भारत में फांसी तो अमेरिका में क्या… इन 5 देशों में दोषियों को ऐसे तड़पाकर ली जाती है जान

भारत में फांसी तो अमेरिका में क्या… इन 5 देशों में दोषियों को ऐसे तड़पाकर ली जाती है जान


मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई गई है. सौरभ राजपूत की हत्या के इस मामले में अदालत ने करीब 13 महीने चली सुनवाई के बाद फैसला सुनाया. बता दें कि भारत में फांसी की सजा तब होती है जब कोई दोषी जघन्य अपराध करता है और यह मामला भी इसी वजह से काफी चर्चित रहा है. अब इस मामले के बहाने यह जानना भी दिलचस्प है कि भारत के अलावा दुनिया के दूसरे देशों में दोषियों के जीवन लेने यानी मृत्युदंड के क्या-क्या तरीके हैं…

भारत में फांसी से दी जाती है मौत की सजा

भारत में सामान्य आपराधिक मामलों में मृत्युदंड देने के लिए फांसी का प्रावधान है. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 393(5) के अनुसार, मौत की सजा सुनाए जाने पर आदेश में दोषी को तब तक गर्दन से लटकाने का निर्देश होता है, जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए यानी हैंग टिल दी डेथ. हालांकि, भारत में मृत्युदंड केवल कुछ गंभीर अपराधों में ही कानून के तहत दिया जा सकता है. Economic times की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में आजादी के बाद से 720 दोषियों को फांसी की सजा दी गई. लास्ट फांसी निर्भया के मामले में 2020 को 4 दोषियों को फांसी दी गई.

अमेरिका में इंजेक्शन और करंट

अमेरिका में मृत्युदंड देने का तरीका राज्य के कानून पर निर्भर करता है. यहां Lethal Injection यानी घातक इंजेक्शन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला तरीका है. इसके अलावा, कुछ राज्यों में बिजली की कुर्सी, फायरिंग स्क्वॉड, गैस और नाइट्रोजन गैस से दम घोंटने जैसे तरीके भी कानून में शामिल हैं. सभी राज्यों में मृत्युदंड लागू नहीं है और हर राज्य के नियम अलग हैं.

चीन में इंजेक्शन या गोली मारकर मृत्युदंड

चीन में मृत्युदंड देने के लिए घातक इंजेक्शन और गोली मारने, दोनों तरीकों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, चीन में मृत्युदंड से जुड़े आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होते. इसलिए वहां हर साल कितने लोगों को मौत की सजा दी जाती है और किस तरीके का इस्तेमाल कितनी बार होता है, इसका सटीक आकलन करना हमेशा से मुश्किल रहा है.

जापान में भी है फांसी का प्रावधान है 

जापान उन विकसित देशों में शामिल है, जहां मृत्युदंड अब भी लागू है. यहां फांसी के जरिए मौत की सजा दी जाती है. इस प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता और कैदियों को दी जाने वाली पूर्व सूचना जैसे मुद्दों पर मानवाधिकार संगठनों ने सवाल उठाए हैं.

सऊदी अरब में सिर कलम करने का तरीका है

सऊदी अरब में मृत्युदंड देने के लिए सिर कलम करने यानी Beheading का इस्तेमाल किया जाता रहा है. एमनेस्टी इंटरनेशनल की 2025 की रिपोर्ट में इस तरीके के साथ गोली मारकर मौत की सजा देने का भी उल्लेख है. सऊदी अरब में मृत्युदंड के इस्तेमाल और किन अपराधों के लिए यह सजा दी जाती है, इसे लेकर मानवाधिकार संगठन लगातार चिंता जताते रहे हैं.

ईरान में फांसी और सार्वजनिक मृत्युदंड का तरीका है

ईरान में दोषी को फांसी दी जाती है. एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक, 2025 में ईरान में कुछ सार्वजनिक मृत्युदंड के मामले भी दर्ज किए गए. मानवाधिकार संगठनों ने वहां मौत की सजा के बढ़ते इस्तेमाल, निष्पक्ष सुनवाई से जुड़ी चिंताओं और मृत्युदंड के मामलों में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाए हैं.



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