प्लास्टिक कटिंग बोर्ड से नॉन-स्टिक बर्तनों तक, घर में रखी ये 6 चीजें आपके हार्मोन्स से कर रही खिलवाड़, जानें सेफ ऑप्शन

प्लास्टिक कटिंग बोर्ड से नॉन-स्टिक बर्तनों तक, घर में रखी ये 6 चीजें आपके हार्मोन्स से कर रही खिलवाड़, जानें सेफ ऑप्शन


Last Updated:

Hormone Disruptors In House: रोजाना घर में आप कई ऐसी चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनसे आप ऐसे केमिकल के संपर्क में आ सकते हैं जो आपके हार्मोन्स को डिस्टर्ब कर सकती हैं. ऐसे में चेहरे पर मुहांस, अनचाहे बाल और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. इसमें रसोई में सब्जी काटने वाले प्लास्टिक बोर्ड से लेकर नॉन-स्टिक बर्तन, प्लास्टिक की बोतलें और खुशबू वाले एयर फ्रेशनर तक जैसी चीजें शामिल हैं. यहां जानिए इनके सेफ ऑप्शन क्या हैं.

Top Deals Inside

स्टडीज के मुताबिक इन चीजों में कुछ मात्रा में फ्थैलेट्स और पीएफएएस जैसे केमिकल शामिल होते हैं, जो शरीर के हार्मोन सिस्टम पर असर डालने की क्षमता रखते हैं. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी चीजों का इस्तेमाल करने से हार्मोन संबंधी बीमारी हो जाएगी. लेकिन ये आपके जोखिम को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार जरूर बन सकते हैं. आइए जानते हैं रसोई और घर में इस्तेमाल होने वाली ऐसी 6 चीजों और इनके विकल्प के बार में.

प्लास्टिक कटिंग बोर्ड प्लास्टिक कटिंग बोर्ड काफी कम कीमत पर मिल जाते हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल सेहत के नजरिए से अच्छा नहीं है. दरअसल, सब्जियां काटते समय प्लास्टिक कटिंग बोर्ड पर घिसाव होता है, खरोंच आ जाते हैं जिससे खाने में माइक्रोप्लास्टिक के छोटे कण पहुंचने का खतरा होता हैं. Environmental Science & Technology में 2023 में प्रकाशित एक अध्ययन इसकी पुष्टि करता है कि प्लास्टिक बोर्ड पर सब्जियां काटने से माइक्रोप्लास्टिक के कण निकल सकते हैं.  सेफ ऑप्शन- अगर प्लास्टिक बोर्ड पर गहरी खरोंचें पड़ गई हैं, तो उसकी जगह अच्छी क्वालिटी वाला लकड़ी का बोर्ड इस्तेमाल कर सकते हैं. इसे साफ और सूखा रखना जरूरी है.
बर्तन साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ सिंथेटिक स्पंज और स्क्रबर घिसने पर प्लास्टिक के सूक्ष्म कण छोड़ सकते हैं. 2026 में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि इस्तेमाल के दौरान स्पंज से प्लास्टिक के कण निकलकर पानी में पहुंच सकते हैं. ऐसे में ये सिर्फ आपके सेहत ही नहीं बल्कि पर्यावरण के लिए भी जोखिमभरा है. सेफ ऑप्शन- नारियल के रेशों वाला स्क्रबर या बिना प्लास्टिक वाला सेलुलोज स्पंज चुनें. खरीदते समय उसकी सामग्री जरूर जांचें, क्योंकि प्राकृतिक दिखने वाले कुछ उत्पादों में भी सिंथेटिक फाइबर हो सकते हैं. 

Add News18 as
Preferred Source on Google

एयर फ्रेशनर कुछ एयर फ्रेशनर और सेंटेड कैंडल में फ्थैलेट्स हार्मोन सिस्टम को प्रभावित करने वाले केमिकल होते हैं. हालांकि, हर एयर फ्रेशनर या खुशबू वाली मोमबत्ती में ऐसे रसायन हों, यह जरूरी नहीं है. सेफ ऑप्शन- कमरे में ताजी हवा आने दें, नियमित वेंटिलेशन रखें और तेज खुशबू वाले प्रोडक्ट की जगह एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल करें. हालांकि बिना खुशबू वाले प्रोड्क्ट्स केमिकल फ्री हो जरूरी नहीं है.

कुछ टी-बैग प्लास्टिक से बने होते हैं या उनमें प्लास्टिक की परत होती है. Environmental Science & Technology में 2019 में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि 95 डिग्री सेल्सियस गर्म पानी में एक प्लास्टिक टी-बैग डालने से अरबों माइक्रोप्लास्टिक और नैनोप्लास्टिक कण निकल सकते हैं. सेफ ऑप्शन- खुली चाय की पत्ती या बिना प्लास्टिक वाले पेपर टी-बैग चुनें. लेकिन ध्यान रखें खरीदने से पहले पेपर टी-बैग के एंग्रीडिएंट चेक करना जरूरी है.

 इसमें कोई दोराय नहीं कि नॉन-स्टिक बर्तन कुकिंग को काफी आसान बना देते हैं. लेकिन जब इसकी कोटिंग खराब हो जाती है, तो इसे तुरंत बदल देना चाहिए. क्योंकि कोटिंग में पीएफएएस मिला होता है, जो गर्म होने पर खाने में भी मिल सकता है. सेफ ऑप्शन- कोटिंग उखड़ने या बर्तन खराब होने पर उसे बदलें. स्टेनलेस स्टील या कास्ट आयरन के बर्तन विकल्प हो सकते हैं.

2024 में PNAS में प्रकाशित एक अध्ययन में बोतलबंद पानी के एक लीटर में औसतन करीब 2.4 लाख माइक्रोप्लास्टिक और नैनोप्लास्टिक कण पाए गए. ऐसे में यदि आप प्लास्टिक के बोतल से पानी पीते हैं तो ये लंबे समय में आपके शरीर में बीमारियों के लिए अनुकूल वातावरण बना सकते हैं. सेफ ऑप्शन- रोजाना इस्तेमाल के लिए स्टील या कांच की बोतल चुन सकते हैं. हालांकि समय-समय पर इनकी सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। ‘लेटेस्ट कॉमर्स डील्स, खास डिस्काउंट और बेहतरीन शॉपिंग ऑफर देखने के लिए कंपेयर इंड‍िया देखें.’



Source link