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Houthi Missiles Stockpile: अमेरिका से युद्ध के वक्त जिस तरह से ईरान ने उन्हें चौंका दिया था, ठीक उसी तरह से हूतियों ने भी सऊदी अरब को अपनी मिसाइल क्षमता से चौंका दिया. खैर, अब उससे लड़ने के लिए इस्लामिक वर्ल्ड के दो और खिलाड़ी- तुर्की और पाकिस्तान भी साथ आ चुके हैं. अब सवाल ये है कि क्या हूती अपने मिसाइलों के टार्गेट पर इस्लामाबाद को रख सकते हैं?
हूतियों के पास है अगले 5 साल तक का बारूदी स्टॉक. (सांकेतिक तस्वीर)
यमन के हूती विद्रोहियों ने हाल के महीनों में सऊदी अरब के खिलाफ लंबी लड़ाई की तैयारी का दावा किया है. कुछ रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया चर्चाओं में यह कहा जा रहा है कि उनके पास इतनी मिसाइलें हैं कि वे पांच साल तक युद्ध जारी रख सकते हैं. हालांकि हूती प्रवक्ता याह्या सरी या नेता अब्दुल मलिक अल-हूती के आधिकारिक बयानों में पांच साल का सटीक आंकड़ा स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है. उन्होंने एक लंबी लड़ाई के लिए तैयार होने और नाकाबंदी हटने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही है.
एक विश्लेषक अब्दुल मलिक अल-हूती ने मोखा बंदरगाह पर कब्जे के बाद छूटे हथियारों के आधार पर 10 साल तक मुकाबले की क्षमता का जिक्र किया था. विशेषज्ञों के मुताबिक हूतियों के पास 100-200 लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें और 1000 से कम ड्रोन हैं. ये संख्या बहुत बड़ी नहीं है लेकिन वे सस्ते ड्रोन, मिसाइल और घरेलू उत्पादन के जरिए एसीमट्रिक वॉर लड़ने में माहिर हैं. माना जाता है कि ईरान की मदद, स्थानीय निर्माण और पकड़े गए हथियारों से उनका भंडार मजबूत हुआ है.
हूतियों के पास कौन सी मिसाइलें हैं?
हूतियों का शस्त्रागार मुख्य रूप से ईरानी डिजाइन पर आधारित है, जिसमें स्थानीय असेंबली और संशोधन शामिल हैं. हूतियों को लेकर जितनी जानकारी है, उसके मुताबिक उनके पास देसी मिसाइलों का भंडार और वे खुद अपने हथियार तैयार करते हैं. इसमें कोई दो राय नहीं है कि ये सब कुछ ईरानी हथियारों की प्रेरणा और डिजाइन पर आधारित है. एक अनुमान के मुताबिक उनके पास ये हथियार हो सकते हैं –
- बरकान सीरीज: 800-1200 किमी रेंज वाली बैलिस्टिक मिसाइलें, सऊदी लक्ष्यों के लिए इस्तेमाल.
- तूफान: 1350-1950 किमी तक की अनुमानित रेंज, इजरायल तक पहुंचने में सक्षम.
- फिलिस्तीन-2: दावा किया गया हाइपरसोनिक, 2000 किमी से अधिक रेंज (कुछ स्रोतों में 2150 किमी).
- क्रूज मिसाइलें (कुद्स आदि): 700-800 किमी.
- ड्रोन (समद, कासिफ, शाहेद-टाइप): 1500-2500 किमी तक की दावा की गई रेंज.
विशेषज्ञों का अनुमान है कि उनके पास 100-200 लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें और 1000 से कम ड्रोन हैं. ये संख्या सीमित है लेकिन सस्ते और मोबाइल सिस्टम उन्हें असममित युद्ध में प्रभावी बनाते हैं.
इस्लामाबाद तक आ रही है पर हमला संभव?
ये सवाल इसलिए उठता है क्योंकि पाकिस्तान और तुर्की उस मक्का पैक्ट का हिस्सा है, जिसके चलते सऊदी अरब की सुरक्षा में उसकी सेनाएं उतरी हैं. ऐसे में अगर हूती पाकिस्तान के खिलाफ हमला करते हैं, तो क्या उसकी मिसाइलें वहां तक पहुंच पाएंगी? सना से इस्लामाबाद की सीधी दूरी लगभग 3540 किलोमीटर है. हूतियों की सबसे लंबी दावा की गई मिसाइल फिलिस्तीन-2 और ड्रोन की रेंज 2000-2500 किमी के आसपास है. यह दूरी पूरी करने के लिए पर्याप्त नहीं है. न तो कोई ज्ञात हूती मिसाइल और न ही ड्रोन इस्लामाबाद तक पहुंच सकता है. हूतियों का फोकस सऊदी अरब, रेड सी शिपिंग और इजरायल पर रहा है. पाकिस्तान के खिलाफ कोई इरादा या क्षमता का संकेत नहीं मिला है. हूतियों की ताकत उनकी लागत-प्रभावी मिसाइल- ड्रोन रणनीति, पहाड़ी इलाके और ईरानी सपोर्ट में है लेकिन सीमित स्टॉक, नाकाबंदी और सऊदी-अमेरिकी हमलों से उनका भंडार जल्दी खत्म हो सकता है.