उम्र के फर्जीवाड़े में फंसा पूर्व ओलंपियन, पुलिस ने भगौड़ा घोषित कर रखा हजारों का ईनाम, क्या है मामला

उम्र के फर्जीवाड़े में फंसा पूर्व ओलंपियन, पुलिस ने भगौड़ा घोषित कर रखा हजारों का ईनाम, क्या है मामला


मुरैना. मध्य प्रदेश की मुरैना पुलिस ने एक पूर्व ओलंपियन अंकित शर्मा को फरार घोषित किया है. उस पर 5000 रुपए का ईनाम रखा है. अगस्त में ग्वालियर के रहने वाले डॉ. राजकुमार तिवारी ने अंकित शर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. अंकित पर जालसाजी और फर्जी डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल कर ओलंपिक खेलने और सरकारी नौकरी हासिल करने के आरोप लगे हैं. अंकित ने साल 2016 में हुए रियो डी जनेरियो ओलंपिक में एथलिटिक्स की कैटेगरी में भारत को लीड किया. वह एक लॉन्ग जंपर हैं. इससे पहले, 2016 में साउथ एशिया गेम्स में ट्रिपल जंप में गोल्ड मेडल जीता था.

अंकित शर्मा फिलहाल चेन्नई में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में इंस्पेक्टर है. यह नौकरी उन्हें स्पोर्ट कोटे के तहत मिली है. अंकित के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने वाला कोई और नहीं बल्कि उनके ससुर डॉ. राजकुमार तिवारी हैं. उन्होंने मुरैना सिटी कोतवाली पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है. अंकिता का पत्नी के साथ विवाद चल रहा था. इसके बाद उनके खिलाफ शिकायत की गई. शिकायत दर्ज होने के बाद अंकित का पुलिस से आमना सामना नहीं हुआ. सिटी एसपी ने अब उन्हें फरार घोषित किया और 5000 रुपए का ईनाम रखा है.

अंकित शर्मा के खिलाफ पुलिस का जारी नोटिफिकेशन.

ईटीवी के मुताबिक, डॉ. राजकुमार तिवारी ने अपनी शिकायत में कहा है कि अंकित शर्मा ने नौकरी पाने और ओलंपिक सहित खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अपनी उम्र कम बताई थी. अगस्त में की शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि अंकित ने बदली हुई जन्मतिथि का इस्तेमाल करके मुरैना के एक स्कूल में एडमिशन लिया. कम उम्र वालों की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और बाद में स्पोर्ट्स कोटे से चेन्नई में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में इंस्पेक्टर की सरकारी नौकरी हासिल की.

अंकित शर्मा ने 5 साल कम करवाई उम्र

शिकायत में आगे कहा गया है कि अंकित शर्मा ने पिनाहट के विप्रवली प्राइमरी स्कूल में पांचवीं क्लास तक और फिर गुलजारीलाल चुन्नीलाल जैन हाई स्कूल में पढ़ाई की. बाद में 29 जुलाई, 2002 को उन्हें मुरैना के गणेशपुरा स्थित गवर्नमेंट ज्योति विद्यालय में भर्ती कराया गया. डॉ. तिवारी ने कहा कि शर्मा ने स्कूलों में नकली जन्म प्रमाण पत्र, ट्रांसफर सर्टिफिकेट और मार्कशीट जमा की, जिनमें उनकी जन्मतिथि 20 जुलाई, 1992 दिखाई गई थी. जबकि उनका जन्म 1987 में हुआ है.

फर्जी टीसी, मार्कशीट और अन्य डॉक्यूमेंट्स

शिकायत के अनुसार, बाद में अंकित शर्मा ने मुरैना के केएस विद्यालय से ट्रांसफर सर्टिफिकेट लिया और पिनाहट के सर्वोदय विद्या मंदिर में 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की. शिकायत में कहा गया “जन्म प्रमाण पत्र से लेकर पिनाहट के एक स्कूल से नकली TC और मार्कशीट तक, सब कुछ नकली था. शर्मा ने भोपाल के हीरोज़ कॉन्वेंट हाई स्कूल में कक्षा 9 से 12 तक पढ़ाई की थी. भोपाल के स्कूल में मुरैना के एक स्कूल का नकली जन्म प्रमाण पत्र और कक्षा 8 की मार्कशीट जमा की गई थी.”

फर्जी डॉक्यूमेंट्स के आधार पर खेले इंटरनेशलन गेम्स और पाई नौकरी

डॉ. राजकुमार तिवारी ने आरोप लगाया, “अपनी जन्मतिथि बदलकर और उसे साबित करने वाले दस्तावेज़ हासिल करके, शर्मा ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और शानदार प्रदर्शन करते हुए 2016 में रियो डी जनेरियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया. बाद में, उन्होंने स्पोर्ट्स कोटे के ज़रिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में इंस्पेक्टर का पद पाने के लिए भी इन्हीं दस्तावेज़ों का इस्तेमाल किया. वे अभी चेन्नई में तैनात हैं. पुलिस को स्टूडेंट रजिस्टर, एडमिशन रजिस्टर, ट्रांसफर सर्टिफिकेट, मार्कशीट और अन्य दस्तावेज़ सौंप दिए गए हैं.”

अंकित शर्मा 2 महीने बाद फरार घोषित

अगस्त में CSP दीपााली चंदोरिया ने कहा था, “जांच के बाद शर्मा के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है. गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.” अब 2 महीने बाद अंकित शर्मा के खिलाफ अधिसूचना जारी कर फरार घोषित किया गया है.



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