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Uttarakhand Aaj Ka Mausam 11 October: उत्तराखंड में 11 अक्टूबर के मौसम को लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा पूर्वानुमान जारी किया है. IMD के अनुसार देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार हैं. वहीं मैदानी जिले हरिद्वार और उधम सिंह नगर में मौसम शुष्क रहेगा. जानिए सभी पर्वतीय जिलों में बारिश, ठंड और तापमान का पूरा वेदर अपडेट.
11 अक्टूबर को बदलेगा मौसम का मिजाज, पर्वतीय जिलों में बारिश-बर्फबारी
Uttarakhand Aaj Ka Mausam 11 October: मानसून की विदाई के बाद भी देवभूमि उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला थम नहीं रहा है. बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने पर्वतीय जिलों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी ठंड बढ़ा दी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 11 अक्टूबर को राज्य के ऊंचाई वाले पहाड़ी जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होने तथा 3500 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई पर हल्की बर्फबारी की संभावना जताई है. इसके साथ ही इन इलाकों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने के आसार बने हुए हैं. पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि व तेज हवाएं दर्ज की गई हैं.
पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बर्फबारी का अनुमान
मौसम विभाग केंद्र (आईएमडी) ने मुताबिक, 11 और 12 अक्टूबर को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में मौसम करवट लेगा. इन जिलों में 3500 मीटर या इससे अधिक ऊंचाई पर स्थित चोटियों पर ताजा बर्फबारी हो सकती है. 13 अक्टूबर को नैनीताल जिले में भी हल्की बारिश और गर्जन के आसार जोड़े गए हैं, जबकि 14 और 15 अक्टूबर को भी उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में हल्की वर्षा का दौर बना रह सकता है.
मैदानी जिलों में मौसम रहेगा साफ, नहीं है कोई चेतावनी
राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने 11 से 14 अक्टूबर के बीच राज्य के लिए किसी प्रकार का कोई अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की है. हरिद्वार और उधम सिंह नगर के साथ-साथ राज्य के अन्य मैदानी हिस्सों में मौसम सामान्य रहेगा और किसानों तथा यात्रियों के लिए आवागमन अनुकूल बना रहेगा.
मानसून की विदाई के बाद भी बारिश क्यों?
मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने स्पष्ट किया है कि अक्टूबर में मानसून की विदाई का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि बारिश पूरी तरह खत्म हो गई है. सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और वातावरण में पर्याप्त नमी मिलने पर उत्तराखंड के पर्वतीय भागों में कम समय के भीतर तेज बारिश, ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की स्थितियां बन सकती हैं.