दोस्त ने उधार लेकर पैसे नहीं लौटाए तो क्या करें? वकील ने बताया पैसा वापस पाने का तरीका

दोस्त ने उधार लेकर पैसे नहीं लौटाए तो क्या करें? वकील ने बताया पैसा वापस पाने का तरीका


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दोस्तों या रिश्तेदारों को पैसे उधार देते समय सावधानी बरतना जरूरी है. मिर्जापुर जिला न्यायालय के अधिवक्ता रवि सोनी के मुताबिक, लिखित समझौता, बैंक ट्रांसफर और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज पैसे वापस मांगने के लिए कानूनी आधार मजबूत करने में मदद कर सकते हैं. जानिए उधार के पैसे वापस नहीं मिलने पर कौन से कानूनी विकल्प उपलब्ध हैं और चेक बाउंस होने पर एनआई एक्ट की धारा 138 कैसे लागू हो सकती है.

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मिर्जापुर: अक्सर आप दोस्तों को पैसे उधार दे देते हैं, जिसके बाद वापस नहीं मिलता है. पैसे वापस नहीं मिलने पर आप परेशान होते हैं, जहां कोई कानूनी कार्रवाई भी नहीं कर पाते हैं. अगर आप भी किसी को पैसे उधार दे रहे हैं तो इन नियमों को ध्यान में रख लें. नियमों के तहत पैसे उधार देने पर आप कानूनी तौर पर पैसे वापस ले सकते हैं. दोस्त को पैसे उधार देने से पहले इस खबर को जरूर देख लें और तय नियमों के मुताबिक अगर आप पैसे उधार देंगे तो पैसे वापस मिलने का अनुमान शत प्रतिशत बना रहता है, जहां न्यायिक व्यवस्था में भी आपको मदद मिलती है.

मिर्जापुर जिला न्यायालय के अधिवक्ता रवि सोनी ने बताया कि अगर कोई भी व्यक्ति अपने किसी भी परिचित दोस्तों के या परिचित को पैसा उधार दे रहा है तो उनसे एक स्टाम्प पेपर पर लिखा पढ़ी करा करके रखें. यह लिखा-पढ़ी 100 के स्टाम्प पेपर पर हो. उसमें दर्शाया हो कि हमने कोई पैसा दिया और जरिए उनको खाते के माध्यम से पैसा देना ही उचित बनेगा. कैश में देता है तो उसकी कहीं मान्यता नहीं होगी. कैश का कोई लेखा-जोखा मान्यता प्राप्त नहीं रहेगा.

चेक भी है जरूरी

रवि सोनी ने बताया कि अगर सामने वाला व्यक्ति या उनके परिचित चेक दे दें तो ये उसके लिए सबसे ज्यादा सूटेबल रहेगा कि चेक के माध्यम से कभी भी एनआई एक्ट 138 में मुकदमा फाइल करके अपना पैसा वापस प्राप्त कर सकता है.

इनके अलावा पैसा प्राप्त होने की कोई चांस नहीं रहेगा. आईपीसी में ​पहले 406 में मुकदमा दर्ज होता था. अब यह बदलकर 316 बीएनएस हो गई है. इसके तहत मुकदमा कर सकते हैं, लेकिन साक्ष्य देना बहुत महत्वपूर्ण रहेगा.

ये चीजें महत्वपूर्ण

रवि सोनी ने बताया कि 100 रुपये का स्टाम्प बनवा रहे हैं तो उसमें लिखकर दें कि किस आवश्यकता के लिए आपने पैसा दिया और कितना पैसा दे रहे हैं. उसके खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से उसको पैसा प्राप्त कराया जाए, जिसके आधार पर वह पैसा लेकर के अपना क्या काम कर रहे हैं तो उसके अकाउंट में जाएगा. जब उनके अकाउंट से और आपके अकाउंट तालमेल खाएगा. आप मुकदमा लिखवा पाएंगे न्यायालय के माध्यम से. चाहे एफआईआर थाने के माध्यम से करा सकते हैं.



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