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Pakistan News: पाकिस्तान में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर रूल लागू कर पूरे राज्य पर सीधा कंट्रोल कर लिया है. सरकार ने बढ़ती आतंकी हिंसा को इसकी वजह बताया, जबकि इमरान खान की पार्टी PTI ने इसे राजनीतिक कार्रवाई कहा. फैसले के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच झड़प में 5 लोग घायल हुए.
खैबर पख्तूनख्वा में तैनात पुलिसबल. (Reuters)
Pakistan Imran Khan News: पाकिस्तान में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के बीच टकराव बढ़ गया है. केंद्र सरकार ने रविवार को खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर रूल लागू कर राज्य के प्रशासन पर सीधा कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया. सरकार ने यह कदम बढ़ती आतंकी घटनाओं का हवाला देकर उठाया है. वहीं, PTI ने इसे राजनीतिक कब्जा बताते हुए विरोध किया है. मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस और PTI समर्थकों के बीच झड़प हुई, जिसमें 5 लोग घायल हो गए. रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने आंसू गैस के गोले और फायरिंग की.
प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आरोप
PTI समर्थकों ने राज्य सरकार के अधिकार खत्म किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया. सबसे गंभीर झड़पें पेशावर से करीब 15 किलोमीटर दूर बारा में हुईं. PTI ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और गोलियां चलाईं. पार्टी ने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निहत्थे लोगों के खिलाफ कार्रवाई बताया. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य प्रशासन में सूचना का काम संभाल रहीं समर हारून बिलौर ने कहा कि पुलिस की ओर से गोली चलाने के आरोप बेबुनियाद हैं. उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर AI से बनाए गए वीडियो के जरिए गलत जानकारी फैलाई जा रही है.
पुलिस के मुताबिक, 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है. उन पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में आतंकवाद तथा तोड़फोड़ से जुड़े मामले दर्ज किए जाएंगे. पुलिस ने यह भी दावा किया कि बारा में प्रदर्शनकारियों ने NADRA के एक केंद्र में आग लगा दी. PTI के सूचना सचिव इकराम खताना ने इस दावे को चुनौती देते हुए कहा कि आग अज्ञात लोगों ने लगाई थी.
शहबाज शरीफ ने फैसले को बताया जरूरी
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगियों के साथ बैठक में कहा कि सरकार ने गवर्नर रूल लगाने से बचने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन बातचीत सफल नहीं रही. उन्होंने PTI के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर आतंकवादी संगठनों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया. शरीफ ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने नेशनल फाइनेंस कमीशन के तहत खैबर पख्तूनख्वा को 800 अरब पाकिस्तानी रुपये से ज्यादा दिए, लेकिन इसके बावजूद राज्य का काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट मजबूत नहीं हुआ और सेफ सिटी प्रोजेक्ट भी स्थापित नहीं किए गए. शरीफ के मुताबिक, सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत 3 अक्टूबर को टूट गई थी. उन्होंने PTI पर समझौते के बजाय विरोध तेज करने की तैयारी का आरोप भी लगाया. दूसरी ओर, PTI ने आतंकवाद को लेकर केंद्र सरकार के आरोपों को खारिज किया है.
पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी का अपहरण
इस बीच, खैबर पख्तूनख्वा के पूर्व मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी की हिरासत को लेकर भी विवाद बढ़ गया है. उनके भाई मुहम्मद आमिर ने पेशावर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अफरीदी का पता लगाने और उन्हें अदालत में पेश करने की मांग की है. याचिका में आरोप लगाया गया कि हथियारबंद और नकाब पहने लोगों ने अफरीदी को अगवा किया. PTI का दावा है कि हिरासत में लिए जाने के तीन दिन बाद भी उन्हें अदालत में पेश नहीं किया गया था. याचिका में उनकी हिरासत की कानूनी वजह बताने और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है. इन आरोपों पर अदालत के किसी फैसले की जानकारी सामने नहीं आई है.