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Neha Bora Education : जेएनयू की स्टूडेंट लीडर नेहा बोरा इस समय पूरे देश में छाई हुई हैं. एक सैन्य परिवार से आने वाली नेहा एक समर्पित रंककर्मी और रिसर्च स्कॉलर भी हैं. आइए जानते हैं उनके बारे में विस्तार से.
Neha Bora Education : नेहा बोरा उत्तराखंड के खटीमा की हैं.
Neha Bora Education : इन दिनों जेएनयू स्टूडेंट और ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा छाई हुई हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके तमाम फोटो और वीडियो हैं. राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों में पुलिस बैरिकेड्स फांदती, पुलिसकर्मियों को चकमा देकर दौड़ती और डिटेन किए जाने के बाद बेखौफ नेहा बोरा ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है.
नेहा को तमाम लोग राजनीति में एक उभरते युवा चेहरे के तौर पर देखते हैं. आइए जानते हैं कि नेहा बोरा जेएनयू में क्या पढ़ाई कर रही हैं और उत्तराखंड से निकलकर पूरे देश में चर्चित चेहरा बनने तक का उनका सफर कैसा रहा है.
नेहा बोरा उत्तराखंड के खटीमा की रहने वाली हैं. रिपोर्ट के अनुसार, उनके पिता भारतीय सेना में अधिकारी हैं. जिसके कारण उनका तबादला देश के अलग-अलग हिस्सों में होता रहता था. इसी वजह से नेहा का बचपन सेना की तमाम छावनियों और शहरों में बीता.
नेहा ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पश्चिम बंगाल से पूरी की. रिपोर्ट के अनुसार, नेहा मानती हैं कि स्कूली पढ़ाई के दौरान ही उनके भीतर वैचारिक और राजनीतिक समझ की नींव पड़ी. इसी दौर में वे कम्युनिस्ट और क्रांतिकारी विचारकों जैसे चारू मजूमदार, प्रख्यात कवि पाब्लो नेरुदा और लेखिका अरुंधति रॉय की रचनाओं और विचारों के संपर्क में आई.
समर्पित रंगकर्मी से जेएनयू तक
नेहा बोरा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन के बाद दिल्ली की डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी से परफॉर्मेंस स्टडीज में मास्टर की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने जेएनयू के प्रतिष्ठित स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स में थिएटर और परफॉर्मेंस स्टडीज में पीएचडी में दाखिला लिया. मतलब वह अभी पीएचडी स्कॉलर हैं.
नेहा न सिर्फ थिएटर आर्ट की रिसर्च स्कॉलर हैं, बल्कि वह समर्पित रंगकर्मी भी हैं. उन्होंने दिल्ली मशहूर स्ट्रीट थिएटर ग्रुप संगवारी के साथ लंबे समय तक काम किया है.
नेहा बोरा की राजनीति में एंट्री
राजनीति में सक्रिय होने से पहले नेहा बोरा की दिलचस्पी थिएटर में थी. नेहा बोरा का राजनीति की ओर झुकाव 2019-20 के नागरिकता संशोधन कानून (CAA) विरोधी आंदोलनों के समय बढ़ा. थिएटर से जुड़े अनुभव और विश्वविद्यालयों में चल रही राजनीतिक गतिविधियों ने उन्हें सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय होने के लिए प्रेरित किया. इसी क्रम में वह ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़ीं और आगे चलकर इसकी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं. AISA वामपंथी छात्र संगठन है, जो शिक्षा, छात्र अधिकारों और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहता है.