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Jio IPO : आकाश अंबानी ने कहा है कि आईपीओ से पहले ही जियो का EBITDA 76 हजार करोड़ रुपये पहुंच गया है. बीते तीन साल में कंपनी की ग्रोथ 18 फीसदी के आसपास रही है. उन्होंने कहा कि रणनीति ग्राहकों को केंद्र रखकर बनाई जाती है और आने वाले समय में भी इ सी बुनियादी चीज पर फोकस किया जाएगा. जियो ने अपनी शुरुआत से ही सस्ते डाटा पर फोकस किया था और आज इस लक्ष्य को हासिल कर चुकी है.
जियो के आईपीओ को 28 अक्टूबर को लिस्ट कराने की तैयारी है.
नई दिल्ली. जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने बताया कि रिलायंस जियो इन्फोकॉम की पैरेंट कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का EBITDA 76,000 करोड़ रुपये है. कंपनी ने पिछले तीन वर्षों में 17.8 फीसदी की दर से बढ़ा है. उन्होंने कहा कि कंपनी कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर अपने डिजिटल सर्विस बिजनेस का विस्तार करने की योजना बना रही है. जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंबानी ने कहा कि कंपनी का मिशन हर भारतीय घर, नागरिक और उद्यम को किफायती डिजिटल सेवाओं से जोड़ना है, ताकि वह भारत के डिजिटल बदलाव में एक अहम साझेदार बन सके.
आकाश ने कहा कि जियो का मिशन बहुत सरल है कि हम हर भारतीय घर, हर भारतीय नागरिक और हर भारतीय उद्यम को बेहतरीन और सबसे किफायती डिजिटल सेवाओं से जोड़ना चाहते हैं. रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन ने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स का विजन सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के साथ-साथ 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य से प्रेरित है और हम इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाना चाहते हैं. इसके लिए हमारा लक्ष्य भारत को एक प्रमुख डिजिटल समाज बनाना है और जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के रूप में हम इस लक्ष्य को हासिल करने में एक सक्षम भागीदार भी नना चाहते हैं.
कंपनी की रणनीति ग्राहकों के इर्द-गिर्द
अंबानी ने इस बात पर जोर दिया कि कंपनी की रणनीति के केंद्र में ग्राहक हैं और उनके हित में ही नीतियां बनाई जाती हैं. जियो अपने कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म के जरिए उत्पादों और सेवाओं का एक व्यापक पोर्टफोलियो तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है. हमारे कारोबार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हमारे ग्राहक हैं और उनकी जिंदगी में सुधार लाने के लिए बेहतर सेवाओं के बारे में सोचता हूं. अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स की वित्तीय वृद्धि का श्रेय भारत के डिजिटल इकोसिस्टम के विस्तार में इसकी भूमिका को दिया. उन्होंने कहा कि हमारी EBITDA वृद्धि का आधार भारत की 60% से अधिक डिजिटल ग्रोथ को गति है. उन्होंने जियो के 5G विस्तार को दुनिया में सबसे तेज माना और कहा कि तीन साल पहले इसकी शुरुआत की थी और तब से अब तक यह चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा 5G कस्टमर बेस बन चुका है. हमने सबसे तेज 4जी से 5जी का माइग्रेशन भी हासिल किया है.
5जी से और मजबूत बना जियो
अंबानी ने कहा कि अपने 5G नेटवर्क के विस्तार से भारत के टेलीकॉम मार्केट में जियो की स्थिति मजबूत हुई है. इससे कंपनी को नए डिजिटल प्रोडक्ट और सेवाएं विकसित करने के लिए एक प्लेटफॉर्म भी मिला है. ऐतिहासिक रूप से भारत एक ऐसा देश रहा है जहां डेटा की भारी कमी थी, क्योंकि मोबाइल डेटा की उपलब्धता सप्लाई और लोगों की खरीदने की क्षमता काफी सीमित थी. आज भारत में दुनिया का सबसे सस्ता डाटा मिल रहा है, जिससे हमारी सर्विस और किफायती बन गई है. उन्होंने कहा कि कंपनी पिछले एक दशक में तैयार किए गए कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म के आधार पर डिजिटल सेवाओं के जरिए ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने पर अपना ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी.