अक्टूबर में लगाएं CO 0118 गन्ना, 25 गुना तक बढ़ेगी पैदावार;लंबा-मोटा, रस भरपूर
Last Updated:
Sugarcane Variety October Sowing: गन्ना किसानों के लिए शरद कालीन (अक्टूबर की खेती) बुवाई का समय बेहद खास माना जाता है. इस समय में यदि किसान सही किस्म और खेती में आधुनिक तकनीक का चुनाव करते हैं, तो लागत कम और पैदावार में 20 से 25 गुना तक बढ़ोतरी की संभावना प्रबल हो सकती है. गन्ना किसानों की समस्याओं को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसी किस्मों को तैयार किया है, जो उनकी आर्थिक स्थिति को बदलने की क्षमता रखती हैं. इन्हीं किस्मों में से एक है CO 0118. इस लेख में हम आपको खेती की विधि और पैदावार बढ़ाने के तरीकों पर कुछ खास जानकारी साझा कर रहे हैं.
ज़िले के रामनगर चीनी मिल में असिस्टेंट शुगर केन मैनेजर के रूप में कार्यरत अधिकारी अभय बताते हैं कि ‘गन्ना किसान अपनी फसलों की पैदावार के बाद चीनी मिलों पर ही निर्भर रहते हैं. ज़िले के लगभग सभी किसान अपनी फसलों को चीनी मिलों को देते हैं, जिससे उन्हें उनकी उचित कीमत मिलती है.
हालांकि चीनी मिल भी वैसे गन्ने को अधिक प्राथमिकता देती है, जिसमें रस की मात्रा अधिक हो.साफ शब्दों में कहें तो लंबे, वजनदार और मोटे गन्ने.करनाल की CO-0118 गन्ने की एक ऐसी ही किस्म है, जिसमें रस की मात्रा भरपूर होती है.
यह गन्ने की एक अगेती किस्म है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता, जल तनाव सहने की क्षमता और उच्च शर्करा की मात्रा से लैस होती है. अक्टूबर का महीना इसकी खेती के लिए बिल्कुल सही माना जाता है. अभय बताते हैं कि CO-0118 गन्ने की बुवाई अकेले नहीं करनी चाहिए. गन्ने की दो लाइनों के बीच खाली जगह में सरसों, आलू, मटर, चना इत्यादि फसलों को भी जरूर लगाना चाहिए.
Add News18 as
Preferred Source on Google
इससे खेत में खर पतवार जमने की समस्या से छुटकारा मिलेगा. साथ ही किसानों को एक ही मेहनत और समय में दो फसलों से आमदनी का लाभ मिलेगा. ध्यान रहे कि इसकी खेती की शुरुवात करते समय खेतों की तैयारी और मृदा उपचार बेहद जरूरी है.
पहले खेत को 2 से 3 बार गहरी जुताई करके समतल कर लें, फिर आखिरी जुताई के समय प्रति एकड़ 8-10 टन अच्छी तरह सड़ चुकी गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट मिलाएं. दीमक या अन्य कीटों से बचाव के लिए मिट्टी में ट्राइकोडर्मा जैसे कीटनाशी रसायनों को मिलाया जा सकता है.