Barmer News: 3 साल से दे रहा था चकमा, पुलिस से बचने के लिए पाल रखे थे 8 कुत्ते, ANTF के हत्थे ऐसे चढ़ा तस्कर


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Barmer Bounty Smuggler Arrested: राजस्थान में नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने एक लाख रुपए के इनामी तस्कर कंवराराम को गिरफ्तार किया है. आरोपी पिछले तीन साल से फरार चल रहा था और प्रदेश के टॉप-मोस्ट 25 नारकोटिक्स अपराधियों में शामिल था. एएनटीएफ ने ‘ऑपरेशन विषकपिल’ के तहत बाड़मेर में कार्रवाई कर उसे पकड़ा. एएनटीएफ मुख्यालय की ओर से आरोपी पर गठन के बाद एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था. कंवराराम के खिलाफ राजस्थान और मध्यप्रदेश में एनडीपीएस एक्ट के कई मामले दर्ज हैं. इसके अलावा हत्या और मारपीट जैसे गंभीर अपराधों में भी उसका नाम सामने आया है. आरोपी के खिलाफ कुल 14 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं. एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने गिरफ्तारी की जानकारी दी.

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3 साल से पुलिस को दे रहा था चकमा, ANTF के हत्थे ऐसे चढ़ा इनामी तस्कर कंवरारामZoom

एएनटीएफ ने एक लाख रुपए के इनामी तस्कर कंवराराम को गिरफ्तार किया

जयपुर. राजस्थान में नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक लाख रुपए के इनामी नशा तस्कर कंवराराम को गिरफ्तार किया है. आरोपी पिछले तीन साल से फरार चल रहा था. ANTF ने ‘ऑपरेशन विषकपिल’ के तहत बाड़मेर में कार्रवाई कर उसे दबोचा. कंवराराम प्रदेश के टॉप-मोस्ट 25 नारकोटिक्स अपराधियों में शामिल था. उसके खिलाफ राजस्थान और मध्यप्रदेश में एनडीपीएस एक्ट के कई मामले दर्ज हैं. आरोपी पर हत्या और मारपीट सहित कुल 14 आपराधिक प्रकरण दर्ज बताए गए हैं. उसकी गिरफ्तारी को नशा तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है.

एएनटीएफ मुख्यालय की ओर से गठन के बाद कंवराराम पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था. गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था और पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखता था. उसकी सतर्कता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने अपने घर पर आठ कुत्ते पाल रखे थे. घर के आसपास किसी अनजान व्यक्ति के पहुंचने पर कुत्ते सतर्क हो जाते थे, जिससे उसे बाहरी लोगों की मौजूदगी का पता चल जाता था. इस तरीके से वह पुलिस या किसी संदिग्ध व्यक्ति के आने की आहट मिलने पर सतर्क हो जाता था.

तीन साल से पुलिस को दे रहा था चकमा

कंवराराम लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था. उसके खिलाफ दर्ज मामलों और आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए एएनटीएफ उसे अपनी प्राथमिकता में रखे हुए थी. प्रदेश के टॉप-मोस्ट 25 नारकोटिक्स अपराधियों में शामिल होने के कारण उसकी तलाश की जा रही थी. आखिरकार एएनटीएफ ने विशेष अभियान चलाकर बाड़मेर में उसे गिरफ्तार कर लिया.

राजस्थान और मध्यप्रदेश में दर्ज हैं मामले

आरोपी के खिलाफ राजस्थान और मध्यप्रदेश में एनडीपीएस एक्ट के कई मामले दर्ज हैं. इसके अलावा हत्या और मारपीट जैसे गंभीर अपराधों में भी उसका नाम सामने आया है. कुल 14 मामलों में आरोपी की संलिप्तता बताई गई है. पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और नशा तस्करी से जुड़े संपर्कों के संबंध में आगे की जांच कर सकती है. एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में जानकारी दी. ‘ऑपरेशन विषकपिल’ के तहत की गई इस कार्रवाई को फरार नशा तस्करों के खिलाफ अभियान की अहम सफलता माना जा रहा है. अब जांच के दौरान आरोपी से जुड़े अन्य लोगों और नशा तस्करी के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने पर फोकस रहेगा.



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