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ICMR का कहना है कि सीजनल इन्फ्लूएंजा के लिए उत्तरी गोलार्ध की वैक्सीन ज्यादा बेहतर है. हालांकि ऐसा नहीं है कि दक्षिणी गोलार्ध की वैक्सीन नहीं लगवाई जा सकती. भारत में फ्लू के टीके आसानी से उपलब्ध हैं, जिन्हें बुजुर्ग और बच्चे लगवा सकते हैं.
सीजनल इन्फ्लूएंजा की कौन सी वैक्सीन लेना ज्यादा कारगर? टीका मिल रहा है या नहीं, ICMR ने दी जानकारी.
यह समय सीजनल इन्फ्लूएंजा का है, और यही वजह है कि इस मौसम में ज्यादातर मरीज इसी बीमारी से पीड़ित हो ही जाते हैं. खासतौर पर बच्चे और बुजुर्ग अक्सर सर्दी, खांसी और फ्लू की चपेट में आ जाते हैं. हालांकि मौसमी इन्फ्लूएंजा के लिए भारत में वैक्सीन भी उपलब्ध है. जिसे साल में एक बार लगवाया जा सकता है. यह वैक्सीन साल भर के लिए पर्याप्त इम्यूनिटी देती है और रोग से लड़ने की क्षमता पैदा करती है.
हालांकि सबसे जरूरी बात है कि इन्फ्लूएंजा की कौन सी वैक्सीन लगवाई जाए. दरअसल भारत में दो तरह की सीजनल इन्फ्लूएंजा की वैक्सीन मिलती हैं. पहली उत्तरी गोलार्ध की और दूसरी दक्षिणी गोलार्ध की. अब सवाल है कि दोनों में से कौन सी वैक्सीन लगवाना ज्यादा फायदेमंद है?
बता दें कि हाल ही में सीजनल इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मरीजों और वैक्सीन को लेकर कई रिपोर्ट्स भी आई हैं, जिनपर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने सही जानकारी दी है.
आईसीएमआर ने बताया है कि सीजनल इन्फ्लूएंजा वैक्सीन यानी फ्लू के टीके को लेकर बताया कि वैज्ञानिक नजरिए से उत्तरी गोलार्ध (नॉर्दर्न हेमिस्फेयर) का वैक्सीन ज्यादा बेहतर माना जाता है लेकिन अगर वह उपलब्ध न हो, तो दक्षिणी गोलार्ध (साउदर्न हेमिस्फियर) का वैक्सीन भी लिया जा सकता है. दोनों ही मौजूदा एच1एन1 स्ट्रेन के खिलाफ प्रभावी हैं.
भारत में मौजूद हैं फ्लू के टीके
काउंसिल ने कहा कि कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया गया था कि फ्लू के टीके उपलब्ध नहीं हैं. लेकिन आईसीएमआर ने साफ किया कि भारत में प्रमुख फार्मेसियों के माध्यम से उपयुक्त सीजनल इन्फ्लूएंजा वैक्सीन (जिसमें नॉर्दर्न हेमिस्फेयर वैक्सीन भी शामिल है) उपलब्ध हैं. लोग इसे अपनी मर्जी से लगवा सकते हैं. खासकर वे लोग, जो जोखिम वाले समूह में आते हैं.
आईसीएमआर के अनुसार, सीजनल इन्फ्लूएंजा वैक्सीन विशेष रूप से उन लोगों के लिए सुझाई जाती है, जिन्हें गंभीर बीमारी का ज्यादा खतरा होता है. इनमें बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्ति शामिल हैं.
वैक्सीन कितनी कारगर है?
आईसीएमआर ने अपील की है कि वैक्सीन को लेकर सही जानकारी लोगों तक जानी चाहिए. इसके लिए वैज्ञानिक मार्गदर्शन को सही संदर्भ में और सटीक तरीके से रिपोर्ट करें. परिषद का कहना है कि सीजनल इन्फ्लूएंजा वैक्सीनेशन को लेकर उसकी सिफारिशें विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के लागू दिशानिर्देशों और मौजूदा वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित हैं.