आने वाली है बड़ी आफत, अगले 9-10 महीने होने वाले हैं बेहद खौफनाक, संकट के मुहाने पर लाखों लोग – severe El Nino impact millions of people farmers suffer

आने वाली है बड़ी आफत, अगले 9-10 महीने होने वाले हैं बेहद खौफनाक, संकट के मुहाने पर लाखों लोग – severe El Nino impact millions of people farmers suffer


El Nino: मौसम विज्ञानियों ने महीनों पहले जिस संकट को लेकर सावधान किया था, अब वह अपना रंग दिखाने लगा है. बात हो रही है अल नीनो की. अल नीनो की वजह से तापमान में वृद्धि, पीने के पानी की कमी और अकाल जैसी समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है. भारत के कई हिस्‍सों में अच्‍छी बारिश हुई है, लेकिन कुछ इलाकों में इस बार मानसून में बारिश औसत से काफी कम रिकॉर्ड की गई है. इनमें महाराष्‍ट्र और तेलंगाना जैसे राज्‍य हैं. अल नीनो को देखते हुए तेलंगाना के मुख्‍मंत्री ने राज्‍य के किसानों से खास अपील की है.

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने चेतावनी दी कि जलाशयों में पानी का घटता स्तर और बिजली की बढ़ती मांग राज्य को अभूतपूर्व अल नीनो संकट की ओर ले जा रही है. उन्होंने कहा कि अगले 9 से 10 महीने बेहद कठिन हो सकते हैं. मुख्यमंत्री ने किसानों से पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यासांगी (रबी) की फसल की बुवाई टालने और आम लोगों से पानी का इस्तेमाल सावधानी से करने की अपील की. अल नीनो के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के लिए मंत्रियों के साथ बैठक के बाद सीएम रेड्डी ने कहा कि राज्य में जल संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान सामान्य से 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है. इसके चलते जलाशयों में पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई है और आगामी महीनों में पेयजल, सिंचाई तथा पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती होगी. मुख्यमंत्री के मुताबिक, कृष्णा बेसिन के जलाशयों में पिछले साल की तुलना में 72 प्रतिशत कम पानी है. उन्होंने राज्य के जलाशयों में पानी की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि सामान्य वर्षों में इस समय तक करीब 462 टीएमसी पानी उपलब्ध रहता है, जबकि अभी यह घटकर लगभग 200 टीएमसी रह गया है.

पानी को लेकर क्‍या बोले सीएम रेवंत रेड्डी

सीएम रेवंत रेड्डी कहा कि किसी भी जलाशय में पेयजल और सिंचाई, दोनों जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त पानी नहीं है. राज्य सरकार को करीब 24,000 गांवों में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करनी है. ऐसे में उपलब्ध जल भंडार का इस्तेमाल प्राथमिकता के आधार पर करना होगा. सीएम रेड्डी ने कहा कि सरकार के प्रयासों के बावजूद वनाकालम (खरीफ) की फसल के तहत लगभग 10 लाख एकड़ में फसलों को नुकसान होने की आशंका है. उन्होंने कहा कि मानसून की फसल की कटाई में करीब 20 दिन शेष हैं और सरकार खड़ी फसलों को बचाने के लिए मौजूदा बाजार दरों पर बिजली खरीद रही है. मुख्यमंत्री ने किसानों से सिंचाई के लिए पानी का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने की अपील की. उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति के साथ-साथ पशुओं के लिए पानी और चारे की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी. ऐसा नहीं होने पर बड़ी संख्या में पशुओं के मरने का खतरा पैदा हो सकता है.

बिजली को लेकर क्‍या है रिपोर्ट

तेलंगाना में बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ी है. मुख्यमंत्री रेड्डी ने बताया कि अक्टूबर में सामान्य तौर पर करीब 15,000 मेगावाट रहने वाली बिजली की मांग बढ़कर 20,003 मेगावाट तक पहुंच गई है. यानी मांग में लगभग 5,000 मेगावाट की वृद्धि हुई है. इसका प्रमुख कारण कृषि पंप सेट का अधिक इस्तेमाल है. राज्य में करीब 30 लाख कृषि पंप सेट संचालित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि अक्टूबर में मार्च जैसी गर्मी महसूस की जा रही है, जिससे घरेलू क्षेत्र में भी बिजली की खपत बढ़ गई है. मुख्यमंत्री ने लोगों से बिजली बचाने और वाहनों की धुलाई जैसी गतिविधियों में अनावश्यक रूप से पानी बर्बाद नहीं करने की अपील की.

केंद्र से क्‍या डिमांड

सीएम रेड्डी ने बताया कि राज्य सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत टैंकों, झीलों और तालाबों की मरम्मत के लिए कार्ययोजना तैयार कर रही है. उन्होंने केंद्र सरकार से फसल नुकसान झेल रहे किसानों और अगले फसल सीजन में बुवाई नहीं कर पाने वाले किसानों को आर्थिक सहायता देने की मांग की. उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क दशहरा के बाद सर्वदलीय बैठक आयोजित करेंगे, जिसमें राजनीतिक दलों को संकट की स्थिति से अवगत कराया जाएगा. इसके बाद मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेगा. उन्होंने केंद्र से राज्य सरकार को आवश्यक सहयोग देने की अपील की.

अल नीनो की कोविड संकट से तुलना

मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण अल नीनो का प्रभाव पूरी दुनिया में महसूस किया जा रहा है. उनके मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र ने भी चेतावनी दी है कि अल नीनो 100 देशों के लोगों को प्रभावित कर सकता है और करीब 100 करोड़ लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इसकी चपेट में आ सकते हैं. रेड्डी ने इस संकट की तुलना कोविड महामारी से करते हुए कहा कि इससे निपटने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने राजनीतिक दलों, मीडिया और नागरिकों से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर सरकार का सहयोग करें, ताकि संकट के दौरान कोई भी व्यक्ति पीछे न छूटे. उन्होंने कहा कि पानी बचाओ, बिजली बचाओ यही हमारा मंत्र है. मुख्यमंत्री के अनुसार, जन जागरूकता बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक मंडलियों के जरिए अभियान चलाया जाएगा. फिल्म अभिनेता विजय देवरकोंडा ने भी अल नीनो के मुद्दे पर लोगों से अपील की है. सरकार इस अभियान में अन्य फिल्म कलाकारों, खिलाड़ियों और कलाकारों का सहयोग भी लेगी.



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