखाओ’. एक जीवनसाथी के रूप में उनका साथ होना मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी. उनका अपना जीवन तनावपूर्ण और उतार-चढ़ाव भरा रहा है, इसलिए वह समझ सकते थे कि वह पल कितना बड़ा था.’ आज मयंती आईपीएल सर्किट का एक नियमित चेहरा हैं, जहां वह सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री जैसे दिग्गजों के साथ स्क्रीन साझा करती हैं.
ट्रोलिंग और आलोचनाओं का डटकर किया सामना
हालांकि, इस व्यावसायिक सफलता के रास्ते में उन्हें कई मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा. उन्हें ऑनलाइन ट्रोलिंग, बॉडी शेमिंग और उनके रूप-रंग को लेकर आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा. जब कभी उनके पति मैदान पर बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते थे, तब भी उन्हें सार्वजनिक आलोचना का निशाना बनाया जाता था. लेकिन उन्होंने इन सभी चुनौतियों का डटकर सामना किया और कई बार इंस्टाग्राम पोस्ट के कमेंट्स को बंद करके अपनी मानसिक शांति बनाए रखी. मयंती का यह सफर यह साबित करता है कि कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और विपरीत परिस्थितियों से लड़ने की क्षमता के दम पर हर मुश्किल को पार किया जा सकता है.