Working Hours : ब्राजील में हर हफ्ते बस 40 घंटे काम, दुनिया में सबसे कम किस देश में करते हैं मेहनत

Working Hours : ब्राजील में हर हफ्ते बस 40 घंटे काम, दुनिया में सबसे कम किस देश में करते हैं मेहनत


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ब्राजील में हर हफ्ते बस 40 घंटे काम, दुनिया में सबसे कम कहां है वर्किंग ऑवर

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Working Hours in a Week : ब्राजील की सीनेट ने चुनाव से ठीक पहले सप्ताह में काम करने के घंटों में कटौती कर दी है. इससे देश की कामकाजी जनता को बड़ी राहत मिली है, लेकिन ब्राजील के इस फैसले से दुनियाभर में एक बार फिर काम के घंटों को लेकर बहस छिड़ गई है. भारत में भी पिछले दिनों बैंकों ने 5 डे वर्किंग को लेकर हड़ताल की चेतावनी दी थी. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि दुनिया के किस देश में लोग सप्ताह में सबसे कम काम करते हैं.

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ब्राजील : सबसे पहले बात करते हैं ब्राजील की, क्योंकि यह मुद्दा एक बार फिर इसी देश के फैसले के बाद गर्म हुआ है. ब्राजील में अभी तक सप्ताह में 44 घंटे काम करने का प्रावधान था, लेकिन अब इसे घटाकर 40 घंटे कर दिया गया है. ब्राजील की सीनेट का मानना है कि इस फैसले से देश के 3.7 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा. इस फैसले को चरणबद्ध तरीके से अगले 14 महीने में अलग-अलग सेक्टर में लागू किया जाएगा.

भारत : अब बात करते हैं अपने देश की. भारत में वैसे तो सामान्य रूप से सप्ताह में 6 दिन काम करने का प्रावधान है और कुल मिलाकर 48 घंटे काम लिया जाता है, लेकिन कुछ जगहों पर यह अवधि महज 45 घंटे की होती है. कॉरपोरेट सेक्टर में प्रतिदिन 9 घंटे की शिफ्ट होती है और 2 दिन का वीक ऑफ रहता है. इस लिहाज से सप्ताह में 45 घंटे ही काम किया जाता है. लेकिन, अन्य ज्यादातर जगहों पर सप्ताह में 6 दिन काम होता है और प्रतिदिन की शिफ्ट 8 घंटे की रहती है.

फ्रांस : अगर दुनिया में प्रति सप्ताह सबसे कम देर तक काम करने की बात करें तो इस मामले में फ्रांस के लोग काफी लकी हैं. फ्रांस में सिर्फ 35 घंटे तक हर हफ्ते काम करना होता है. इस देश में पूर्णकालिक कर्मचारियों के लिए कानूनी रूप से 35 घंटे का ही प्रावधान है. इससे ज्यादा काम किया जाता है तो उस पर ओवरटाइम मिलता है. हालांकि, 35 घंटे काम कराना ही है, ऐसा कोई सख्त कानून नहीं है. यह अलग-अलग सेक्टर्स और कंपनियों की नीतियों के आधार पर तय किया जाता है.

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ऑस्ट्रेलिया : सप्ताह में सबसे कम घंटे काम लेने के मामले में ऑस्ट्रेलिया दूसरे नंबर पर आता है. ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय रोजगार मानक के तहत एक पूर्णकालिक कर्मचारी को सप्ताह में सामान्य रूप से 38 घंटे तक काम करना पड़ता है. हालांकि, कंपनी अपनी जरूरत के हिसाब से इसमें बढ़ोतरी या कटौती भी कर सकती है. लेकिन, ज्यादातर सेक्टर्स में सामान्य रूप से 38 घंटे का ही कानून लागू होता है.

बेल्जियम : ऑस्ट्रेलिया की तरह बेल्जियम में भी एक सप्ताह में कुल काम के घंटे 38 ही निर्धारित किए गए हैं. यहां एक दिन में 8 घंटे काम कराने की छूट है, उससे ज्यादा काम लिया गया तो वह ओवरटाइम में जुड़ेगा. अगर शनिवार या अन्य किसी दिन ओवरटाइम कराया गया तो सामान्य दिनों के मुकाबले डेढ़ गुना पैसा देना पड़ेगा. लेकिन, रविवार या फिर किसी अवकाश के दिन काम कराया तो ओवरटाइम के रूप में सामान्य सैलरी का दोगुना पैसा देना पड़ता है.

डेनमार्क : यूरोपीय देश डेनमार्क में भी हर सप्ताह 37 घंटे काम का ही प्रावधान है. इससे ऊपर काम कराने पर ओवरटाइम का भुगतान करना होता है. हालांकि, डेनमार्क में हर जगह समान रूप से ओवरटाइम लागू नहीं होता है.लेकिन, यहां भी ओवरटाइम का कैलकुलेशन सामान्य दिनों की सैलरी के मुकाबले 50 फीसदी ज्यादा पर होता है. मसलन, अगर किसी ने ओवरटाइम किया है तो उसे सामान्य सैलरी से डेढ़ गुना पैसे का भुगतान किया जाता है.

अमेरिका-चीन : दुनिया की टॉप-2 इकनॉमी में काम के घंटों की बात करें तो दोनों ही जगहों पर सप्ताह में 40 घंटे काम कराने का प्रावधान है. लेकिन, ओवरटाइम को लेकर दोनों के अलग-अलग नियम हैं. चीन में एक दिन में 9 घंटे से ज्यादा काम कराने पर ओवरटाइम शुरू हो जाता है. अमेरिका में अलग-अलग राज्यों में इसे लेकर अपने कानून हैं, लेकिन दोनों ही जगहों पर ओवरटाइम का भुगतान सामान्य दिनों की सैलरी से डेढ़ गुना के रूप में किया जाता है.

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