Last Updated:
Dussehra Upay 2026: उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार, दशहरे के दिन एक विशेष उपाय करना बेहद फलदायी माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय को करने से मां लक्ष्मी की कृपा सालभर बनी रहती है और शत्रुओं से छुटकारा पाने में मदद मिलती है.
उज्जैन. हिन्दु धर्म में दशहरा पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. इस दिन देशभर में रावण दहन के साथ विजयादशमी का उत्सव मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दशहरे पर ग्रहों और नक्षत्रों की विशेष स्थिति के कारण किए गए पूजा-पाठ और उपायों का शुभ फल लंबे समय तक मिलता है. ज्योतिष शास्त्र में भी इस दिन को सुख-समृद्धि और सफलता प्राप्त करने के लिए खास माना गया है. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार, दशहरे पर एक विशेष उपाय करने से मां लक्ष्मी की कृपा सालभर बनी रहने की मान्यता है.
सनातन धर्म में शमी के पौधे को विशेष धार्मिक महत्व दिया गया है. इसे सुख-समृद्धि और विजय का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने रावण पर विजय प्राप्त करने से पहले शमी वृक्ष का पूजन किया था. दशहरे के दिन शमी की विधिवत पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को शत्रुओं पर विजय पाने का आशीर्वाद मिलता है. साथ ही जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मां लक्ष्मी की कृपा से सुख-समृद्धि बनी रहती है.
पांडवों ने शमी पेड़ में छिपाए थे अस्त्र
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शमी वृक्ष का संबंध महाभारत काल से भी जुड़ा हुआ है. कहा जाता है कि द्वापर युग में अर्जुन ने अपने अस्त्र-शस्त्र शमी के पेड़ के पास रखकर तपस्या की थी. इसके बाद महाभारत के युद्ध में उन्हें विजय प्राप्त हुई. वहीं, एक अन्य कथा के अनुसार, पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान अपने अस्त्र-शस्त्र शमी वृक्ष में छिपाकर रखे थे. तभी से शमी वृक्ष को विजय, शक्ति और शुभता का प्रतीक माना जाता है.
अपराजिता की पूजा से मिलेगी विजय
दशहरे के पर्व पर शमी वृक्ष के साथ अपराजिता के पौधे की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन अपराजिता के पौधे और देवी की विधि-विधान से आराधना करने से जीवन की परेशानियां दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. मान्यता है कि दशहरे पर अपराजिता का पौधा लगाना और उसकी पूजा करना शुभ फलदायी होता है. इसे घर की पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना उत्तम माना गया है. कहा जाता है कि इससे मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.