हर साल 300 अंडे, वनराजा और ग्राम प्रिया मुर्गियों से किसानों को होगी मोटी कमाई
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Poultry Farming Business Idea: बिहार के जहानाबाद में किसान अभय शर्मा वनराजा और ग्राम प्रिया नस्ल की मुर्गियां पालकर अच्छी कमाई कर रहे हैं. ये नस्लें सालाना करीब 300 अंडे देती हैं और इनके पालन में कम खर्च व जगह की जरूरत होती है. इससे किसान आसानी से हर महीने 12 से 15 हजार रुपये कमा सकते हैं.
जहानाबाद: मुर्गी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक मजबूत आधार है. बहुत समय से गांव कस्बों में लोग मुर्गियों को रोजगार के उद्देश्य से घर पर रख रहे हैं. आज भले ही मुर्गी पालन का विस्तार हुआ हो, लेकिन ग्रामीण परिवेश में घरों में ही मुर्गियों के रखने का प्रचलन रहा है. जिस प्रकार से समय बदला है. मुर्गी पालन करने का तौर तरीका बदला. उसी प्रकार से अब वैसी मुर्गियों को घरों पर रखना शुरू कर दिए हैं. जिससे मुर्गी पालक को बेहतर मुनाफा प्राप्त हो सके. बिहार के जहानाबाद जिला में भी कई ऐसे किसान हैं, जो बड़े पॉल्ट्री फार्म में विश्वास नहीं रखते हैं. वो ऐसे मुर्गियों को रखते हैं, जिससे उनकी अच्छी कमाई हो.
इन्हीं पशुपालकों में से एक हैं जिले के मोदनगंज प्रखंड के रहने वाले अभय शर्मा. वो बीते 7 साल से मुर्गी पालन कर रहे हैं. उनके यहां पॉल्ट्री वाली मुर्गियां नहीं हैं. वो ऐसी मुर्गियां रखे हैं. जिसको जहां चाहे वहां रख सकते हैं. उसके विशेष तरह की व्यवस्था करनी न पड़े और उससे बेहतर कमाई भी की जा सके. उनका मानना है कि मुर्गियों में देसी नस्ल की मुर्गियां रखने से बेहतर लाभ मिलता है. हमने यही सोचकर मुर्गियों में वनराजा और ग्राम प्रिया नस्ल पाल रखा है.
मुर्गियों की इन नस्लों में अंडे देने की क्षमता अधिक
अभय शर्मा ने कहा कि ग्राम प्रिया हो या वनराजा, इन दोनों नस्लों की खासियत ऐसी है कि अंडे एक साल में बहुत अधिक देती है. 280 से 300 अंडे प्रति वर्ष देने की क्षमता है. एक अंडा की कीमत 15 रुपए होती है. यह रोजगार का एक बेहतर साधन है. इस प्रकार के नस्लों को रखने में ज्यादा खर्च नहीं आता है. हम इन नस्लों की मुर्गियों को एक दिन में 180 ग्राम भोजन देते हैं. साथ ही इसको खाना खिलाने को बाहर से दाना मंगवाने की बहुत अधिक जरूरत नहीं पड़ती है. आस पास के वातावरण से ही अपना भोजन का कार्य पूरा कर लेती है.
12 से 15 हजार रुपए तक हर महीने होगी कमाई
वो बताते हैं कि इस तरह खाने में भी खर्च नहीं आता है. रखने के लिए अधिक जगह की जरूरत नहीं है. एक मुर्गी को रहने के लिए एक फीट जगह की जरूरत पड़ती है. साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अधिक होती है. ब्रॉयलर की अपेक्षा अधिक मजबूत होती है. कमाई के लिहाज से देखा जाए तो यदि आप अपने घरों में 50 मुर्गियां इन नस्ल की रखते हैं तो हर महीने घर बैठे ही 12 से 15 हजार रुपए की कमाई की जा सकती है. बस आपको थोड़ी सी सावधानी यह बरतनी है कि ये मुर्गियां इधर उधर भागती है तो इस पर ध्यान रखा जाए.