भारत में सुबह-सुबह डोली धरती, 2 राज्यों में आया भूकंप, झटकों से कांप उठे लोग
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Earthquake Today News: भारत में मंगलवार सुबह अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में भूकंप के झटके दर्ज किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग में 2.9 तीव्रता का भूकंप आया, जबकि सिक्किम के ग्यालशिंग में इसकी तीव्रता 2.4 रही. दोनों भूकंपों का केंद्र जमीन के नीचे था. उपलब्ध जानकारी में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है.
भारत में सुबह-सुबह डोली धरती, 2 राज्यों में भूकंप से हिली जमीन (सांकेतिक तस्वीर)
Earthquake Today News: भारत में आज यानी मंगलवार को भी भूकंप से धरती कांप उठी. 13 अक्टूबर 2026 को सुबह-सुबह दो राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. भारत के दो राज्यों अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में ये भूकंप आए. इन भूकंपों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3 से कम रही. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के आंकड़ों के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग में 2.9 तीव्रता का भूकंप आया, जबकि सिक्किम के ग्यालशिंग में 2.4 तीव्रता के झटके दर्ज किए गए.
राहत की बात यह रही कि दोनों भूकंपों की तीव्रता कम थी. हालांकि, भूकंप की खबर सामने आने के बाद इन इलाकों में हलचल मच गई. कुछ लोगों की नींद ही भूकंप के झटकों से खुली. पहाड़ी इलाकों में आए भूकंप से दहशत का माहौल बन गया. लोग घरों से बाहर की ओर भागते दिखे. राहत की बात है कि अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान या बड़े पैमाने पर तबाही की पुष्टि नहीं हुई है.
अरुणाचल प्रदेश में 2.9 तीव्रता का भूकंप
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग में मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को सुबह 7 बजकर 35 मिनट पर भूकंप दर्ज किया गया. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.9 मापी गई. भूकंप का केंद्र धरती की सतह से करीब 11 किलोमीटर नीचे था. इसका केंद्र 27.887 अक्षांश और 94.983 देशांतर पर दर्ज किया गया.
सिक्किम में भी सुबह-सुबह लगे झटके
सिक्किम के ग्यालशिंग में भी मंगलवार तड़के भूकंप आया. NCS के आंकड़ों के अनुसार, यहां सुबह 4 बजकर 17 मिनट 52 सेकंड पर 2.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. इसकी गहराई जमीन से करीब 5 किलोमीटर नीचे थी. भूकंप का केंद्र 27.341 अक्षांश और 88.089 देशांतर पर दर्ज किया गया.
क्यों संवेदनशील हैं ये इलाके?
अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम पूर्वोत्तर भारत के हिमालयी क्षेत्र में स्थित हैं. हिमालयी क्षेत्र भौगोलिक और भूगर्भीय रूप से सक्रिय है, इसलिए यहां समय-समय पर भूकंप के झटके दर्ज किए जाते हैं. धरती की टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल भूकंप की प्रमुख वजहों में से एक है. हालांकि, इन दोनों भूकंपों की तीव्रता कम रही. केवल तीव्रता के आधार पर किसी बड़े भूकंप की आशंका नहीं जताई जा सकती.