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Etawah Youtuber Ashvi Yadav Case : यूट्यूबर अश्वी यादव और उसके साथियों पर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का आरोप लगाया गया है. वहीं इस मामले में अब एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है. हालांकि अश्वी यादव लगातार इन आरोपों को झूठा बता रही है. अब उसने थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
इटावा की यूट्यूबर अश्वी यादव ने रखा अपना पक्ष. (फोटो- इंस्टाग्राम)
इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में यूट्यूबर अश्वी उर्फ शिवांगी यादव समेत सात पर एक करोड़ 75 लाख वसूलने ओर पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज किया गया है. जैसे ही अश्वी पर केस दर्ज हुआ तो वह अपने घर पर ताला बंद करके फरार हो गई. इतना ही नहीं अन्य आरोपी भी भाग गए हैं. अब पुलिस तलाश में जुट गई है. इसके अलावा, यूट्यूबर के घर पर तालाबंदी कर दी गई है. वहीं, अश्वी ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगाकर थाना प्रभारी पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं. उसका कहना है कि वह बयान देने गई थी, लेकिन बयान लिया ही नहीं गया. आइए जानते हैं पूरा मामला.
अश्वी यादव ने लगाए गंभीर आरोप
अश्वी यादव ने इंस्टाग्राम पर कई स्टोरी लगाई है. उसने कुछ स्क्रीनशॉट शेयर कर लिखा- मैं अपना बयान देने टाइम पर पहुंची थी. पर मेरे बयान नहीं लिए गए और मेरे नाम पर रंगदारी का झूठा मुकदमा कराया गया है. सब झूठ चल रहा है. इन सब में थाना प्रभारी शामिल रहे है. उनको पैसे देकर FIR कराई गई है. इस केस की जांच भी नहीं हुई है. उसने कहा कि ये चंद्र प्रकाश है. थाना फ्रेंड्स कॉलोनी से इसने 4 तारीख का नोटिस मुझे 7 तारीख को 5 बजे दिया और 2 दिन का टाइम मिला मुझे. मैं अपने टाइम पर पहुंची. फिर भी मेरे बयान नहीं लिए गये और झूठी FIR करा दी गई है.
मैं कब तक सहूं: यूट्यूबर
(साभार- इंस्टाग्राम ashvii.ydv)
उसने आगे कहा कि आज मैं बहुत परेशान होकर ये बात लिख रही हूं. मेरे बयान लिए बिना मेरे खिलाफ झूठी FIR दर्ज कराए जाने का मेरा आरोप है. मेरी शिकायत पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि मेरी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही. मुझे इस पूरी घटना में निष्पक्ष जांच और न्याय चाहिए. मैं आखिर कब तक यह सब सहूं. मेरी भी जिंदगी है, मेरा भी सम्मान है. अगर मेरे साथ कुछ भी गलत होता है, तो मेरी शिकायतों और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए.
यह है मामला
अश्वी यादव उर्फ शिवांगी यादव, नीतू सिंह यादव, शिवम यादव, गीतांजलि जादौन और अभिषेक यादव ने निजी फोटो सार्वजनिक करने की धमकी देकर अप्रैल 2024 से मई 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों और नकद माध्यम से करीब 1 करोड़ 75 लाख 68 हजार 683 रुपये लिए. 15 नवंबर 2025 को 58 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की गई. इसके बाद अभिषेक यादव ने 50 लाख रुपये और मांगे. मांग पूरी न करने पर दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया. तीन सितंबर 2026 की शाम करीब साढ़े सात बजे भरथना क्षेत्र में झिंदुआ पुल के पास बिना नंबर प्लेट की बाइक सवार दो नकाबपोश लोगों ने उनकी कार रोककर पांच करोड़ रुपये की मांग की और धमकी दी. वहीं पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है. एसीजेएम प्रथम के आदेश पर भरथना थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. पांच नामजद और दो अज्ञात लोगों पर निजी फोटो सार्वजनिक करने की धमकी देकर 1.75 करोड़ रुपये वसूलने और पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप हैं. आशुतोष उर्फ टोनू यादव के शिकायती पत्र पर अदालत के आदेश पर यह कार्रवाई हुई है.