IPL: वो 3 कारण क्यों युवराज को कोच बनाना दिल्ली कैपिटल्स के लिए मास्टरस्ट्रोक
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Yuvraj Singh को Delhi Capitals ने IPL 2027 के लिए अपना असिस्टेंट कोच बनाया है. वह हेड कोच सौरव गांगुली की देखरेख में टीम को बैटिंग के गुर सिखाएंगे. दिल्ली कैपिटल्स फ्रेंचाइजी ने पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी का ट्रेनिंस सेशन से एक वीडियो भी अपलोड किया है. युवी के पास मल्टी टीम टूर्नामेंट्स जीतने का अनुभव है, जिसका फायदा दिल्ली कैपिटल्स को मिल सकता है.
हेड कोच बनते ही सौरव गांगुली ने अपने पुराने साथी युवराज सिंह को भी दिल्ली कैपिटल्स के कोचिंग स्टाफ में शामिल कर लिया.
नई दिल्ली: युवराज सिंह की दिल्ली कैपिटल्स में घरवापसी हुई है. आईपीएल 2015 में दिल्ली डेयरडेविल्स ने उन्हें रिकॉर्ड 16 करोड़ रुपये में खरीदा था. अब आईपीएल 2027 के लिए दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें बतौर असिस्टेंट कोच/बैटिंग कोच साइन किया है. युवी की गिनती दुनिया के सर्वकालिक महान वाइट बॉल फॉर्मेट प्लेयर्स में होती है. उनके अनुभव का फायदा टीम को मिलेगा यान नहीं ये तो आने वाला वक्त बताएगा, लेकिन उससे पहले चलिए समझते हैं कि क्यों युवराज को साइन करना दिल्ली कैपिटल्स फ्रेंचाइजी के लिए किसी मास्टरस्ट्रोक से कम नहीं.
आक्रामक युवा प्लेयर्स को निखारने का बेजोड़ अनुभव
हम सब जानते हैं कि शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा और प्रभसिमरन सिंह जैसे खिलाड़ी युवराज सिंह की मेंटॉरशिप (मार्गदर्शक) में ही इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं. युवराज सिंह कई बार इस बारे में कह भी चुके हैं कि पूरी टीम को कोचिंग देने के बजाय वह हमेशा व्यक्तिगत ट्रेनिंग देना पसंद करेंगे क्योंकि इससे खिलाड़ियों पर ध्यान देना आसान होता है. मगर अब शायद सौरव गांगुली के कहने पर ही वह पहली बार औपचारिक तौर पर किसी टीम के कोचिंग दल से जुड़ेंगे.
दिल्ली कैपिटल्स के सोशल मीडिया पर अकाउंट पर युवराज सिंह का ताजा वीडियो
युवराज को पता है टूर्नामेंट कैसे जीतते हैं
44 साल के युवराज सिंह ने भारत के लिए 304 वनडे, 40 टेस्ट और 58 टी-20 इंटरनेशनल खेले हैं और दो-दो बार वर्ल्ड कप भी जीता है. दो बार आईपीएल चैंपियन टीम के मेंबर रह चुके हैं. युवी को पता है कि बड़े टूर्नामेंट्स कैसे जीते जाते हैं. चाहे 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप का ओपनिंग एडिशन हो या फिर 2011 का वनडे वर्ल्ड कप, युवराज सिंह के बिना भारत विश्व कप नहीं जीत पाता. 2016 में उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के साथ पहली बार आईपीएल ट्रॉफी उठाई तो 2019 में मुंबई इंडियंस की उस टीम का भी हिस्सा थे, जिसने फाइनल में चेन्नई सुपरकिंग्स को हराया.
युवराज सिंह 2008 में किंग्स इलेवन के पंजाब थे
सौरव गांगुली के साथ मैच विनिंग जुगलबंदी
युवराज सिंह ने अलग-अलग फ्रेंचाइजी के साथ कुल 132 आईपीएल मैच खेले हैं, जिसमें 2750 रन के साथ-साथ 13 अर्धशतक और 36 विकेट भी लिए हैं. वह ओपनिंग एडिशन यानी 2008 में किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान थे. इसके बाद सौरव गांगुली की कप्तानी वाले पुणे वॉरियर्स इंडिया, दिल्ली कैपिटल्स (तब दिल्ली डेयरडेविल्स), रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के लिए भी खेले. उन्हें दबाव से निपटना आता है. दिल्ली कैपिटल्स के मालिकों को वह पहले से जानते हैं इससे भी ड्रेसिंग रूम में एक पॉजिटिव माहौल बनेगा और हो सकता है दिल्ली पहली बार आईपीएल चैंपियन बन जाए.