नहीं हो रही शादी या कोई इच्छा अधूरी? नवरात्रि में करें ये 3 काम, बन जाएगी बात
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Sharadiya Navratri Rituals : शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है. अब भक्त कलश स्थापना से लेकर नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना में लीन रहेंगे. मान्यता है कि इस दौरान कुछ विशेष धार्मिक उपाय करने से जीवन की परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है. आइए जानते हैं ऐसे ही तीन उपायों के बारे में, जो रामबाण माने जाते हैं. लोकल 18 से अयोध्या के पंडित सीताराम दास बताते हैं कि धार्मिक अनुष्ठानों में सुपारी का अलग महत्व है. इसकी मदद से विवाह में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सकता है. नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा के दौरान लाल रंग के फूल अर्पित करना भी शुभ होता है.
अयोध्या. मां दुर्गा की उपासना के लिए शारदीय नवरात्रि को बेहद पवित्र और शुभ माना जाता है. इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखकर माता रानी से सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में सच्चे मन से की गई पूजा और साधना का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस दौरान कुछ विशेष धार्मिक उपाय करने से जीवन की परेशानियों से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की जा सकती है. साल 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो चुकी है. भक्त कलश स्थापना से लेकर नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना में लीन रहेंगे. अयोध्या के पंडित सीताराम दास लोकल 18 से बताते हैं कि नवरात्रि में कुछ उपायों को श्रद्धा और विधि-विधान के साथ करना शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं ऐसे ही तीन उपायों के बारे में, जिन्हें रामबाण माना जाता है.
बना लें पोटली
पंडित सीताराम दास बताते हैं कि धार्मिक अनुष्ठानों में सुपारी का अलग महत्व है. पूजा-पाठ से लेकर कई मांगलिक कार्यों में इसका इस्तेमाल किया जाता है. नवरात्रि के दौरान भी सुपारी से जुड़ा एक उपाय प्रचलित है. एक सुपारी लें और उस पर अच्छी तरह सिंदूर लगाएं. इसके बाद एक साफ पीले कपड़े में सुपारी को रखकर उसकी पोटली बना लें. नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करते समय इस पोटली को देवी के चरणों में अर्पित करें और विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करें. धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से विवाह संबंधी परेशानियों से राहत मिलती है. कुछ मान्यताओं में विवाह के बाद भी इस सुपारी को संभालकर रखने की बात कही जाती है. इससे दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बनता है.
साहस का प्रतीक
पंडित सीताराम दास बताते हैं कि नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा के दौरान लाल रंग के फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है. खासतौर पर गुड़हल के फूल को मां दुर्गा की आराधना में महत्वपूर्ण स्थान है. लाल रंग शक्ति, ऊर्जा और साहस का प्रतीक माना जाता है. ऐसे में नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा को लाल पुष्प अर्पित करें और पूरे मन से उनकी पूजा-अर्चना करें. इसके साथ ही नवग्रहों की शांति और जीवन में सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें. मान्यता है कि देवी को श्रद्धापूर्वक फूल चढ़ाने से भक्तों को मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है.
बनाएं लौंग की माला
पंडित सीताराम दास कहते हैं कि नवरात्रि की पूजा में लौंग का इस्तेमाल भी शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लौंग को देवी की आराधना से जोड़कर देखा जाता है. अगर किसी व्यक्ति की कोई इच्छा लंबे समय से पूरी नहीं हो रही है, तो इसके लिए लौंग से जुड़ा एक पारंपरिक उपाय बताया जाता है. इस उपाय के अनुसार अपनी उम्र के बराबर साबुत लौंग लें और उन्हें एक साथ पिरोकर माला तैयार करें. इसके बाद नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करते समय इस माला को देवी को अर्पित करें. पूजा के दौरान अपनी मनोकामना मां के सामने रखें और उसके पूरा होने की प्रार्थना करें. जब इच्छा पूरी हो जाए, तो अर्पित की गई लौंग की माला को परंपरा के अनुसार जल में प्रवाहित करने या मिट्टी में दबा दें.