राहुल, अखिलेश तो ठीक, पर SC में याचिका दाखिल करने वाला 11वां शख्स कौन?
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत INDIA ब्लॉक के 11 नेताओं ने SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. इस याचिका में चुनाव आयोग के फैसलों की फाइलें, मीटिंग मिनट्स और ECINET-ERONET लॉग सार्वजनिक करने की मांग है. लेकिन याचिका दाखिल करने वालों में 10 नाम तो सबको पता है, क्या आप जानते हैं लिस्ट में 11वां नाम वाला शख्स कौन है?
राहुल गांधी यूपी चुनाव को लेकर अखिलेश यादव के साथ सीट शेयरिंग पर बात करने के बजाय दिल्ली में प्रदर्शन करने में जुटे हैं.
नई दिल्ली. राहुल गांधी और विपक्ष के 10 अन्य नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है. इसमें चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न यानी SIR से जुड़े फैसलों के तरीके को चुनौती दी गई है. इसमें विवादित फैसलों से जुड़ी चुनाव आयोग की की पूरी फाइलें, एजेंडा, बैठक का विवरण मिनट्स टू मिनट्स नोटिंग और आपत्तियों का खुलासा करने की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी पहले नंबर के पेटीशनर्स बने हैं. वहीं, दूसरे नंबर पर मल्लिकार्जुन खरगे, तीसरे नंबर पर सौगत राय, चौथे नंबर पर अखिलेश यादव, पांचवें नंबर पर तेजस्वी यादव, छटे नंबर पर संजय राउत, सातवें नंबर पर एम ए बेबी, आठवें नंबर पर डी राजा, 9वें नंबर पर महुआ मांझी, 10वें नंबर सुप्रिया सुले का नाम है. लेकिन 11वें नंबर पर एक ऐसे शख्स को पेटिशनर्स बनाया गया है, जो राहुल गांधी के दिल के काफी करीब हैं. जानिए क्यों उस शख्स का नाम सबसे लास्ट में डाला गया?
सुप्रीम कोर्ट में इंडिया ब्ल़ॉक के याचिका में ई टी मोहम्मद बशीर का जिक्र है, यह शख्स केरल से आते हैं. सालों से इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग IUML के प्रमुख नेता व सांसद रहे हैं. ई टी मोहम्मद बशीर की पार्टी IUML और कांग्रेस का केंद्र में गठबंधन है. आईयूएमएल भी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है. केरल में वे कांग्रेस के साथ यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के प्रमुख सहयोगी हैं. 12 अक्टूबर 2026 को वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट तक लोकतंत्र मार्च निकाला था. चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जो संयुक्त जनहित याचिका दायर की गई है, उसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ 11वां नां ई. टी. मोहम्मद बशीर का है.
कौन हैं सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले 11 चेहरे?
राहुल गांधी के इस याचिका में SIR शुरू करने का 24 जून, 2025 का फैसला और ECINET व ERONET के एक्सेस लॉग भी शामिल हैं. इसमें इस बात की न्यायिक जांच की भी मांग की गई है कि क्या ये फैसले संविधान के अनुच्छेद 324, चुनाव आयोग को नियंत्रित करने वाले 2023 के कानून और ‘टी.एन. शेषन बनाम भारत संघ’ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार लिए गए थे.
ई टी मोहम्मद बशीर और राहुल गांधी का रिश्ता
याचिका में मुख्य रूप से यह मांग की गई है कि कोर्ट यह सुनिश्चित करे कि किसी भी वोटर का नाम बिना नोटिस और सुनवाई का उचित मौका दिए न हटाया जाए. साथ ही, हटाए गए वोटरों की सूची बूथ-वार प्रकाशित करने और उसमें नाम हटाने के कारण व डेमोग्राफिक जानकारी शामिल करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है. इसमें ECINET और ERONET सहित वोटर लिस्ट डेटाबेस में नाम हटाने और बदलावों की ऑडिट के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति बनाने की भी मांग की गई है. याचिका में मामले के निपटारे तक चल रहे SIR पर अंतरिम रोक लगाने की भी मांग की गई है.
याचिका में विशेष रूप से कोर्ट से मांग की गई है कि वह ECI को निर्देश दे कि वह यह सुनिश्चित करे कि स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न से जुड़ा चुनाव आयोग का हर फैसला 2023 के कानून के अनुसार लिया जाए और उसका विधिवत रिकॉर्ड रखा जाए. खासकर राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट में याचिका जरिए हर वर्ग का प्रतिनिधत्व दिया. इसी कड़ी में एक मुस्लिम चेहरा रखकर राहुल गांधी मुसलमानों को यूपी चुनाव में बड़ा मैसेज दिया.