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CM Sukhu Kaza Tour: हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति के काज़ा में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू काज़ा पहुंच गए हैं, जहां वे कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और जनता से सीधा संवाद करेंगे.
जिला लाहौल-स्पीति के स्पीति उपमंडल के काजा में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम का आगाज़ हो गया है.
काजा. हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के स्पीति उपमंडल में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम का आगाज़ हो गया है. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू लाहौल स्पीति के काज़ा पहुंच गए हैं. बुधवार को स्पीति वासियों ने पारंपरिक अंदाज़ में ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच उनका जोरदार स्वागत किया. गौर रहे कि काजा को हिमाचल का कोल्ड डेजर्ट कहा जाता है, क्योंकि यहां पर सर्दियों में भारी हिमपात होता है.
मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान क्षेत्र को कई विकासात्मक परियोजनाओं की सौगात मिलने जा रही है. वहीं, सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री महिला मंडलों, युवक मंडलों और स्थानीय जनता से सीधा संवाद भी करेंगे.
दरअसल, मुख्यमंत्री के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, रंगरिक में दो मेगावाट क्षमता वाले ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन किया जाएगा. इसके अलावा चिदांग तंगती से खर तेलिंग सड़क और तंज़िट से हिक्किम सड़क का भी उद्घाटन प्रस्तावित है.
इसके बाद मुख्यमंत्री काज़ा स्थित आइस हॉकी ग्राउंड में विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन और भूमि पूजन करेंगे. इस दौरान वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिससे क्षेत्र के विकास और स्थानीय मुद्दों को लेकर सरकार का पक्ष सामने आएगा.
हिमाचल प्रदेश का काजा उपमंडल.
मुख्यमंत्री शाम 5 बजकर 20 मिनट पर कीह स्थित वृद्धाश्रम पहुंचकर वहां रह रहे वरिष्ठ नागरिकों से मुलाकात करेंगे और उनसे बातचीत करेंगे. इसके बाद शाम 6 बजकर 5 मिनट पर रंगरिक के मंजूश्री में आयोजित ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे. यहां महिला मंडलों, युवक मंडलों और स्पीति की जनता के साथ सीधा संवाद कर स्थानीय समस्याओं, जरूरतों और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे.
मुख्यमंत्री शाम 7 बजकर 30 मिनट पर रंगरिक के मंजूश्री से एस्ट्रो मॉन्क रंगरिक के लिए रवाना होंगे. यहां कुछ समय रुकने के बाद उनका रात्रि ठहराव भी रंगरिक में ही रहेगा. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री अगले दिन सुबह 7 बजकर 30 मिनट पर शिमला के लिए रवाना होंगे. गौर रहे कि कि रंगरिक गांव 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है.
कहां पर है काजा
गौर रहे कि हिमाचल प्रदेश में लाहौल स्पीति दुर्गम जिला है. यहां पर सर्दियों में भारी हिमपात होता है. लाहौल स्पीति दो भागों में बंटा है और एक हिस्सा लाहौल और दूसरा स्पीति में आता है. यहां जाने के लिए शिमला और मनाली से दो रास्ते हैं. हालांकि, सर्दियों में मनाली की तरफ रास्ता बंद हो जाता है. शिमला की तरफ से करीब 450 किमी की दूरी पर काजा है. काजा में बड़ी संख्या में सैलानी घूमने आते हैं. चंद्रताल, कीमोनास्ट्री समेत स्नो लैपर्ड के लिए देश और दुनिया से सैलानी यहां पर दौड़े आते हैं.