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Codeine Cough Syrup Smuggling Case: कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में एसटीएफ ने जो चार्जशीट शनिवार को दाखिल की है, उसमें शुभम जायसवाल सहित चार लोगों का नाम है. इस मामले के मुख्य आरोपियों में अमित सिंह टाटा और बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह समेत करीब आधा दर्जन आरोपी जेल में हैं. फरार आरोपियों की तलाश जारी है
कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में यूपी एसटीएफ ने दाखिल की चार्जशीट.
लखनऊः उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित कोडीन कफ सिरफ सिंडिकेट मामले में यूपी एसटीएफ ने शनिवार को चार्जशीट दाखिल कर दी. इस चार्जशीट में दुबई में बैठे मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल समेत चार आरोपियों के नाम शामिल हैं. सिंडिकेट के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल, उसके मौसेरे भाई गौरव जायसवाल, अमित जायसवाल और विकास सिंह नर्वे का नाम एसटीएफ की चार्जशीट में शामिल है. बता दें कि मामले का खुलासा होने के बाद से शुभम और गौरव दुबई में छिपे बैठे हैं. दोनों आरोपियों को भारत लाने के लिए एसटीएफ गृह और विदेश मंत्रालय से पत्राचार कर चुकी है.
किसका क्या था रोल? चार्जशीट में खुलासा
चार्जशीट के मुताबिक दोनों की भारत वापसी की प्रक्रिया जारी है. चार्जशीट के मुताबिक सिंडिकेट का फंड मैनेजर गौरव जयसवाल था. रकम कहां से आएगी, कहां खपाई जाएगी और कमीशन तय करना, सब गौरव का काम था. चार्जशीट के मुताबिक विकास सिंह नर्वे पूर्वांचल में सिंडिकेट का काम देखता था. विकास सिंह से जुड़ी एक दर्जन फर्म के जरिए सिरप की खरीद फ़रोख़्त की जाती थी. वहीं शैली ट्रेडर्स और हरि फार्मा के जरिए 10 करोड़ रुपए के सिरप खरीद की पुष्टि हुई. एसटीएफ ने इस मामले में अब तक 32 आरोपी बनाए हैं, जिनमें 19 गिरफ्तार हो चुके हैं.
आधा दर्जन आरोपी जेल में
वहीं 14 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है. मुख्य आरोपियों में अमित सिंह टाटा और बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह समेत करीब आधा दर्जन आरोपी जेल में हैं. फरार आरोपियों की तलाश जारी है. बता दें कि इस सिंडिकेट के तार केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि आसपास के राज्यों के साथ-साथ बांग्लादेश से भी जुड़े हुए हैं.