70s की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर, जिसे धर्मेंद्र, दिलीप कुमार और राजेश खन्ना ने ठुकराया, धक्के खा रहा लड़का बन गया सुपरस्टार

70s की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर, जिसे धर्मेंद्र, दिलीप कुमार और राजेश खन्ना ने ठुकराया, धक्के खा रहा लड़का बन गया सुपरस्टार


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बॉलीवुड में कई बार सितारों के ठुकराने वाली फिल्म किसी दूसरे एक्टर की किस्मत चमका देती है. ऐसा ही कुछ अमिताभ बच्चन के साथ हुआ था. साल 1973 में आई फिल्म ‘जंजीर’ ने उनके करियर को नई दिशा दी. उन्हें बॉलीवुड का ‘एंग्री यंग मैन’ बना दिया. वहीं उनसे पहले इस फिल्म को धर्मेंद्र और राजेश खन्ना जैसे कई स्टार रिजेक्ट कर चुके थे. लेकिन किस्मत तो अमिताभ बच्चन का इंतजार कर रही थी. इसी फिल्म ने अमिताभ को सुपरस्टार बनाया.

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नई दिल्ली. बॉलीवुड में कई बार ऐसा होता है कि जिस फिल्म को बड़े-बड़े सितारे करने से मना कर देते हैं, वही किसी दूसरे एक्टर की जिंदगी बदल देती है. फिल्म ‘जंजीर’भी अमिताभ बच्चन के करियर के लिए ऐसी ही फिल्म साबित हुई थी.इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात एक अलग पहचान दिला दी. साल 1973 में रिलीज हुई ‘जंजीर’ ने न सिर्फ अमिताभ बच्चन को बतौर हीरो स्थापित किया, बल्कि हिंदी सिनेमा में एक नए तरह के नायक की शुरुआत भी की. फिल्म को पहले कई स्टार ने ठुकरा दिया था.

दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म के लिए पहले धर्मेंद्र, दिलीप कुमार और राजेश खन्ना जैसे बड़े सितारों को कास्ट करने की चर्चा हुई. लेकिन जब इन कलाकारों ने अलग-अलग वजहों से फिल्म नहीं की, तो यह मौका अमिताभ बच्चन को मिला. उस वक्त अमिताभ लगातार बॉक्स ऑफिस पर सफलता पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन ‘जंजीर’ ने उनकी तकदीर बदल दी.

‘जंजीर’ को लेकर सबसे दिलचस्प बात यह है कि फिल्म की कहानी सबसे पहले धर्मेंद्र से जुड़ी थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, धर्मेंद्र ने सलीम खान से इस कहानी को 2,500 रुपये में खरीदा था. उस समय उनकी प्लानिंग खुद इस फिल्म में काम करने की थी. फिल्म को लेकर उनके भाई अजीत और निर्देशक प्रकाश मेहरा के साथ मिलकर काम करने की बात भी सामने आई थी.

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गौरतलब है कि यह वह दौर था, जब सलीम खान और जावेद अख्तर ने मिलकर इसकी पूरी स्क्रिप्ट को लिखा नहीं था. हालांकि, अजीत और प्रकाश मेहरा के बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई. बताया जाता है कि इसके बाद धर्मेंद्र ने भी इस प्रोजेक्ट से दूरी बना ली. नतीजा यह हुआ कि कहानी दोबारा प्रकाश मेहरा के पास पहुंच गई. इसके बाद उनके सामने बड़ा चैलेंज था कि आखिर अब किस हीरो को फिल्म के लिए लिया जाए.

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि दिलीप कुमार को भी इस फिल्म में काम करने का ऑफर दिया गया था, लेकिन उन्होंने भी इसे रिजेक्ट कर दिया था. कहा तो ये भी जाता है कि इस फिल्म के लिए राजेश खन्ना को भी अप्रोच किया गया था. लेकिन ‘जंजीर’ का लीड रोल उनकी उस छवि से बिल्कुल अलग था. फिल्म में एक ऐसा पुलिस अधिकारी दिखाया गया था, जिसके भीतर गुस्सा, बेचैनी और अपराधियों के खिलाफ लड़ने का जुनून था.उन्हें भी रिजेक्ट कर दी.

बात अमिताभ की करें तो उन्हें ये फिल्म उस वक्त मिली, जिस वक्त वह काम के लिए वह इधर-उधर घूम रहे थे. उन्हें काम ही नहीं मिलता था. कोई बड़ी हीरोइन तो उनके साथ काम ही नहीं करना चाहती थीं. उन पर कोई दांव नहीं लगाना चाहता था. बाद में बिग बी को ये फिल्म मिली.

साल 2022 में ‘इंडिया टुडे’ को दिए एक इंटरव्यू में जावेद अख्तर ने बताया था कि अमिताभ बच्चन ‘जंजीर’ के लिए आखिरी पसंद थे. जब उन्हें ये फिल्म ऑफर की गई तो उसके बाद किसी दूसरे हीरो को ये फिल्म नहीं ऑफर की गई.फिल्म में शेर खान का किरदार निभाने वाले प्राण ने भी अमिताभ की कास्टिंग का समर्थन किया था.

बता दें कि 11 मई 1973 को रिलीज हुई ‘जंजीर’ ने देखते ही देखते ही लोगों का ऐसा दिल जीता कि फिल्म ब्लॉकबस्टर हो गई. अमिताभ बच्चन तो इस फिल्म से रातोंरात स्टार बन गए थे. विजय खन्ना के पुलिस अधिकारी का रोल निभाकर उनकी ऐसी किस्मत चमकी कि वह आज 84 की उम्र में भी करोड़ों कमा रहे हैं.

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