UP के बस अड्डों की बदलेगी सूरत, अंदर जाते ही लगेगा एयरपोर्ट आ गए, मिलेगी AC वेटिंग हॉल से लेकर होटल की सुविधा


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Bus Station Development News : उत्तर प्रदेश में बस से सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है. आने वाले दिनों में प्रदेश के कुछ बस अड्डे एयरपोर्ट जैसे आधुनिक नजर आएंगे. यहां AC वेटिंग हॉल, डिजिटल डिस्प्ले, रेस्टोरेंट, होटल और शॉपिंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी. पहले चरण में लखनऊ और NCR के पांच बस अड्डों को विकसित करने की योजना है. आखिर किन सुविधाओं से लैस होंगे ये बस अड्डे और कैसे बदलेगी इनकी तस्वीर? जानिए इस खबर में. 

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UP के बस अड्डों की बदलेगी सूरत, अंदर जाते ही लगेगा एयरपोर्ट आ गएZoom

एयरपोर्ट की तरह बनेंगे बस अड्डे. (एआई तस्वीर)

Good News : उत्तर प्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों को आने वाले समय में एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं. यूपी परिवहन निगम ने प्रदेश के पांच बस अड्डों (लखनऊ, नोएडा, खुर्जा, बुलंदशहर) को आधुनिक बनाने की योजना तैयार की है. पहले चरण में लखनऊ के दो और एनसीआर के तीन बस अड्डों को विकसित किया जाएगा. यहां यात्रियों को एसी वेटिंग हॉल, डिजिटल डिस्प्ले, आधुनिक टिकट काउंटर और साफ-सुथरे शौचालय जैसी सुविधाएं मिलेंगी.

बस अड्डों पर मिलेंगी ये सुविधाएं

इस योजना के तहत बस अड्डों पर यात्रियों के बैठने और आराम करने के लिए बेहतर इंतजाम होंगे. यहां रेस्टोरेंट, कॉफी शॉप, फास्ट फूड आउटलेट, दुकानें, होटल, मेडिकल स्टोर, बैंक और एटीएम भी बनाए जाएंगे. इसके अलावा इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग, टैक्सी-ऑटो स्टैंड, पार्किंग और सुरक्षा के लिए पुलिस बूथ की व्यवस्था होगी. आग से बचाव के लिए अग्निशमन के इंतजाम भी किए जाएंगे.

निजी कंपनियां करेंगी निवेश

इस योजना में बस अड्डों को विकसित करने का खर्च निजी कंपनियां उठाएंगी. इसके बदले कंपनियों को बस अड्डे 90 साल की लीज पर दिए जाएंगे. अधिकारियों के मुताबिक, प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिलने की संभावना है. मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी.

पहले से 23 बस अड्डों पर चल रहा काम

योजना के पहले चरण में लखनऊ के विभूतिखंड, चारबाग और अमौसी समेत प्रदेश के 23 बस अड्डों को आधुनिक बनाने का काम चल रहा है. उम्मीद है कि इनका निर्माण कार्य इसी साल पूरा हो जाएगा. परिवहन निगम को नई योजना से शुरुआत में 207.67 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद है. इसके बाद हर साल भी विभाग को शुल्क मिलता रहेगा.

इस योजना का मकसद बस अड्डों को साफ-सुथरा, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है, ताकि यात्रियों को बस का इंतजार करते समय बेहतर अनुभव मिल सके.



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