हर की पौड़ी से महज 5 मिनट दूर हरिद्वार का फेमस बाजार, जहां दिल्ली से भी सस्ता मिलता है सामान, 150 सालों से पहचान कायम

हर की पौड़ी से महज 5 मिनट दूर हरिद्वार का फेमस बाजार, जहां दिल्ली से भी सस्ता मिलता है सामान, 150 सालों से पहचान कायम


हरिद्वार: धर्म नगरी हरिद्वार आने वाले श्रद्धालु हर की पौड़ी पर गंगा स्नान और दर्शन करने जरूर पहुंचते हैं. हरिद्वार में खरीदारी के लिए वैसे तो कई फेमस और पुराने बाजार है, लेकिन यहां हर की पौड़ी के पास एक ऐसा बाजार भी है, जहां सुबह से देर रात तक लोगों की भीड़ लगी रहती है. यह है अपर रोड बाजार, जो अपनी पुरानी दुकानों, धार्मिक सामान और खान-पान के लिए जाना जाता है. यहां पूजा सामग्री, रुद्राक्ष की माला, चूड़ियां, मूर्तियां, प्रसाद और रोजमर्रा की जरूरत का सामान आसानी से मिल जाता है. इस बाजार की खास बात यह है कि इसका हरिद्वार के धार्मिक आयोजनों और इतिहास से भी गहरा नाता रहा है.

अपर रोड बाजार नगर कोतवाली के पास स्थित पोस्ट ऑफिस से शुरू होकर हर की पौड़ी तक फैला हुआ है. आजादी से पहले, जब हाईवे और फोरलेन सड़कें नहीं थीं, तब हरिद्वार से ऋषिकेश जाने के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल किया जाता था. आज भी कुंभ मेला, कांवड़ यात्रा, सोमवती अमावस्या, मौनी अमावस्या और दूसरे स्नान पर्वों पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु इसी रास्ते से हर की पौड़ी पहुंचते हैं. कुंभ मेले के दौरान 13 अखाड़ों की पेशवाई भी इसी बाजार से होकर ब्रह्मकुंड तक पहुंचती है.

150 साल पुराना है अपर रोड बाजार
अपर रोड के वरिष्ठ व्यापारी सदानंद बताते हैं कि यह बाजार हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए काफी अहम है. पोस्ट ऑफिस से हर की पौड़ी तक का इलाका जीरो जोन में आता है. बाजार की सड़क चौड़ी होने के कारण बड़े स्नान पर्वों और कांवड़ मेले के दौरान भी लोगों की आवाजाही बनी रहती है. सदानंद के मुताबिक, यहां देवी-देवताओं की धातु की मूर्तियां, पूजा सामग्री, कंगन, चूड़ियां, रुद्राक्ष की मालाएं और रत्न मिलते हैं. बाजार में मनसा देवी मंदिर जाने के लिए पैदल सीढ़ियों और रोपवे का रास्ता भी पड़ता है. वहीं, हरिद्वार के प्राचीन माया देवी मंदिर तक पहुंचने के लिए भी यह इलाका अहम है. सावन में कांवड़ खरीदने और हर की पौड़ी पर दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु यहां खरीदारी करते हैं.

अंग्रेजों के समय से बनी हुई है बाजार की पहचान
बाजार के व्यापारी सागर सक्सेना बताते हैं कि अपर रोड बाजार करीब 150 साल पुराना है. अंग्रेजों के समय से ही इसकी अपनी पहचान रही है. उनके परिवार की तीसरी पीढ़ी दुकान संभाल रही है, जो करीब 100 साल पुरानी है. सागर सक्सेना के अनुसार, बाजार में दिनभर यात्रियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है. रात में कुछ समय के लिए दुकानें बंद होती हैं, लेकिन कई दुकानदार देर रात तक काम करते हैं. यहां गुरु गोरखनाथ धर्मशाला भी है, जहां यात्रियों को कम दाम में ठहरने की सुविधा मिल जाती है. उनका कहना है कि बाजार में टिकाऊ सामान उचित दाम पर मिलता है. दुकानदार ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने के लिए उन्हें सही कीमत पर सामान देने की कोशिश करते हैं.

अब चौथी पीढ़ी संभालेगी कारोबार
व्यापारी आकाश सक्सेना बताते हैं कि उनकी दुकान को भी करीब 100 साल हो चुके हैं. अब उनके परिवार की चौथी पीढ़ी कारोबार संभालने की तैयारी कर रही है. उनके मुताबिक, बाजार सुबह करीब 6 बजे से रात 12 बजे तक सक्रिय रहता है. कुछ दुकानें देर रात तक खुली रहती हैं, ताकि रात में आने वाले यात्रियों को सामान खरीदने में परेशानी न हो. आकाश सक्सेना बताते हैं कि हर की पौड़ी और मनसा देवी मंदिर जाने का रास्ता यहां से कुछ ही दूरी पर है. कुंभ मेले के दौरान अखाड़ों के साधु-संतों की पेशवाई भी इसी मुख्य सड़क से होकर निकलती है. बाजार में कपड़े, धार्मिक किताबें, खिलौने, स्फटिक और रुद्राक्ष की मालाएं, नग-नगीने, प्रसाद और यादगार के तौर पर खरीदे जाने वाले सामान की दुकानें भी हैं.

श्रद्धालुओं की खरीदारी का प्रमुख केंद्र
अपर रोड बाजार सिर्फ खरीदारी की जगह नहीं, बल्कि हरिद्वार की धार्मिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है. बड़े स्नान पर्वों और कांवड़ यात्रा के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है. कोई पूजा के लिए सामान खरीदता है, तो कोई घर लौटते समय प्रसाद और यादगार के तौर पर कुछ ले जाता है. यही वजह है कि इतने सालों बाद भी अपर रोड बाजार हरिद्वार आने वाले यात्रियों के लिए खास बना हुआ है.



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