विमल नेगी मौत मामला: CBI टीम ने DIG संजीव गांधी और SIT के कुछ कर्मियों से की पूछताछ


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Shimla Vimal Negi Death Case: हिमाचल प्रदेश में विमल नेगी की संदिग्ध मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई ने डीआईजी संजीव गांधी से पूछताछ की है. हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई इस केस की जांच कर रही है. बीती साल जुलाई महीने में विमल नेगी की लाश बिलासपुर में झील से मिली थी.

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विमल नेगी मौत मामला: CBI ने DIG संजीव गांधी और SIT के कर्मियों से की पूछताछZoom

सीबीआई टीम ने शिमला के पूर्व एसपी और अब डीआईजी संजीव गांधी से पूछताछ की है.

शिमला. हिमाचल प्रदेश में पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पूर्व मुख्य अभियंता विमल नेगी की संदिग्ध मौत केस में सीबीआई जांच कर रही है. अब सीबीआई की 5 सदस्यीय टीम दिल्ली से शिमला पहुंची है. बताया जा रहा है कि सीबीआई टीम ने शिमला के पूर्व एसपी और अब डीआईजी संजीव गांधी से पूछताछ की है.

सूत्रों के अनुसार जांच एजैंसी ने इस दौरान शुरूआती पुलिस कार्रवाई, साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया और जांच से संबंधित तथ्यों की जानकारी ली.  अमर उजाला की खबर के अनुसार, मंगलवार दोपहर को डीआईजी संजीव गांधी को सीबीआई ने जांच के लिए बुलाया था.

गौर रहे कि विमल नेगी की मौत मामले में संजीव गांधी एसपी शिमला था और शिमला में नेगी की गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया था. शिमला के ही एएसआई पंकज पर नेगी की पेन ड्राइव छुपाने और फिर उसे फोर्मेट करने के आरोप लगे हैं. मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा था और इस केस में संजीव गांधी और इस केस को लेकर उस समय के डीजीपी अतुल वर्मा के बीच तकरार भी देखने को मिली थी. सीबीआई को हाईकोर्ट ने ही जांच सौंपी थी.

झील में मिली थी लाश

विमल नेगी 10 मार्च 2025 को शिमला से लापता हुए थे. 18 मार्च को उनका शव बिलासपुर जिले में गोबिंद सागर झील के पास बरामद हुआ था. उनकी पत्नी ने विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर मानसिक दबाव बनाने के आरोप लगाए थे. मामले की शुरूआती जांच हिमाचल पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने की थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए थे.

एएसआई ने पेन ड्राइव छुपा दी थी

जांच के दौरान विमल नेगी की पैन ड्राइव में मौजूद डिजिटल साक्ष्यों से छेड़छाड़ के आरोप भी लगे थे. इसके तहत एजैंसी ने इस मामले में एएसआई पंकज को गिरफ्तार किया था, जिसे बाद में अदालत से जमानत मिल गई. ऐसे में सीबीआई की इस करवाई को शुरूआती जांच की प्रक्रिया और साक्ष्यों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल के रूप में देखा जा रहा है.



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