नेपाल: बूढ़ी गंडकी में सैलाब से गोरखा में घर और पुल बहे, बिहार में बाढ़ का कितना खतरा? जल संसाधन मंत्री ने दिया जवाब


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Nepal Budhi Gandaki Flood Danger in Bihar: नेपाल के गोरखा जिले के चुमनुब्री इलाके में 11 अक्टूबर की सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक बाढ़ आ गई. नेपाल से इसकी भयावह तस्वीरें सामने शुरू हुईं तो बिहार में भी इसको लेकर आशंकाएं गहराने लगीं कि क्या बिहार में भी इसका असर पड़ेगा और प्रदेश फिर से बाढ़ की चपेट में घिर जाएगा? नेपाल की बाढ़ से बिहार में किस तरह के खतरे का अंदेशा है? पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िये.

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नेपाल : बूढ़ी गंडकी में सैलाब से गोरखा में घर-पुल बहे, बिहार को कितना खतरा? Zoom

नेपाल में बूढ़ी गंडकी में भीषण सैलाब, बिहार में अलर्ट.

पटना. नेपाल के गोरखा जिले में भूस्खलन के बाद बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक सैलाब आने से बिहार में भी बाढ़ के खतरे को लेकर सवाल उठ रहे हैं. नेपाल से आ रही जानकारी के अनुसार, भूस्खलन के कारण नदी की एक सहायक धारा का प्रवाह बाधित हुआ और इसके बाद पानी तेजी से नीचे की ओर बढ़ा. इस घटना में कई मकानों और पुलों को नुकसान पहुंचने की खबर है. इसकी दिल दहला देने वाली तस्वीरें भी सामने आ रहीं हैं. नेपाल के अधिकारियों ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है. इस बीच बाढ़ के कारणों और नुकसान का आकलन किया जा रहा है. वहीं, बिहार में बाढ़ के खतरे को लेकर भी आशंकाओं ने लोगों को डरा दिया है. हालांकि, बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा है कि इस घटना से राज्य को फिलहाल खतरा नहीं है.

जल संसाधन मंत्री के मुताबिक, भूस्खलन के कारण नदी में गाद की मात्रा अधिक है, जिससे पानी के प्रवाह पर असर पड़ा है. वहीं, दूसरी ओर, बिहार में बूढ़ी गंडक समेत कई नदियों का जलस्तर पहले से चेतावनी स्तर के ऊपर है. ऐसे में नदी के जलस्तर पर नजर रखना भी जरूरी है.

बिहार को फिलहाल खतरा नहीं : विजय चौधरी

जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा है कि नेपाल में भूस्खलन के कारण बाढ़ आई है, लेकिन इससे बिहार को फिलहाल खतरा नहीं है. उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि भूस्खलन के कारण पानी के साथ गाद की मात्रा अधिक है और इससे नदी के प्रवाह पर असर पड़ा है. मंत्री के मुताबिक, जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ है, वहां से बिहार के वाल्मीकिनगर बराज की दूरी करीब 200 किलोमीटर है. हालांकि, बाढ़ का असर कितना होगा, इसका आकलन नदी के प्रवाह और जलस्तर की स्थिति के आधार पर ही किया जा सकता है.

बिहार में बूढ़ी गंडक समेत कई नदियां चेतावनी स्तर से ऊपर

इस बीच बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मुजफ्फरपुर के कांटी में बूढ़ी गंडक का जलस्तर 53.61 मीटर दर्ज किया गया. यहां चेतावनी स्तर 53.09 मीटर और खतरे का स्तर 54.09 मीटर है. खगड़िया में नदी का जलस्तर 36.32 मीटर था, जबकि चेतावनी स्तर 35.58 मीटर और खतरे का स्तर 36.58 मीटर है. इसका मतलब यह कि दोनों स्थानों पर पानी चेतावनी स्तर से ऊपर है.

भागलपुर में कटाव रोकने के लिए बचाव कार्य

मंत्री विजय चौधरी ने भागलपुर के महादेवपुर में कटाव की स्थिति का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वहां बचाव के लिए अधिकारी लगातार मौके पर पहुंचकर काम कर रहे हैं और फिलहाल खतरा नहीं है. नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार की नदियों पर नजर रखना जरूरी है. राज्य में कुछ नदियों का जलस्तर पहले से चेतावनी स्तर से ऊपर होने के कारण अगले अपडेट अहम होंगे. फिलहाल मंत्री ने नेपाल की घटना से बिहार को खतरा होने की आशंका से इनकार किया है.



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