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Bareilly News: सारंग भारतीय वायु सेना की विशेष हवाई प्रदर्शन टीम है, जिसमें पांच हेलीकॉप्टर शामिल हैं. स्वदेशी तकनीक से निर्मित ‘ध्रुव’ हेलीकॉप्टरों के जरिए टीम के पायलट हवा में बेहद सटीक तालमेल के साथ जटिल एरोबेटिक करतब प्रदर्शित करते हैं.
बरेली के आसमान में दिखेगा ‘सारंग’ का शौर्य.
लखनऊ/बरेली : भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध हेलीकॉप्टर एरोबेटिक टीम ‘सारंग’ एक बार फिर बरेली के आसमान में अपने हुनर और शौर्य का प्रदर्शन करने जा रही है. 13 से 17 अक्टूबर तक होने वाले इस विशेष हवाई प्रदर्शन में सारंग की टीम स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) ‘ध्रुव’ के जरिए हैरतअंगेज करतब दिखाएगी. वर्ष 2018 के बाद सारंग टीम की बरेली में वापसी हो रही है, जिसको लेकर सैन्य विमान प्रेमियों, युवाओं और स्थानीय लोगो में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.
आसमान में अद्भुत तालमेल
सारंग भारतीय वायु सेना की विशिष्ट हवाई प्रदर्शन टीम है, जिसमें पांच हेलीकॉप्टर शामिल हैं. स्वदेशी तकनीक से निर्मित ‘ध्रुव’ हेलीकॉप्टरों के जरिए टीम के पायलट हवा में बेहद सटीक तालमेल के साथ जटिल एरोबेटिक करतब प्रदर्शित करते हैं. कम दूरी पर उड़ान भरते हुए इन करतबों को अंजाम देने के लिए पायलटों को असाधारण कौशल, अनुशासन, एकाग्रता और आपसी विश्वास की जरूरत होती है. सारंग का प्रदर्शन केवल रोमांच तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय वायु सेना की पेशेवर दक्षता और देश की स्वदेशी विमान निर्माण क्षमता को भी प्रदर्शित करता है.
2003 में हुई थी स्थापना
सारंग टीम की स्थापना वर्ष 2003 में हुई थी. इसके बाद से टीम ने देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित एयर शो और विमानन आयोजनों में भारतीय वायु सेना का प्रतिनिधित्व किया है. टीम का नाम संस्कृत के शब्द ‘सारंग’ से लिया गया है, जिसका अर्थ मोर होता है. अपने आकर्षक रंगों और शानदार हवाई करतबों के कारण यह टीम भारतीय सैन्य विमानन की पहचान बन चुकी है.
विद्यार्थियों और युवाओं के लिए होगा खास आकर्षण
बरेली में आयोजित होने वाला यह प्रदर्शन विद्यार्थियों और युवाओं के लिए सैन्य विमानन को करीब से समझने का अवसर बनेगा. स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी और आमंत्रित लोग हेलीकॉप्टरों की रोमांचक उड़ान और पायलटों के अद्भुत कौशल को बेहद नजदीक से देख सकेंगे.
एयरफोर्स प्रेमियों के लिए बड़ा अवसर
यह आयोजन युवाओं में विज्ञान, तकनीक और विमानन के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ उन्हें सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए भी प्रेरित कर सकता है. इसके जरिए टीमवर्क, अनुशासन, सटीकता और निरंतर अभ्यास के महत्व को भी समझने का अवसर मिलेगा.
स्वदेशी तकनीक और भारतीय वायु सेना की ताकत का प्रदर्शन
सारंग का बरेली दौरा भारतीय वायु सेना की दक्षता और स्वदेशी तकनीक की ताकत को सामने लाने वाला विशेष आयोजन होगा. आसमान में एक साथ उड़ते पांच हेलीकॉप्टरों का सटीक तालमेल दर्शकों के लिए रोमांचक अनुभव बन सकता है. यह प्रदर्शन युवाओं को बड़े सपने देखने, नई तकनीक को समझने और देश की सेवा के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देगा.