बिहार में बनेगा हाई लेवल डैम, 8 पुल परियोजनाओं पर काम; सम्राट चौधरी ने किए बड़े ऐलान

बिहार में बनेगा हाई लेवल डैम, 8 पुल परियोजनाओं पर काम; सम्राट चौधरी ने किए बड़े ऐलान


पटना. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 साल पूरे होने के संदर्भ में राज्य के विकास में केंद्र सरकार के योगदान को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में बिहार को कई क्षेत्रों में विशेष सहायता मिली है. सड़क, पुल, स्वास्थ्य, आवास, महिला सशक्तीकरण और पर्यटन के क्षेत्र में हुए कामों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार बिहार को विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए काम करेगी. मुख्यमंत्री ने बिहार में बाढ़ की समस्या का समाधान करने के लिए हाई लेवल डैम बनाने की दिशा में DPR तैयार किए जाने की बात भी कही.

सम्राट चौधरी ने कहा कि 7 अक्टूबर ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि इसी तारीख को वर्ष 2001 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था. इसके बाद 26 मई 2014 को उन्होंने देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री के जनसेवा और प्रशासनिक नेतृत्व के लिए उनका अभिनंदन किया है. उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में बिहार को विकास के कई क्षेत्रों में केंद्र का सहयोग मिला है. राज्य सरकार इस सहयोग के आधार पर आधारभूत संरचना को मजबूत करने और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में काम कर रही है.

7 करोड़ से अधिक जनधन खाते, 55 लाख से ज्यादा पक्के मकान

मुख्यमंत्री ने बैंकिंग और आवास के क्षेत्र में हुए कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में 7 करोड़ 5 लाख से अधिक लोगों को जनधन खातों से जोड़ा गया है. इससे आम लोगों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद मिली है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बिहार में 55 लाख से अधिक पक्के मकान दिए गए हैं. मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन योजनाओं से उन परिवारों को लाभ मिला है, जिनके पास पहले पक्का घर नहीं था.

बिहार में 31 मेडिकल कॉलेज, MBBS की 4 हजार से अधिक सीटें

सम्राट चौधरी ने स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में हुए विस्तार को भी अहम बताया. उन्होंने कहा कि बिहार में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है. वहीं, MBBS की सीटों की संख्या पहले 1,310 थी, जो अब बढ़कर 4,000 से अधिक हो गई है. आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके जरिए पात्र परिवारों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है. उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को राज्य के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया.

बिहार में 50 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी

महिला सशक्तीकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आजीविका कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि बिहार में 50 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं. उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी उल्लेख किया और कहा कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में अधिक भागीदारी देने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है. इसके अलावा उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि इससे वंचित वर्गों को अवसर मिले हैं.

12 साल में बिहार को 13 लाख करोड़ रुपये मिलने का दावा

सम्राट चौधरी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में बिहार को करीब 13 लाख करोड़ रुपये मिले हैं. उन्होंने पुल और सड़क परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में राज्य में कई लंबित पुल परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ा और नए पुलों का निर्माण भी शुरू हुआ. मुख्यमंत्री के अनुसार, बिहार में फिलहाल आठ पुल परियोजनाओं पर काम चल रहा है. उन्होंने बक्सर, सोनपुर, भागलपुर और कहलगांव-कटैया सहित विभिन्न क्षेत्रों में पुल और संपर्क परियोजनाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से आवागमन बेहतर होगा और राज्य के अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी.

बेगूसराय-सूर्यगढ़ा के बीच बनेगी छह लेन की सड़क

मुख्यमंत्री ने बेगूसराय से सूर्यगढ़ा के बीच छह लेन की सड़क बनाने की योजना का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि सड़क और पुल जैसी परियोजनाएं बिहार के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएंगी. बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, रोजगार और परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

नालंदा विश्वविद्यालय और मंदिर कॉरिडोर का जिक्र

सम्राट चौधरी ने पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी परियोजनाओं को भी बिहार के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय, विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और बोधगया में मंदिर कॉरिडोर के निर्माण का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से बिहार की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा. इससे पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचने की उम्मीद है.

कोसी-मेची लिंक और एयरपोर्ट परियोजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कोसी-मेची लिंक परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे सिंचाई और कृषि क्षेत्र को लाभ मिल सकता है. उन्होंने इस परियोजना के लिए केंद्र से राशि मिलने की बात कही. हालांकि, परियोजना के लिए बताई गई 11.5 करोड़ रुपये की राशि की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है. हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए भी केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र किया गया. मुख्यमंत्री के मुताबिक, उड़ान योजना के तहत किशनगंज, फारबिसगंज, सहरसा, वीरपुर और वाल्मीकिनगर सहित कई स्थानों पर हवाई सेवा और एयरपोर्ट से जुड़ी संभावनाओं पर काम किया जाएगा.

बिहार में बाढ़ रोकने के लिए हाई लेवल डैम का बनेगा DPR

बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या पर सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य को बाढ़ से राहत दिलाने के लिए हाई लेवल डैम के निर्माण की दिशा में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी. बिहार के कई इलाकों में बाढ़ से जान-माल और खेती को नुकसान होता है. ऐसे में डैम और जल प्रबंधन से जुड़ी योजनाएं महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से बिहार में विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने भरोसा जताया कि बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, पर्यटन और बाढ़ नियंत्रण जैसे क्षेत्रों में काम से राज्य को विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.



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