Bird Shelter: इंसानों की तरह अब पक्षियों को भी मिलेगा अपना घर, जयपुर में यहां ग्रामीणों ने बनवाया 5 मंजिला आशियाना

Bird Shelter: इंसानों की तरह अब पक्षियों को भी मिलेगा अपना घर, जयपुर में यहां ग्रामीणों ने बनवाया 5 मंजिला आशियाना


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Jaipur Bird Shelter: इंसानों के साथ बेजुबान पक्षियों के लिए भी आशियाने की जरूरत को समझते हुए जयपुर के बगरू में एक अनूठी पहल की गई है. मंदिर परिसर में पांच मंजिला पक्षी आशियाना तैयार किया गया है, जिसमें 250 से 300 छोटे घर बनाए गए हैं. करीब 8 से 10 लाख रुपये की लागत से बने इस आशियाने की शुरुआत समाजसेवी कैलाश कुमावत और जगदीश कुमावत ने की है. पक्षियों के रहने और घोंसले बनाने के लिए सुरक्षित जगह देने के साथ यहां दाना-पानी की व्यवस्था भी की गई है. यह पहल बताती है कि प्रकृति और जीव-जंतुओं की सेवा भी समाजसेवा का अहम हिस्सा है.

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जयपुर. प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति प्रेम की मिसाल पेश करते हुए जयपुर ग्रामीण के बगरू के एक मंदिर परिसर में पक्षियों के लिए पांच मंजिला आशियाना बनाया गया है. इस अनूठे आशियाने में करीब 250 से 300 छोटे-छोटे घर बनाए गए हैं, जहां पक्षी सुरक्षित रहकर अपने घोंसले बना सकते हैं. मंदिर परिसर में बना यह आशियाना न केवल पक्षियों को रहने के लिए ठिकाना उपलब्ध करवा रहा है, बल्कि लोगों को जीव-जंतुओं के संरक्षण और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी दे रहा है. इस अनूठी पहल को समाजसेवी कैलाश कुमावत और उनके बड़े भाई जगदीश कुमावत ने साकार किया है. इस पांच मंजिला आशियाने को तैयार करने में करीब 8 से 10 लाख रुपए की लागत आई है.

पक्षियों के लिए इतनी बड़ी व्यवस्था करना अपने आप में एक सराहनीय कदम है. आशियाने में बनाए गए छोटे-छोटे खानों को इस तरह तैयार किया गया है कि पक्षियों को घोंसला बनाने और सुरक्षित रहने के लिए उपयुक्त स्थान मिल सके. आज के समय में शहरीकरण, पेड़-पौधों की कमी और बदलते पर्यावरण के कारण पक्षियों के प्राकृतिक आवास लगातार प्रभावित हो रहे हैं. कई बार पक्षियों को घोंसले बनाने और सुरक्षित स्थान तलाशने में परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे में बगरू के मंदिर परिसर में बनाया गया यह आशियाना उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है. पांच मंजिला इस ढांचे में सैकड़ों पक्षियों के रहने की संभावना है, जिससे उन्हें एक ही स्थान पर सुरक्षित बसेरा मिल सकेगा.

दाना-पानी की व्यवस्था भी बनी आकर्षण

पक्षियों के लिए केवल रहने की जगह उपलब्ध करवाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके भोजन और पानी का ध्यान रखना भी जरूरी है. विशेष रूप से गर्मी के मौसम में पानी की उपलब्धता पक्षियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है. इस पहल के तहत आशियाने के आसपास दाना-पानी की व्यवस्था भी की गई है, ताकि पक्षियों को भोजन और पानी उपलब्ध हो सके. इससे मंदिर परिसर में पक्षियों के अनुकूल वातावरण तैयार करने का प्रयास किया गया है.

जीवों के प्रति संवेदनशीलता का दिया संदेश

पक्षी पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है. वे प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में योगदान देते हैं. ऐसे में उनके संरक्षण के लिए किए जाने वाले प्रयासों की अहमियत और बढ़ जाती है. कैलाश कुमावत और जगदीश कुमावत की इस पहल से यह संदेश मिलता है कि समाजसेवा केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति और बेजुबान जीवों की देखभाल करना भी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है. बगरू के मंदिर में बना यह पांच मंजिला आशियाना लोगों के लिए प्रेरणा बन रहा है. करीब 8 से 10 लाख रुपए की लागत से तैयार इस आशियाने के जरिए पक्षियों को सुरक्षित आवास देने का प्रयास किया गया है. यह पहल बताती है कि यदि समाज के लोग आगे आएं, तो छोटे-छोटे जीवों के जीवन को बेहतर बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं.



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