Yemen Ras Issa Air Strikes : यमन में बहुत बड़ा धमाका, होदेदा के तेल ठिकानों पर जोरदार एयरस्ट्राइक, शुरू हो गई एनर्जी वॉर!

Yemen Ras Issa Air Strikes : यमन में बहुत बड़ा धमाका, होदेदा के तेल ठिकानों पर जोरदार एयरस्ट्राइक, शुरू हो गई एनर्जी वॉर!


पश्चिम एशिया में एक और जंग शुरू हो गई है. हूती लड़ाकों से परेशान सऊदी अरब ने अब यमन को तबाह करने की ठान ली है. यहीं से इस वक्त की सबसे बड़ी और खौफनाक खबर सामने आ रही है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, यमन के होदेदा प्रांत में स्थित ‘रास ईसा’ (Ras Issa) इलाके पर कई जोरदार हवाई हमले हुए हैं. ये वही इलाका है, जहां हूती विद्रोहियों का कब्जा है और यहां उनके सबसे अहम समुद्री बंदरगाह और तेल के बुनियादी ढांचे मौजूद हैं. अब सऊदी और यमन के बीच एनर्जी वॉर शुरू हो सकती है, जिसमें एक के बाद एक कई तेल के ठिकाने तबाह किए जा सकते हैं.

यमन पर अटैक के बाद दिखा खौफनाक नजारा

इस भीषण एयरस्ट्राइक के बाद पूरे लाल सागर और आसपास के खाड़ी देशों में भारी हड़कंप मच गया है. हवाई हमलों के बाद रास ईसा पोर्ट और उसके आसपास के इलाकों से विशालकाय धुएं के गुबार उठते देखे गए हैं. इस घटना ने एक बार फिर से इस पूरे इलाके को बेहद खतरनाक और अस्थिर बना दिया है, जहां से दुनिया का एक बहुत बड़ा व्यापार और तेल की सप्लाई गुजरती है.

रास ईसा (Ras Issa) पर हमला इतना मायने क्यों रखता है?

यमन के एक कोने में हुई ये एयरस्ट्राइक कितनी बड़ी खबर है, इसे समझने के लिए इसके पीछे का भूगोल और इकोनॉमिक्स समझना बहुत जरूरी है.

  • हूतियों का आर्थिक और रणनीतिक गढ़: होदेदा प्रांत और खासकर रास ईसा का इलाका हूती विद्रोहियों के लिए किसी लाइफलाइन से कम नहीं है. यहीं से होकर हूती अपने तेल के व्यापार और लॉजिस्टिक्स की सप्लाई को कंट्रोल करते हैं.
  • लाल सागर ट्रेड का सेंटर: रास ईसा का पोर्ट सीधे लाल सागर से जुड़ा हुआ है. लाल सागर वही समुद्री रास्ता है, जहां से होकर हर दिन अरबों डॉलर का वैश्विक व्यापार और क्रूड ऑयल जहाजों के जरिए गुजरता है.
  • हूती हमलों का जवाब: पिछले काफी समय से हूती विद्रोही लाल सागर में गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों और इजराइल से जुड़े पोतों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहे थे. ऐसे में उनके सबसे बड़े तेल ठिकाने पर ये हमला हूतियों को सीधे तौर पर पंगु बनाने की एक बहुत बड़ी सैन्य रणनीति मानी जा रही है.

किसने किया ये हमला और क्या हैं इसके रणनीतिक मायने?

हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी देश या सेना ने इस एयरस्ट्राइक की पूरी जिम्मेदारी अपने सिर नहीं ली है, लेकिन डिफेंस एक्सपर्ट्स का इशारा बिल्कुल साफ है.

लाल सागर में जहाजों की सुरक्षा के लिए तैनात अमेरिकी और ब्रिटिश गठबंधन सेनाएं लगातार हूती सैन्य ठिकानों को निशाना बनाती रही हैं. इसके अलावा, सऊदी अरब नीत गठबंधन भी हूतियों के तेल ठिकानों को तबाह करने की चेतावनी दे चुका है. ऐसे में रास ईसा पर ये हमला सीधे तौर पर हूतियों के आर्थिक पंख काटने की दिशा में एक बहुत बड़ा प्रहार है.

अब क्या करेंगे हूती विद्रोही?

यमन में हूती विद्रोहियों का रुख हमेशा से बेहद आक्रामक रहा है. अपने सबसे अहम तेल ढांचे और पोर्ट पर हुए इस हमले के बाद हूती चुप बैठने वाले बिल्कुल नहीं हैं.

  1. सऊदी और खाड़ी देशों के तेल ठिकानों पर खतरा: हूती विद्रोही पहले भी कई बार साफ कर चुके हैं कि अगर उनके बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया गया, तो वो सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल कंपनी ‘अरामको’ और यूएई के ठिकानों पर फिर से मिसाइलें दागेंगे.
  2. लाल सागर में जहाजों पर हमले और तेज होंगे: इस हमले के बदले में हूती विद्रोही लाल सागर से गुजरने वाले कमर्शियल शिप्स और अमेरिकी-ब्रिटिश युद्धपोतों पर और ज्यादा खतरनाक और आत्मघाती ड्रोन हमले शुरू कर सकते हैं.
  3. वैश्विक ऊर्जा बाजार में आग लगने का खतरा: अगर हूतियों ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों की रिफाइनरियों या शिपिंग रूट्स को पूरी तरह ठप किया, तो ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम अचानक बेकाबू हो जाएंगे.

भारत और पूरी दुनिया पर इसका क्या पड़ेगा असर?

यमन की धरती पर भड़की ये नई आग सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहने वाली है. इसका सीधा असर हमारी और आपकी जिंदगी पर भी पड़ने वाला है.

  • पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का डर: लाल सागर में तनाव और तेल ठिकानों पर हमले के कारण क्रूड ऑयल महंगा हो जाएगा. भारत जैसे देश, जो अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करते हैं, उनके लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें संभालना बहुत मुश्किल हो जाएगा.
  • महंगाई का नया दौरा: लाल सागर में जहाजों का रास्ता बदलने या सुरक्षा का खतरा बढ़ने से समुद्री माल ढुलाई बहुत ज्यादा महंगी हो जाती है. इससे रोजमर्रा के सामानों की कीमतें पूरी दुनिया में बढ़ सकती हैं.
  • क्षेत्रीय युद्ध का डर: यमन में बिगड़ते हालात सीधे तौर पर कई खाड़ी देशों को आमने-सामने की जंग में घसीट सकते हैं.

फिलहाल यमन के होदेदा और रास ईसा में तनाव चरम पर है. राहत और बचाव दल मौके पर हैं और दुनिया की तमाम एजेंसियों की नजरें यमन के हूती विद्रोहियों के अगले कदम पर टिकी हुई हैं. आने वाले कुछ घंटे ये तय करेंगे कि मध्य पूर्व शांति की तरफ बढ़ेगा या फिर एक भयानक एनर्जी वॉर की आग में झुलसेगा.



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