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झांसी के बड़ा गांव ब्लॉक से खरीदे गए उर्द के बीज की गुणवत्ता पर किसानों ने सवाल उठाए हैं. किसानों के मुताबिक, उन्होंने बड़ा गांव ब्लॉक के गोदाम से करीब ढाई क्विंटल उर्द का बीज खरीदा था. बीज खरीदते समय उन्हें अच्छी पैदावार होने की बात बताई गई थी. किसानों का कहना है कि एक पौधे में 70 से 80 फलियां निकलने का दावा किया गया था. इसी भरोसे के साथ उन्होंने अपने खेतों में बीज बोया और फसल तैयार होने का इंतजार किया.
झांसी: उर्द की खेती करने वाले किसानों ने बीज की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं. किसानों का आरोप है कि बड़ा गांव ब्लॉक के गोदाम से खरीदे गए उर्द के बीज से उन्हें अच्छी पैदावार नहीं मिली. किसानों ने जिस फसल से अच्छी कमाई की उम्मीद लगाई थी, उसमें फलियां कम निकलने से उनकी चिंता बढ़ गई है.
किसानों के मुताबिक, उन्होंने बड़ा गांव ब्लॉक के गोदाम से करीब ढाई क्विंटल उर्द का बीज खरीदा था. बीज खरीदते समय उन्हें अच्छी पैदावार होने की बात बताई गई थी. किसानों का कहना है कि एक पौधे में 70 से 80 फलियां निकलने का दावा किया गया था. इसी भरोसे के साथ उन्होंने अपने खेतों में बीज बोया और फसल तैयार होने का इंतजार किया.
उड़द का बीज निकला नकली
फसल तैयार होने पर किसानों को उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिला. उनका आरोप है कि पौधों में 70 से 80 फलियां निकलने के बजाय कहीं दो, कहीं चार तो कहीं सिर्फ पांच फलियां ही दिखाई दीं. किसानों का कहना है कि इतनी कम फलियां निकलने से उनकी पैदावार पर असर पड़ा है. अब उन्हें अपनी लागत और मेहनत के बदले मिलने वाले पैसे की चिंता सता रही है.
खेती में अच्छी पैदावार के लिए किसान मौसम और खेत की तैयारी के साथ बीज की गुणवत्ता पर भी भरोसा करते हैं. बीज खरीदने के बाद खेत तैयार करना, बुवाई करना और फसल की देखभाल करना आसान काम नहीं है. इसमें समय के साथ पैसा भी लगता है. ऐसे में जब फसल में उम्मीद से कम फलियां निकलती हैं तो किसान के सामने आर्थिक नुकसान का खतरा खड़ा हो जाता है.
बीज की हो जांच, किसानों ने उठाई मांग
बड़ा गांव ब्लॉक से बीज खरीदने वाले किसानों ने इसी बात को लेकर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि गोदाम से दिया गया उर्द का बीज अच्छी गुणवत्ता का नहीं था. हालांकि, केवल कम फलियां निकलने के आधार पर बीज के खराब होने की पुष्टि नहीं की जा सकती. इसके लिए बीज की गुणवत्ता की जांच और फसल की स्थिति से जुड़ी दूसरी बातों को देखना जरूरी है. अब इस मामले में कुछ सवालों के जवाब मिलना बाकी हैं. किसानों को दिए गए बीज की गुणवत्ता की जांच कैसे हुई थी. एक पौधे में 70 से 80 फलियां निकलने का दावा किस आधार पर किया गया था. अगर किसानों की फसल में फलियां कम निकली हैं तो इसकी वजह क्या है.
किसानों के आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना भी जरूरी है. बीज की जांच और अधिकारियों के जवाब से ही पूरे मामले की स्थिति साफ हो सकेगी. फिलहाल किसान अपनी फसल में कम फलियां निकलने की वजह जानना चाहते हैं, ताकि उन्हें पता चल सके कि उनकी मेहनत और खर्च के बाद पैदावार इतनी कम क्यों रही.