लंदन की एक सड़क पर जो नजारा देखने को मिला, उसने ब्रिटेन से लेकर संयुक्त अरब अमीरात और खाड़ी देशों के शाही घरानों तक हड़कंप मचा दिया है. दुनिया के सबसे अमीर और ताकतवर घरानों में शुमार अबू धाबी के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली 32 साल की महरा अल नहयान को कोकीन के नशे में सड़क पर बेसुध और बेहोश पाया गया. सबसे ज्यादा दहला देने वाली बात ये थी कि जिस वक्त महरा और उनका एक साथी सड़क किनारे फुटपाथ पर अचेत पड़े थे, उसी वक्त उनका 3 साल का मासूम बच्चा नंगे पैर व्यस्त सड़क और दौड़ती गाड़ियों के बीच अकेला खेल रहा था.
फुटपाथ पर खिलौने और बेहोश ‘शाही’ मां: राहगीरों ने ऐसे बचाई मासूम की जान
अगर राहगीरों ने ऐन वक्त पर दखल देकर उस बच्चे को सड़क पर जाने से न रोका होता, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था. इस हाई-प्रोफाइल और बेहद शर्मनाक मामले की सुनवाई लंदन की प्रतिष्ठित साउथवार्क क्राउन कोर्ट में हुई, जहा अदालत ने बच्चे की सुरक्षा से खिलवाड़ करने और लापरवाही बरतने के जुर्म में शाही परिवार की इस बहू को सजा सुनाई है.
ये खौफनाक घटना लंदन की एक बेहद भीड़भाड़ वाली सड़क पर जून के महीने में घटी. क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) द्वारा जारी किए गए वीडियो और तस्वीरों में देखा जा सकता है कि महरा अल नहयान सड़क के किनारे लगी लोहे की रेलिंग के सहारे पूरी तरह बेसुध पड़ी हुई थीं. उनके बगल में उनका एक पुरुष साथी भी अचेत अवस्था में पड़ा था. पास में ही बच्चे का एक स्कूटर, खिलौना हवाई जहाज और कई अन्य खिलौने बिखरे पड़े थे.
सरकारी वकील रियो पहलवानपुर ने अदालत को बताया कि वहां से गुजर रहे एक राहगीर की नजर सबसे पहले उस तीन साल के नंगे पैर बच्चे पर पड़ी. बच्चा बिना जूतों के फुटपाथ पर अकेला घूम रहा था और एक कागज के टुकड़े का पीछा करते हुए सीधे उस सड़क की तरफ भाग रहा था जहां तेज रफ्तार गाड़ियां आ-जा रही थीं. राहगीर ने तुरंत समझदारी दिखाते हुए बच्चे को पकड़ लिया और पुलिस को फोन किया.
जब तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, तब तक आम लोगों ने ही बच्चे की देखभाल की. हैरान करने वाली बात ये रही कि पुलिस के पहुँचने के बाद भी महरा अल नहयान करीब 30 मिनट तक पूरी तरह बेसुध और बेखबर पड़ी रहीं.
होश आते ही अजीबोगरीब बर्ताव: ‘ये कोई कसाईखाना नहीं है, तुम्हें इतनी फिक्र क्यों है?’
जब काफी मशक्कत के बाद महरा अल नहयान को होश आया, तो उन्होंने शर्मिंदा होने या बच्चे की सुध लेने के बजाय वहां मौजूद राहगीरों और पुलिसकर्मियों पर चिल्लाना शुरू कर दिया. उनके मुंह से निकले अजीबोगरीब बयानों ने वहां खड़े लोगों को दंग कर दिया.
होश में आते ही वो चीखते हुए बोलीं, ‘ये कोई कसाईखाना नहीं है! तुम लोग इतनी परवाह क्यों कर रहे हो? तुम इतने परेशान क्यों हो?’
पुलिस ने जब उनके बैग की तलाशी ली, तो उसमें से नशीली दवाओं का सेवन करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण बरामद हुए, हालांकि कोई अवैध नशीला पदार्थ मौके से जब्त नहीं हुआ. इसके बाद पुलिस ने उन्हें बच्चे की जान जोखिम में डालने और बाल उपेक्षा के आरोप में गिरफ्तार कर लिया.
250 अरब पाउंड का शाही परिवार और 8 लाख रुपये का मासिक जेबखर्च
महरा अल नहयान कोई आम महिला नहीं हैं, बल्कि वो शादी के जरिए अबू धाबी के सत्तारूढ़ अल नहयान शाही परिवार से जुड़ी हुई हैं. अल नहयान परिवार दुनिया के सबसे अमीर, शक्तिशाली और प्रभावशाली घरानों में गिना जाता है, जिसकी कुल संपत्ति 250 अरब पाउंड से भी अधिक आंकी जाती है.
अदालत में सुनवाई के दौरान ये बात भी सामने आई कि महरा अल नहयान को शाही घराने की तरफ से हर महीने लगभग 8 से 9 लाख रुपए का जेबखर्च या भत्ता मिलता है. इतने अमीर और ऊंचे रसूख वाले परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद, लंदन की सड़क पर ड्रग्स के नशे में धुत्त होकर अपने ही बच्चे को मौत के मुंह में छोड़ देने की इस घटना ने पूरे खाड़ी देश के शाही घरानों की साख पर गहरा बट्टा लगा दिया है.
कोर्ट में जुर्म कबूल: रिहैब सेंटर में इलाज और पछतावे का दावा
साउथवार्क क्राउन कोर्ट में सुनवाई के दौरान 32 वर्षीया महरा अल नहयान ने बच्चे के साथ लापरवाही बरतने के आरोप में अपना जुर्म कबूल कर लिया. उनके बचाव पक्ष के वकील स्टीफन वुलो केसी ने अदालत के सामने दलील दी कि महरा को अपनी हरकत पर बेहद पछतावा है और वो अपनी ड्रग्स की आदत से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहती हैं.
वकील ने अदालत को बताया कि जून में हुई इस घटना के बाद से ही महरा लंदन के मशहूर ‘प्रायरी सेंटर’ में अपनी नशीली दवाओं की लत का इलाज करा रही हैं. वकील ने कहा, ‘महरा से उस दिन एक बहुत गंभीर और अक्षम्य गलती हो गई थी, जिसका अहसास उन्हें पूरी तरह से है. वो अब अपनी इस लत से बाहर निकलने की जी-तोड़ कोशिश करेंगी’.
जज की कड़ी फटकार: ‘अगर अनजान लोग न बचाते, तो बच्चा जान गंवा सकता था’
मामले की गंभीरता को देखते हुए मिस्टर जस्टिस जॉनसन केसी ने महरा अल नहयान को सख्त लहजे में फटकार लगाई. फैसले सुनाते वक्त जज ने कहा ‘नशीली दवाओं के प्रभाव में रहते हुए अपने मासूम बच्चे को सड़क पर नंगे पैर खेलने के लिए छोड़ देना आपकी बेहद गैर-जिम्मेदाराना सोच और बच्चे की सुरक्षा के प्रति सरासर बेपरवाही का सबूत है. एक मौके पर बच्चा एक कागज के टुकड़े को पकड़ने के लिए सीधे चलती सड़क की ओर भाग खड़ा हुआ था. अगर वहां मौजूद किसी अनजान राहगीर ने तुरंत दखल न दिया होता, तो बच्चा गंभीर रूप से घायल हो सकता था या उसकी जान भी जा सकती थी’.
जज ने आगे कहा कि बच्चा वहां से लापता हो सकता था, कोई अनजाना व्यक्ति उसे नुकसान पहुंचा सकता था, या फिर सड़क पर अपनी मां और उसके दोस्त को बेहोश देखकर बच्चा किसी भयानक ट्रॉमा शिकार हो सकता था.
क्या मिली सजा? फाइन और रिहैबिलिटेशन का आदेश
- अदालत ने महरा अल नहयान के शाही बैकग्राउंड और उनके द्वारा जुर्म कबूल करने के रुख को देखते हुए उन्हें जेल भेजने के बजाय सुधार का एक मौका दिया है.
- 2 साल का कम्युनिटी ऑर्डर: उन्हें दो साल के कम्युनिटी ऑर्डर की सजा सुनाई गई है, जिसमें पुनर्वास और लत से मुक्ति का कड़ा नियम शामिल है.
- आर्थिक जुर्माना: इसके साथ ही अदालत ने उन पर 5,000 पाउंड का भारी जुर्माना लगाया है और 1,000 पाउंड का मुकदमा खर्च अदा करने का आदेश दिया है.