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UP Congress News: यूपी कांग्रेस मुख्यालय में रविवार को नई प्रदेश प्रभारी के कार्यप्रभार लेने के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच जूते चप्पल चल गए. वहीं, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय बदसलूकी से नराज हो कर वहीं धरने पर बैठ गए.
यूपी कांग्रेस मुख्यालय में कार्यकर्ताओं के बीच चले जूते-चप्पल और थप्पड़. (वीडियो ग्रैब)
UP Congress News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में रविवार को बवाल मच गया. कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि यह घटना उस समय हुई जब पार्टी में नए पदों के ग्रहण और स्वागत का कार्यक्रम चल रहा था. नेताओं की मौजूदगी में ही पार्टी के दो गुटों और उनके समर्थकों के बीच आपसी कलह खुलकर सामने आ गई, जिससे वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आराधना मिश्रा के पदभार ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इसी कार्यक्रम के दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और अन्य नेताओं के समर्थकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते यह मामूली विवाद एक बड़े झगड़े में तब्दील हो गया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. कार्यालय परिसर के भीतर ही दोनों तरफ से जमकर धक्का-मुक्की और नारेबाजी हुई.
जूते-चप्पल चलने की नौबत, अजय राय ने लगाया आरोप
विवाद इतना बढ़ गया कि कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई और जूते-चप्पल तक चलने की बात सामने आई है. घटना के दौरान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पार्टी नेत्री ममता चौधरी पर गंभीर रूप से बदसलूकी करने का आरोप लगाया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया. कार्यालय परिसर में मचे इस घमासान से वहां मौजूद अन्य वरिष्ठ नेता भी अचकचा गए.
वरिष्ठ नेताओं ने संभाला मोर्चा
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी और इमरान मसूद तुरंत मौके पर आए. उन्होंने दोनों पक्षों के नाराज कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की और बीच-बचाव करते हुए प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को सुरक्षित रूप से कार्यक्रम स्थल के अंदर ले गए. इस घटनाक्रम के बाद से पार्टी के सामान्य कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिल रही है, और इस आंतरिक कलह ने एक बार फिर विपक्षी दल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.