नवरात्रि के तीसरे दिन होती है मां चंद्रघंटा की पूजा, उज्जैन के आचार्य से जानें माता का प्रिय भोग और मंत्र

नवरात्रि के तीसरे दिन होती है मां चंद्रघंटा की पूजा, उज्जैन के आचार्य से जानें माता का प्रिय भोग और मंत्र


उज्जैन. शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व की शुरुआत हो चुकी है. हिंदू धर्म में इन 9 दिनों को मां दुर्गा की आराधना और उपासना के लिए बेहद खास माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान माता रानी धरती पर आकर अपने भक्तों को सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद देती हैं. इस दौरान मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है. इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ 11 अक्टूबर से हुआ है. नवरात्रि के तीसरे दिन मां के किस स्वरूप की पूजा करनी चाहिए, उन्हें कौन सा भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है और देवी के किन मंत्रों का जाप करना चाहिए, उज्जैन के पंडित आनंद भारद्वाज से जानते हैं.

उन्होंने लोकल 18 को बताया कि नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है. देवी की पूजा विधि-विधान, सच्चे मन और श्रद्धा भाव से करें, तो आप पहले से अधिक साहसी और निडर हो सकते हैं. वहीं कुंडली में मौजूद शुक्र ग्रह से संबंधित दोष भी दूर होता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि मां चंद्रघंटा का संबंध शुक्र ग्रह से भी है. यदि आप अपने परिवार में सुख-समृद्धि लाना चाहते हैं, तो भी देवी की पूजा करें. इससे वह प्रसन्न होकर परिवार की रक्षा करती हैं. शादी में रुकावट आ रही है, तो दुर्गा के इस स्वरूप की पूजा करने से विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं. मां चंद्रघंटा की पूजा से जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की मिलती है.

कैसा है मां चंद्रघंटा का स्‍वरूप?
मां चंद्रघंटा की सवारी स‍िंह है और उनका रूप सौम्‍य है. शेर पर सवार मां चंद्रघंटा का स्‍वरूप शांतिदायक है. उनके माथे पर घंटे के आकार का अर्थचंद्र है, इसलि‍ए उन्‍हें चंद्रघंटा कहा जाता है. उनकी 10 भुजाएं हैं और सभी अलग-अलग शस्‍त्रों से विभूषित हैं. वह हाथों में गदा, त्र‍िशूल, तलवार और धनुष धारण करती हैं. उनकी मुद्रा ऐसी है, जैसे वह दुष्टों का दमन और विनाश करने में सदैव तत्पर हैं, इसलिए मां अपने भक्‍तों के कष्‍टों का निवारण त्वरित रूप से करती हैं.

मां चंद्रघंटा का प्रिय भोग
नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के 9 स्वरूपों में से मां चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता को दूध से बनी मिठाइयां और खीर अर्पित करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से भक्तों को मानसिक अशांति, शारीरिक परेशानियों और आर्थिक संकटों से मुक्ति पाने का आशीर्वाद मिलता है.

जरूर करें इन मंत्रों का जाप
– “या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नमः।

– पिंडज प्रवरारूढा, चंडकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं, चंद्रघंटेति विश्रुता।।

– ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥



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