How to Get Job in UN United Nations: यूएन में नौकरी कैसे मिलेगी? जुगाड़ से नहीं बनेगी बात, जरूरी हैं ये स्किल्स और योग्यता

How to Get Job in UN United Nations: यूएन में नौकरी कैसे मिलेगी? जुगाड़ से नहीं बनेगी बात, जरूरी हैं ये स्किल्स और योग्यता


नई दिल्ली (How to Get Job in UN). क्या आपने दुनिया के सबसे बड़े मंच यानी संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की चमक-दमक देखी है? क्या वहां नौकरी का सपना देखा है? क्या कभी सोचा है कि काश आप वहां देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते या ग्लोबल फैसलों का हिस्सा बन रहे होते? फिल्मों या खबरों में यूएन के ऑफिस और वहां काम करने वाले अफसरों को देखकर मन में सवाल जरूर आता है कि आखिर यहां तक पहुंचने का रास्ता क्या है. क्या इसके लिए विदेशी डिग्री चाहिए या कोई खास जुगाड़ काम आता है?

यूएन में नौकरी पाना कोई असंभव सपना नहीं है. इसके लिए सही स्ट्रैटेजी, मजबूत इरादों और पक्के रास्तों की जरूरत होती है. संयुक्त राष्ट्र सिर्फ एक ऑफिस या संस्था नहीं, बल्कि दुनियाभर के 193 देशों की उम्मीदों का केंद्र है. यहां शांति स्थापना से लेकर ह्यूमन राइट्स की रक्षा और क्लाइमेट चेंज जैसे बड़े मुद्दों पर काम होता है. अगर आपके अंदर दुनिया को बेहतर बनाने का जज्बा है और ग्लोबल लेवल पर पहचान बनाना चाहते हैं तो यूएन के दरवाजे आपके लिए भी खुले हैं. जानिए संयुक्त राष्ट्र में नौकरी कैसे मिल सकती है.

संयुक्त राष्ट्र में नौकरी कैसे मिलेगी?

संयुक्त राष्ट्र (UN) और उससे जुड़े विभिन्न संगठनों में दुनियाभर के प्रोफेशनल काम करते हैं. ग्लोबल संस्था यूनाइटेड नेशंस में नौकरी की डिटेल यहां चेक कर सकते हैं:

  • अनुमानित एंप्लॉइज: संयुक्त राष्ट्र सचिवालय और इसकी विभिन्न एजेंसियों, फंड्स और प्रोग्राम्स (जैसे UNDP, UNICEF, UNHCR आदि) में दुनियाभर से 35,000 से 40,000 से अधिक नियमित और स्थायी अंतरराष्ट्रीय सिविल सेवक कार्यरत हैं. शांति मिशन और फील्ड ऑपरेशन से जुड़ने पर यह संख्या 1 लाख से भी अधिक हो जाती है.
  • जॉब फॉर्मेट (फुल-टाइम या कॉन्ट्रैक्ट): यूएन में नौकरियां दोनों फॉर्मेट में होती हैं. यहां लंबी अवधि वाले परमानेंट या फिक्सड-टर्म (नियमित अनुबंध) पद होते हैं. इनके अलावा, प्रोजेक्ट्स और फील्ड मिशन की जरूरत के हिसाब से कंसल्टेंट्स और शॉर्ट टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स पर भी बहाली की जाती है.
  • शामिल देशों की विविधता: संयुक्त राष्ट्र में दुनिया के लगभग सभी 193 सदस्य देशों के नागरिक काम करते हैं. संस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भौगोलिक प्रतिनिधित्व (Geographical Representation) बैलेंस्ड रहे. इससे हर क्षेत्र के लोगों को ग्लोबल पॉलिसी में हिस्सेदारी मिल सकेगी.

सही लोगों से नेटवर्किंग ही दिलाएगी यूएन में नौकरी

UN जैसी विशाल संस्था में जगह बनाने के लिए केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं होता. आप किसे जानते हैं और आपकी प्रोफेशनल पहुंच कहां तक है, यह भी बहुत मायने रखता है. ग्लोबल नेटवर्किंग का मतलब दुनियाभर के उन प्रोफेशनल्स और संगठनों से जुड़ना है, जो सोशल वर्क, डिप्लोमेसी या पॉलिसी मेकिंग से हों.

  • संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न प्रोजेक्ट्स और कंसल्टेंसी रोल्स में कई बार बेहद मजबूत पहुंच वालों को मौका मिलता है.
  • अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में हिस्सा लें, वेबिनार अटेंड करें और उन मेंटॉर्स से गाइडेंस लें जो पहले से ही इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशंस में काम कर रहे हैं.
  • आपकी पहचान और आपका काम ही भीड़ से अलग खड़ा करेगा.

खुद पर जरूरी है कॉन्फिडेंस

ग्लोबल मंच पर काम बहुत जिम्मेदारी वाला होता है. यूएन में करियर बनाने के लिए सिर्फ डिग्री होना काफी नहीं है. मानसिक रूप से आत्मनिर्भर होने और किसी भी परिस्थिति में खुद को ढालने की क्षमता भी होनी चाहिए. दुनिया के अलग-अलग कोनों से आए लोगों के साथ काम करने पर भाषा, संस्कृति और कार्यशैली का अंतर सामने आता है. ऐसे में कॉन्फिडेंस और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता ही आगे बढ़ाती है. आपको साबित करना होगा कि आप अकेले ही क्राइसिस सिचुएशन या बड़े प्रोजेक्ट संभालने का माद्दा रखते हैं.

सॉफ्ट स्किल में झलके डिप्लोमेसी का हुनर

तकनीकी डिग्रियां इंटरव्यू तक पहुंचा सकती हैं. लेकिन यूएन में टिके रहने के लिए सॉफ्ट स्किल्स सबसे बड़ा हथियार साबित होती हैं. इसमें बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स टॉप पर हैं. यूएन में अंग्रेजी और फ्रेंच जैसी ग्लोबल भाषाएं चलती हैं. इसलिए इन पर मजबूत पकड़ होनी चाहिए. इसके अलावा, नेगोसिएशन (बातचीत और मोलभाव) की कला, संकट के समय शांत रहकर सही फैसला लेना और सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करना बहुत जरूरी है.

जॉब के लिए जरूरी है मजबूत एकेडमिक बैकग्राउंड

संयुक्त राष्ट्र में नौकरी पाने का एंट्री गेट हायर एजुकेशन और एकेडमिक योग्यता है. आमतौर पर यूएन या उसकी एजेंसियों (जैसे UNICEF, WHO, UNESCO) में एंट्री के लिए मास्टर्स डिग्री को प्राथमिकता दी जाती है. इंटरनेशनल रिलेशंस, पब्लिक पॉलिसी, लॉ, इकोनॉमिक्स, एनवायरमेंटल साइंस, जर्नलिज्म या सोशल वर्क जैसी डिग्रियां यूएन के दरवाजे बहुत आसानी से खोल सकती हैं. अगर एक से अधिक अंतरराष्ट्रीय भाषाएं (जैसे स्पेनिश, फ्रेंच या अरबी) आती हैं तो चयन होना लगभग तय माना जाता है.



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