आदिवासियों के आशियाने उजड़े तो फट पड़े थे शिवराज, अब सीएम मोहन से मिले ‘मामा’, कहा-एक्शन होगा

आदिवासियों के आशियाने उजड़े तो फट पड़े थे शिवराज, अब सीएम मोहन से मिले ‘मामा’, कहा-एक्शन होगा


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मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के कोसमी गांव में आदिवासियों के मकान तोड़े जाने का मामला इन दिनों सूबे की सियासत के केंद्र में है. अब इसी को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच अहम बैठक हुई. जहां सीएम ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कही है.

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सीएम मोहन यादव से मिले शिवराज सिंह चौहान

मध्य प्रदेश की राजनीति में इस समय आदिवासियों का मुद्दा गरमाया हुआ है, जहां सीहोर जिले में प्रशासन ने 12 आदिवासियों के घर गिरा दिए थे और उनकी फसलों को बर्बाद कर दिया था. इसके बाद जमकर हल्ला मचा था और आदिवासी धरने पर बैठ गए थे. इस मामले को लेकर बीजेपी के ऊपर कांग्रेस भी हमलावर हुई थी. अब आदिवासियों के मामले को लेकर सीएम मोहन यादव से शिवराज सिंह चौहान की भोपाल में मुलाकात हुई है. इस दौरान आदिवासियों का एक प्रतिनिधित्व मंडल भी उनके साथ था और उसने भी सीएम के सामने सारी बात रखी है. इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे. सूत्रों के मुताबिक सीएम ने जांच कर दोषी अधिकारियों पर एक्शन का आश्वासन दिया.

शिवराज सिंह चौहान का फूटा था गुस्सा
जब आदिवासियों के घर गिराए गए थे, तो उसमें शिवराज सिंह चौहान का गुस्सा देखने को मिला था. वह मौके पर पहुंचे थे और आदिवासियों का दर्द बांटा था. तब उन्होंने अपनी ही सरकार पर निशाना साधा था. तब शिवराज ने कहा था कि मेरे क्षेत्र में जुल्म की पराकाष्ठा हुई है. अन्याय की इंतहा हुई है. सवेरे तक जो घर आबाद थे, जहां बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां बच्चों की चीखें गूंज रही हैं. महिलाएं छातियां पीट-पीटकर रो रही हैं. उनके घर गिरा दिए गए.

शिवराज सिंह चौहान इस वजह से भी गुस्सा हुए थे, क्योंकि यह उनके ही लोकसभा क्षेत्र का मामला था. बाद में उन्होंने यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री मोहन यादव इन्हीं के वोटों से सीएम बने हैं और वह उनके सामने इस मामले को उठाएंगे.

क्या बोले थे सीएम मोहन यादव
बाद में सीएम मोहन यादव का भी इस पर बयान सामने आया था. उन्होंने कहा था कि अगर हमारे सीनियर नेता ने कोई बात कही है, तो उसे सुना जाएगा. मैंने अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है. जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.

आदिवासियों ने भोपाल के लिए निकाला पैदल मार्च
पिछले चार दिनों से आदिवासी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए थे. इसके बाद वह सीहोर से भोपाल पैदल मार्च के लिए निकल गए थे. इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था. आदिवासी समुदाय बीजेपी का कोर वोट बैंक माना जाता है और बीजेपी को सत्ता में पहुंचाने में इसकी अहम भूमिका रही है. लेकिन अब वह समुदाय ही उसके खिलाफ पैदल मार्च निकाल रहा है.



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